जामिया मिलिया इस्लामिया : इस्‍लामिक कन्‍वर्जन की सच होती बातें, शिकायत करने वाली रिचा को न्‍याय का इंतजार
October 2, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

जामिया मिलिया इस्लामिया : इस्‍लामिक कन्‍वर्जन की सच होती बातें, शिकायत करने वाली रिचा को न्‍याय का इंतजार

रिचा ने कहा मुझ पर ही दबाव बनाया जा रहा है, हमसे ही साक्ष्‍य मांगे जा रहे हैं, जो पीड़‍ित है, अब वही एविडेंस लाकर दे, यह कैसी व्‍यवस्‍था है?

Written byडाॅ. मयंक चतुर्वेदीडाॅ. मयंक चतुर्वेदी
Nov 17, 2024, 10:39 am IST
inविश्लेषण
Jamia millia Islamia Islamic conversion

‘विश्‍वविद्यालय प्रशासन एवं अल्‍पसंख्‍यकों पर कार्रवाई करने का भय पुलिस पर भी हो सकता है, देश की राजधानी में यह संकेत मिले हैं, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्‍वविद्यालय में हुई पिछले माह 16 अक्‍टूबर को प्रताड़‍ित परिवर्त‍ित नाम रिचा द्वारा पुलिस में शिकायत देने के बाद अब एक माह गुजर जाने के बाद भी उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से।’ यह तब है जब छात्रा लोक की आवाज यानी कि पत्रकारिता (चतुर्थ स्‍तम्‍भ) से जुड़ी होने के साथ ही दिव्यांग है और जिसके सम्‍मान की बातें आए दिन हमारे ब्‍यूरोक्रेट, नेतागण करते रहते हैं। रिचा ने अब तक जो कुछ भी उसके साथ घटा है वह पुलिस को बताया है, जो यह बताने के लिए पर्याप्‍त हैं कि आखिर इस विश्‍वविद्यालय में चल क्‍या रहा है? उसके दिए साक्ष्‍य बता रहे हैं कि खुले तौर पर यहां (धर्मांतरण) इस्‍लामान्‍तरण कराया जा रहा है। जिसमें कि विद्यार्थी छोड़‍िए फेकल्‍टी तक सीधे शामिल हैं। रिचा अब भी अपने साथ न्‍याय होने और आरोपित पर प्रभावी कार्रवाई (एफआईआर) दर्ज होने का इंतजार कर रही है।

इस घटना के बाद हाल ही में सामने आई ‘कॉल फॉर जस्टिस’ की रिपोर्ट ने भी यह साफ बता दिया है कि कैसे अल्‍पसंख्‍यकों (इस्‍लामिक) विश्‍वविद्यालय होने के नाम पर यहां गैर-मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जाता है और उन पर मजहबीकरण (मतान्‍तरण) के लिए दबाव डाला जाता है। इस समिति ने यहां भेदभाव से जुड़ी मुख्‍य 27 घटनाओं के साथ कई अन्‍य घटनाओं का जिक्र किया है, जो सीधे गैर मुसलमानों के प्रति यहां हुए बुरे बर्ताव को दर्शा रही हैं।

दरअसल, जामिया मिलिया इस्‍लामिया विवि की दिव्यांग हिन्दू छात्रा को इस्लाम कबूलने और हिजाब पहनने से इनकार करने पर रेप का डर दिखाकर धमकाया तक गया था। हालांकि, वे इस तरह का व्‍यवहार सहने वाली अकेली गैर मुस्‍लिम छात्रा नहीं है, अन्‍य छात्राएं भी हैं जोकि यहां पढ़ा रहे कई इस्‍लामिक शिक्षकों एवं छात्रों के भेदभाव का शिकार हैं और उन्‍हें भी बार-बार हिन्‍दू होने के नाते अपमानित होना पड़ता है। इस्‍लाम को श्रेष्‍ठ बताने के साथ हिन्‍दू प्रतीक चिन्‍हों, परंपराओं, बहुविध देव पूजन पर प्रश्‍न खड़े करना और उसे इस्‍लाम की तुलना में बहुत नीचा दिखाने का प्रयास यहां आम बात है, पर वे अभी तक रिचा की तरह खुलकर सामने नहीं आई हैं, किंतु रिचा हिम्‍मती है, वह मीडिया के सामने अपनी की गई शिकायतों का जिक्र भी बहुत बेबाकी से करती हैं, साथ ही उन तमाम नामों से पर्दा उठाती हैं जोकि उस पर बार-बार इस्‍लाम अपनाने के लिए दबाव डालते रहे हैं ।

