नई दिल्ली (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आतंकी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार कर रही है। इसी क्रम में जांच एजेंसी ने गुजरात और महाराष्ट्र से एक-एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। दोनों के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े होने का शक है।
अहमदाबाद जिले के साणंद के मदरसा में कार्यरत एक व्यक्ति को उसकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर एनआईए ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार एनआईए को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए देश में आतंकी संगठन की जड़ें फैलाने और इसके माध्यम से कट्टरपंथियों को जोड़ने की जानकारी मिली थी। इसके बाद गुरुवार को एनआईए ने अहमदाबाद के निकट साणंद के एक मदरसा में नौकरी कर रहे आदिल को हिरासत में लिया। जांच एजेंसी को इस संबंध में इनपुट मिला था कि आदिल सोशल प्लेटफार्म पर आतंकी गतिविधियों से जुड़कर देशविरोधी कामों में लिप्त है। फिलहाल एनआईए इस संबंध में पूछताछ कर विस्तृत जानकारी एकत्रित करने में जुटी है।
महाराष्ट्र के अमरावती में एनआईए ने गुरुवार तड़के छायानगर से एक संदिग्ध को पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क होने के शक में हिरासत में लिया। उसे राजापेठ पुलिस स्टेशन में लाकर एनआईए की टीम गहन पूछताछ कर रही है। छापेमारी के दौरान उसके पास से कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। एनआईए ने इस संबंध कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार एनआईए की टीम को संदिग्ध 35 वर्षीय युवक पर पिछले छह महीने से शक था। इसी वजह से उसकी निगरानी कर रही थी। आज तड़के एनआईए ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से अमरावती के छायानगर में छापा मारा और संदिग्ध के घर की तलाशी ली। इस दौरान घर में कुछ दस्तावेज मिलने के बाद एनआईए की टीम ने उसे हिरासत में लिया।
अन्य राज्यों में भी छापा
एनआईए की टीम ने आज आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्धों की तलाश में महाराष्ट्र के साथ ही जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तर प्रदेश और गुजरात में छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि एनआईए की कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद के सहयोगी शेख सुल्तान सलाह उद्दीन अयूबी उर्फ अयूबी की निशानदेही पर की जा रही है। एनआईए ने दो महीने पहले असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में 26 स्थानों पर तलाशी के बाद अयूबी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आज पांच राज्यों में 19 जगहों पर छापेमारी की गई है। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादी युवाओं को प्रलोभन देकर कट्टरपंथी बनाने में लगे हुए हैं। इस मामले की गहन छानबीन एनआईए की टीम कर रही है।
सोशल मीडिया से कट्टरता फैला रहे आतंकी संगठन
पिछले कुछ वर्षों से आतंकी संगठन की जड़ें सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए फैलने में लगी हैं। इसके तहत सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बनाकर लोगों को इसमें जोड़ा जा रहा है। इसके बाद इस ग्रुप में अलग-अलग मॉड्यूल में इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा के साथ जोड़कर उन्हें आतंकी संगठनों के विचारधारा से परिचित कराया जाता है। इस संबंध में सेंट्रल जांच एजेंसियों को कई इनपुट मिले थे। इसे लेकर पूर्व की कई जांच में भी सोशल मीडिया की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इस मामले में एनआईए छानबीन कर रही है।

















