देहरादून: नैनीताल जिले में भीमताल क्षेत्र में सिलौटी नौकुचियाताल में बीते कुछ समय से किसी अज्ञात हमलावर वन्यजीव के आतंक की कहानी का अंत हो गया। कुछ दिन पूर्व जंगल मे चारा लेने गई 55 वर्षीय महिला की हमलावर वन्यजीव के हमले से मौत हो गई थी इस घटना के आरोपी का कुछ पता नहीं चल रहा था।
स्थानीय निवासियों के गुस्से को देखते हुए वन विभाग ने घटना स्थल के आसपास पिंजरे और निगरानी बड़ा दी, जिसमे सीसीटीवी कैमरे भी शामिल थे। हमलावर की तलाश और लगातार नजर रखी जा रही थी। बुधवार रात बाघ दिखने की सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम वहां पहुंची और वन्य जीव विशेषज्ञों की एक टीम ने उसे ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश किया और उसे पिंजरे में कैद कर लिया।
इसे भी पढ़ें: देहरादून में विशाल विरोध मार्च : बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ जनसभा आयोजित
वन विभाग ने बाघ को बेहोशी की हालत में रैस्क्यू सेंटर भेजा दिया है। पूर्व में महिला के घटनास्थल से खून और बाल के सैंपल लेकर देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजे गए हैं। ताकि पुष्टि हो सके कि इसी बाघ ने महिला को अपना निवाला बनाया। तब तक बाघ को रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जाएगा और उसके व्यवहार पर भी नजर रखी जाएगी।
इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड : हल्द्वानी में उमड़ा भगवा जन सैलाब, हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, इसी क्षेत्र से एक लेपर्ड को भी रैस्क्यू किया गया था। अब दोनों वन्यजीवों के सैम्पल महिला के सैम्पल से मैच (मिलाए) कराए जाएंगे। वन विभाग ने जंगल में 20 कैमरा ट्रैप लगाए और लगभग 30 कर्मचारी नरभक्षी की पहचान करने के लिए लगाए हुए थे। वन विभाग को स्थानीय लोगों की मदद से सफलता मिल सकी है। एक दो दिन में सैंपल रिपोर्ट आने के बाद वन विभाग तय करेगा कि कौन वन्य जीव जंगल में वापिस छोड़ा जाएगा और कौन जू भेजा जाएगा।

