अब फिर एक बार रिचा से हुई एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत में सामने आया है कि दिल्‍ली पुलिस का उसे कोई सहयोग अब तक नहीं मिला है, बार-बार वह जांच करने की ही बात कह रही है। रिचा ने कहा, “हद यह है कि उससे पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि तुम को इतनी ज्‍यादा जल्‍दी है तो दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 156 (3) के तहत, कोर्ट में मजिस्ट्रेट के पास अपनी शिकायत लेकर क्‍यों नहीं चली जातीं, वह सीधे इस केस में संज्ञेय अपराध की जांच के लिए पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को निर्देश दे देंगे” रिचा का आज दर्द यह है कि उसे अब यह लगने लगा है कि उसने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्‍वविद्यालय में जो भी कुछ हो रहा है, पुलिस में उसकी शिकायत करके कोई बहुत बड़ी गलती कर दी है।

रिचा ने कहा, “मुझ पर ही दबाव बनाया जा रहा है, हमसे ही साक्ष्‍य मांगे जा रहे हैं, जो पीड़‍ित है, अब वही एविडेंस लाकर दे, यह कैसी व्‍यवस्‍था है? मैं और मेरे घरवाले यही चाहते हैं कि एक निष्‍पक्ष जांच हो, किंतु यहां तो अब भी हमें ही निशाना बनाया जा रहा है, हमें लग रहा है हमने पुलिस के पास जाकर तो कोई गलती नहीं कर दी ! पुलिस अब भी विवि प्रशासन से वीडियो सीसीटीवी फुटेज मांगे जाने की बात कह रही है, मैं सिर्फ इतना चाहती हूं कि मुझे न्‍याय मिले और यहां की अन्‍य छात्राएं एवं लोग जो अत्‍याचार होते रहने पर भी चुप रहते हैं, वह भी अपनी सच्‍चाई उजागर करने आगे आएं” पीड़ित छात्रा अपना दर्द बताते हुए कहती है कि जब से उसने मुखरता से धर्म परिवर्तन के लिए बनाए जा रहे दबाव का विरोध करना शुरू किया है, तब से उन्‍हें लगातार गंभीर खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इस विकलांगता के पीड़‍ित छात्रा का दर्द यह है कि सच कहने पर उसको उल्‍टा कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: ‘वंदे मातरम’ सुनना गुनाह, इस्लाम पालन करने का दबाव : जामिया मिलिया इस्लामिया में गैर-मुस्लिमों का उत्पीड़न और कन्वर्जन

रिचा ने बताया कि जामिया मिलिया इस्‍लामिया विवि में जो पीड़‍ित है, उस की कही बातों एवं लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेने के स्‍थान पर विश्‍वविद्यालय प्रशासन ने उसी के खिलाफ 26 अक्टूबर को एक्‍शन ले लिया, विश्वविद्यालय के स्थायी कानूनी सलाहकार के माध्यम से जो मुझे कानूनी नोटिस भेजा है, उसकी भाषा एवं प्रारूप ही गैरकानूनी है। हालांकि मेरे द्वारा उसका उत्‍तर नहीं दिया गया, क्‍योंकि वही जब सही नहीं है तब उसका उत्‍तर क्‍या देंगे। उन्‍होंने बताया कि लगातार उन पर दबाव डाला जा रहा है कि पह अपनी शिकायत को वापस ले अन्‍यथा मानहानि के लिए कोर्ट में तैयार रहे, जबकि हकीकत यह है कि विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार ने जो आरोप मुझ पर लगाए हैं, उनकी कोई जमीनी सच्‍चाई ही नहीं, सभी आरोप झूठे और निराधार हैं।

उल्‍लेखनीय है कि रिचा ने पहले विश्‍वविद्यालय में उन सभी से गुहार लगाई जो जिम्‍मेदार पदों पर बैठे हुए हैं, लेकिन जब देखा कि कोई कुछ नहीं कर रहा, उल्टा उसे ही परेशान किया जा रहा है, तब वह पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंची थी, जिसमें उसने बताया, “मैं एक साल से अधिक समय से कैंपस में उत्पीड़न, धमकी और जबरदस्ती के एक बेहद परेशान करने वाले पैटर्न से दुखी होकर आपसे मदद मांग रही हूं। इस स्थिति ने मेरे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ आज मेरे परिवार पर भी बहुत बुरा प्रभाव डाला है, ये सब मुझे इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने के लिए किया जा रहा है।” रिचा ने इस बारे में अब तक क्‍या घटा, सिलसि‍ले वार ढंग से बताया है, जिसमें सामने आया कि पिछले वर्ष 10 जुलाई, 2023 वह पहली तारीख है जब से उसे अनुचित फोन कॉल आना शुरू हुए, बाद में पता चला कि उसका फोन नंबर जामिया नगर में इब्ने सऊद नामक व्यक्ति द्वारा प्रसारित किया गया था। एक छात्र दानिश इकबाल ने एक अन्य छात्र की सहायता से उसे सामाजिक रूप से अलग-थलग करने के लिए अफ़वाहें तक फैलाईं।

अपनी आप बीती में रिचा अगस्त 2023 में घटी एक अन्‍य घटना का ज़िक्र करती हैं, जिसमें एक किरदार का नाम इकबाल और दूसरे का मीर कासिम है, इन दोनों ने उसे और अन्य छात्रों पर चुप रहने का दबाव बनाया था, जो स्‍पष्‍ट तौर पर गैर मुसलमानों के साथ घट रही घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते और आवाज़ उठाते थे। रिचा का कहना है, “एक दिव्यांग छात्रा के रूप में, मुझे विशेष सुविधाओं की आवश्यकता थी, लेकिन इसे प्रबंधन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया।” फिर इस साल के 20 अगस्त, 2024 तक उनके प्रति विश्‍वविद्यालय में विशेष समुदाय का उत्पीड़न और बढ़ गया, उन पर उपस्थिति को पूरा न करने का झूठा आरोप लगाया गया। मेरे घर पर अनुशासन हीनता का आरोप लगाने वाले पत्र तक भेजे गए। उन्‍होंने बताया कि इस विश्‍वविद्यालय के केंपस में ‘हिंदू धर्म और राम मंदिर के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करना आम बात है, अभिव्‍यक्‍ति का यह अर्थ कतई नहीं कि आप दूसरे के धर्म का मजाक बनाएंगे! लेकिन लगातार मेरे आसपास जो घट रहा था, वह मैं अनुभव कर रही थी कि मेरे विश्‍वास को तोड़ने के लिए यह सब किया जा रहा था । मुझे यहां परेशान करने के लिए कई तरह के हथकंडे अजमाए गए। आज मेरी व्यक्तिगत सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता दोनों ही दांव पर हैं।

कहनेवाले कह सकते हैं कि यह तो इस्‍लाम और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी की छवि को धूमिल करने के लिए मुसलमानों को बदनाम करने की सोच रखनेवालों का नजरिया है, जोकि जूठ पर आधारित है, किंतु जो साक्ष्‍य हैं, उनका क्‍या किया करें, वह तो झूठ नहीं बोलते। घटना एक या दो हों तो छिपाई जा सकती हैं, पर जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में अनेक घटनाएं अब तक इस प्रकार की घटी हैं, जिनके चलते जूठ को छिपाया नहीं जा सकता है और ये घटनाएं चीख-चीख कर यह साफ बता रही हैं कि कैसे-कैसे हिन्‍दुओं एवं अन्‍य गैर मुसलमानों को इस्‍लाम की प्रेक्‍टिस कराने का प्रयास यहां होता है और एक समय के बाद उसका पूरी तरह से कन्‍वर्जन करा दिया जाता है। फिर वह भी पांच टाइम का नमाज और अल्‍लाह-अल्‍लाह करता है। कई बार देखने में आया है कि जो गैर मुसलमान जिन्‍हें वह कन्‍वर्ट करना चाहते हैं, यदि उनकी (इस्‍लामिक की) बातों में नहीं फंसता तो उसका सामाजिक बहिष्कार तक यहां किया जाता है। कई इस्‍लामिक शिक्षक एवं छात्र ऐसे लोगों को “हिंदू आतंकवादी” यह शब्‍द उनके लिए उपयोग करते हुए देखे जा सकते हैं।

कन्वर्जन रोकना है तो मददगारों पर एक्शन लेना होगा

इन स्‍थ‍ितियों को देखकर विश्‍व हिन्‍दू परिषद के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता विनोद बंसल का मानना हैं कि वर्तमान भारत में इस तरह की कई घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं । यदि कन्‍वर्जन कराने वाले जिहादियों को रोकना है तो उन्‍हें और उनके मददगारों पर कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई करनी होगी। इतना ही नहीं जबरन धर्मांतरण कराने वालों की नागरिकता तक समाप्‍त करनी होगी । समग्र हिन्‍दू समाज का जागरण जरूरी है। जो भी कन्‍वर्जन, मतान्‍तरण, धर्मांतरण में संलिप्‍त पाया जाता है, सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों की शत प्रतिशत संपत्ति जब्त करे। भारतीय संविधान लोभ, लालच, भय से किए जानेवाले कन्‍वर्जन का विरोध करता है। देश स‍ंविधान के हिसाब से चलेगा, ना कि इस्‍लामिस्‍टों एवं जिहादियों के अनुसार । इस प्रकार के सभी अतिवादियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए । जब देश भर में कठोर कार्रवाईं शुरू होंगी तो मुझे उम्‍मीद है कि वर्तमान में देश भर में जो हालात दिखाई देते हैं, उनमें बड़ा परिवर्तन आ जाएगा।

यहां रिचा जो अपने कड़वे अनुभव बता रही है, यही बात न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस. एन. ढींगरा, पूर्व दिल्ली पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव और तथ्य-खोज समिति के अन्य सदस्यों द्वारा बताई गई है । 64 पृष्ठ के इस दस्तावेज़ में 27 व्यक्तियों की गवाही शामिल है, जिनमें शिक्षण कर्मचारी, गैर-शिक्षण कर्मचारी, वर्तमान छात्र और पूर्व छात्र तक हैं। इनमें से सात शिक्षण संकाय सदस्य, छह गैर-शिक्षण कर्मचारी, जबकि बाकी पीएचडी विद्वान और पूर्व छात्र हैं। निश्‍चित ही यह रिपोर्ट एक परेशान करने वाली तस्वीर पेश करती है, जिसमें कि इन सभी गवाहों ने जामिया मिलिया इस्लामिया में एक व्यवस्थित और जबरदस्ती धर्मांतरण करने-कराने का आरोप लगाया है। कई गवाहों ने खुलासा किया कि उन्हें करियर में उन्नति, शैक्षणिक अवसरों या विश्वविद्यालय के भीतर शांति बनाए रखने के लिए एक पूर्व शर्त के रूप में इस्लाम में मतान्‍तरित होने के लिए या तो लालच दिया गया या दबाव डाला गया था।

गवाहों के अनुसार, धर्मांतरण के लिए पदोन्नति के वादे, आसान कार्यभार और यहां तक कि स्वर्ग और नरक के बारे में धार्मिक तर्कों का इस्तेमाल लोगों को इस्लाम स्वीकार करने के लिए यहां किया जाता है । कुछ गवाहों ने गैर-मुसलमानों के खिलाफ़ घोर भेदभाव के माहौल का वर्णन किया, चाहे वे छात्र हों या संकाय सदस्य।“ईमान लाओ, और हम तुम्हारा और तुम्हारे बच्चों का करियर सुरक्षित करेंगे” जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के रजिस्ट्रार नाज़िम हुसैन ने एक दलित कर्मचारी से ये कहा था, ऐसे ही अन्‍यों के साथ के अनुभव और वक्‍तव्‍य हैं, जोकि धर्मनिरपेक्ष भारत में जहां संविधान का शासन है, बहुत परेशान करता है। फिलहाल परिवर्तित नाम रिचा जोकि एक दिव्‍यांग छात्रा भी है, उसे अपने साथ न्‍याय होने का इंतजार है। उसने पुलिस में शिकायत कर इस्‍लामिक कन्‍वर्जन के प्रयासों को खुलकर उजागर करने की हिम्‍मत दिखाई है । अब शेष कार्य पुलिस को करना है, रिचा आरोपियों पर एफआईआर दर्ज होने का इंतजार कर रही है।

Topics: इस्लामिक कन्वर्जनमुस्लिम कट्टरपंथकन्वर्जनConversionजामिया मिल्लिया इस्लामियाJamia Millia IslamiaMuslim fundamentalismIslamic conversion
डाॅ. मयंक चतुर्वेदी
डाॅ. मयंक चतुर्वेदी
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और हिंदुस्थान समाचार से संबद्ध हैं। [Read more]
Share86
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘कन्वर्जन हिंसा है, हम इसे सहन नहीं करेंगे; प्रेम, करुणा, तपस्या और शुचिता है- हिंदुत्व’

Hyatt Hotel में Conversion हुआ या नहीं? 500 लोगों की लिस्ट से खुलेगा राज? – Ft. Priyank Kanoongo

ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी जी और पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी

Odisha’s Udaan 2.0: ओडिशा में धर्मांतरण के खिलाफ CM मोहन माझी का प्लान क्या है? जानिए ‘पाञ्चजन्य’ से क्या-क्या कहा?

देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में 28 अगस्त से नया धार्मिक स्वतंत्रता नियम: धोखे से हुई शादी से जन्मे बच्चे का धर्म मां के धर्म से तय होगा

Allahabad High court rejected Abbas ansari plea

आगरा इस्लामिक कन्वर्जन मामला: आखिर क्यों हाई कोर्ट ने दो बेटियों के हिन्दू पिता पर ही ठोंक दिया 25 लाख का जुर्माना?

जनजाति गौरव दिवस मनाता जनजाति समाज (फाइल चित्र)

विश्व मूल निवासी दिवस पर विशेष : विफल होती कुटिल चाल

Load More

ताज़ा समाचार

‘आप भारतीय हैं, वरना बांग्लादेश डिपोर्टेशन जारी रहेगा’: कोलकाता हाई कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा ?

जंतर-मंतर पर कॉकरोचों का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर रोक, दिल्ली में धारा 163 लागू ; 11 मेट्रो स्टेशन बंद

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पुतिन ने PM मोदी को धन्यवाद दिया: कहा-वे यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए सक्रिय, उनके पास बेहतरीन आइडिया

एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता पहला गोल्ड

Indian Captain Smit Flydubai Flight Saved Attack Oman Co Pilot Saudi Arabia Panchjanya

फ्लाईदुबई में हुआ आतंकी हमला इस्लामिक रेडिकल इंडोक्ट्रिनेशन: बेंजामिन नेतन्याहू

अमेरिकी नौसेना मध्य पूर्व भेज रही तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, ट्रंप का ईरान पर नए हमलों का संकेत

कैप्टन स्मित मछार

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर दुनिया कर रही सलाम, फिर भारत का लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम चुप क्यों ?

लाल बहादुर शास्त्री जयंती: सत्ता के शिखर पर सादगी की मिसाल

आज का श्लोक : नेतृत्व और टीम भावना का सूत्र, श्लोक में छिपी है सफलता की 3 मुख्य शर्तें

MP Weather Today

दिल्ली से MP तक 5 राज्यों में कैसा रहेगा 2 अक्टूबर का मौसम? बारिश होगी या नहीं! IMD का अलर्ट 

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies