नवंबर में 'इस्लामोफोबिया मंथ' मना रहा पश्चिम : लोगों ने कट्टरपंथी मुस्लिमों और आतंकियों के अत्याचार बताकर दिखाई औकात
September 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

नवंबर में ‘इस्लामोफोबिया मंथ’ मना रहा पश्चिम : लोगों ने कट्टरपंथी मुस्लिमों और आतंकियों के अत्याचार बताकर दिखाई औकात

यह बहुत ही हैरान करने वाला है कि इस्लामी चरमपंथी जो चाहे वह कर सकते हैं, मगर यदि कोई इन सब घटनाओं का विरोध करता है, या आवाज उठाता है, तो उसे इस्लामोफोबिक कह दिया जाता है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Nov 5, 2024, 09:10 pm IST
inविश्व
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

इन दिनों जब यूरोप सहित पूरा विश्व ही कट्टरपंथी मजहबी तत्वों से त्रस्त है और यूरोप में अवैध शरणार्थी ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान आदि से शरण लिए लोग वहाँ के स्थानीय लोगों के साथ तमाम अत्याचार कर रहे हैं, उन्हें मार रहे हैं, लड़कियों के साथ बलात्कार कर रहे हैं, पश्चिम में हर साल की तरह ही एक ऐसा महीना मनाया जा रहा है, जो इन घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

2024 के नवंबर को भी पिछले कई वर्षों की तरह इस्लामोफोबिया मंथ मनाया जा रहा है। इस्लामोफोबिया अवेयरनेस मंथ अर्थात इस्लामोफोबिया अवेयर मन्थ एक गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना कई संगठनों ने मिलकर वर्ष 2012 में की थी। और लंदन मुस्लिम सेंटर में नवंबर 2012 में एक ईवेंट के माध्यम से इस अभियान को शुरू किया था।

इस ईवेंट ने एक वैश्विक मान्यता वाले अभियान को शुरू किया। लंदन में इस पूरे महीने में स्कूल्स, यूनिवर्सिटी, एनएचएस ट्रस्ट, पुलिस, संगठनों, कॉर्पोरेट और अन्य संस्थानों द्वारा आयोजन किए जाते हैं। इस अभियान का उद्देश्य है प्रशिक्षण और संसाधनों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ मजबूत रिश्ते बनाना।

क्या होता है इस्लामोफोबिया.?

आम तौर पर हम लोग अक्सर ये शब्द मुस्लिम और कथित लिबरल लोगों के मुंह से सुनते रहते हैं कि अमुक को इस्लामोफोबिया है। या वह इस्लामोफोबिक है! ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि इसका अर्थ क्या है और किन लोगों को इसके दायरे में लाया जाता है। इस्लामोफोबिया का अर्थ होता है इस्लाम या मुसलमानों के प्रति बेकार का डर या घृणा। मुसलमानों के यकीनों से नफरत। और इस नफरत के आधार पर उन्हें डराया जाना, धमकाना आदि।

उनके साथ दुर्व्यवहार करना, या फिर उनके खिलाफ लोगों को भड़काना। उनके प्रतीकों को निशाना बनाना। उन्हें घर न बेचना, उन्हें घर किराए पर न देना आदि।

मुस्लिमों के विरुद्ध कुछ कहना इस्लामोफोबिया और हिंदुओं के विरुद्ध बोलना “फ्रीडम ऑफ स्पीच!”

जब भी कोई आतंकी हमला आदि होता है या फिर मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा कोई हिंसक कृत्य किया जाता है, तो उसके खिलाफ बोलने को या कदम उठाने तक को इस्लामोफोबिया कहा जाने लगा है। इस्लाम के विरुद्ध कुछ बोलने को इस्लामोफबिया कह दिया जाता है, जबकि हिंदुओं के विरुद्ध यदि कुछ कहा जाता है तो उसे “फ्रीडम ऑफ स्पीच” कहा जाता है।

इस्लामोफोबिया जैसे शब्द और इस महीने को मनाए जाने पर सोशल मीडिया में उबाल

1 नवंबर को लंदन के मेयर सादिक ने इस माह को मनाए जाने की घोषणा की। और इसके साथ ही कई और कथित लिबरल नेताओं ने ऐसा किया। इस महीने को मनाए जाने के दोगलेपन को लेकर अब सोशल मीडिया पर लोग तंज कस रहे हैं। मगर यह बहुत ही हैरानी की बात रही कि सादिक खान ने एक्स पर अपने पोस्ट में उत्तर देने का विकल्प नहीं रखा था।

यूरोप के वे लोग जो इस्लामी कट्टरपंथ से लड़ रहे हैं और जो लोग इस्लामी कट्टरपंथ का शिकार हो रहे हैं, जिनकी लड़कियां मजहबी यकीन के कारण यौन हिंसा का शिकार हो रही हैं, वे अब उसे लेकर मुखर हो रहे हैं और लिख रहे हैं। लोगों ने एक्स पर वर्ल्ड ट्रेड टावर वाली घटना की तस्वीरें साझा की है और लिखा है – Happy #IslamophobiaAwarenessMonth

Happy #IslamophobiaAwarenessMonth

This month we remember the millions of people who have lost their lives to this evil ideology over the past 1400 years. pic.twitter.com/BhRfgqjJeB

— Harris Sultan (@TheHarrisSultan) November 3, 2024

एक यूजर ने चैट जीपीटी के साथ हुई चैट साझा की। जिसमें लिखा था कि विश्व में 20 सबसे भयानक आतंकी संगठन का नाम बताएं। उन्हें उनके आकार और रिलीजन के आधार पर बताएं। जिसमें चैट जीपीटी ने 20 संगठनों के नाम लिखे और एक से बीस तक सारे संगठन इस्लामिक यकीन के हैं।

https://twitter.com/NabilElJamil22/status/1853084203711074762?

आईशा मोहम्मद नामक यूजर ने लिखा कि चूंकि यह इस्लामोफबिया अवेयरमंथ है, तो मैं लोगों को इस्लाम के बारे में और जानने के लिए प्रोत्साहित करती हूँ। और उसमें आईशा ने उस मुस्लिम स्कालर की बात का उल्लेख किया है, जिसने कहा था कि गैर-मुस्लिम महिलाओं का बलात्कार करना गलत नहीं है।

https://twitter.com/aisha_muhammedz/status/1853309158407196877?

एक यूजर ने क्रिस्टोफर हिचेंस का कहा जाने वाला कोट साझा किया कि “इस्लामोफोबिया एक ऐसा शब्द है, जिसे फासिस्ट ने बनाया है और कायरों द्वारा मूर्खों को बरगलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।“ इस कोट का प्रयोग कई लोग पूर्व में भी कर चुके हैं। और यह दावा किया जाता है कि यह कोट क्रिस्टोफर हिचेंस का है भी या नहीं, निश्चित नहीं है।

कई यूजर्स ने उन तमाम हमलों की सूची साझा की, जो मुस्लिम आतंकवादियों ने किए थे। इनमें डेनियल पर्ल का सिर कलम कनरे से लेकर मुंबई में हुए हमलों का उल्लेख है।

https://twitter.com/Utd_Buzz/status/1853033763107897602?

इस्लामोफोबिया एक ऐसा शब्द है, जिसे लेकर अक्सर विवाद होता रहता है। यह देखना बहुत ही हैरान करने वाला है कि इस्लामी कट्टरपंथी जो चाहे वह कर सकते हैं, वे धर्मनिरपेक्ष देशों में शरिया ज़ोन बनाकर अपने खुद के कानून बना सकते हैं, वे गैर-मजहबी लड़कियों को यौनिक रूप से ग्रूम कर सकते हैं, वे आतंकी घटनाएं कर सकते हैं और यहाँ तक कि वे हर छोटी बात पर “सिर तन से जुदा का नारा लगा सकते हैं!”, वे दिन दहाड़े किसी का भी गला रेत सकते हैं, वे हिन्दू बहुल देश में हिंदुओं को उनके ही पर्व मनाने से रोक सकते हैं, और यहाँ तक कि वे हर धर्मनिरपेक्ष देश में जाकर वहाँ के गैर-मुस्लिम समुदायों को खत्म करने की बात भी कर सकते हैं, मगर यदि कोई इन सब घटनाओं का विरोध करता है, या आवाज उठाता है, तो उसे इस्लामोफोबिक कह दिया जाता है।

यजीदी और यहूदी और हिन्दू लड़कियों के साथ उनके धर्म के आधार पर होने वाले अत्याचारों पर आवाज नहीं उठती है, परंतु यदि उनके अपराधियों को सजा देने की बात आती है तो ऐसा करने वालों को इस्लामोफोबिक की संज्ञा दे दी जाती है।

सवाल यह है कि जब मजहब के आधार पर मुस्लिमों का एक बड़ा वर्ग सारे व्यवहार आदि निर्धरित करता है, तो फिर उन व्यवहारों के विरोध को इस्लामोफोबिक रवैया कैसे कहा जा सकता है, जब मजहबी दायरे उन्होनें ही तय किए हुए हैं।

 

Topics: when is Islamophobia Month celebratedIslamophobia in Novemberइस्लामोफोबिया मंथक्या है इस्लामोफोबिया मंथकहां मनाया जाता है इस्लामोफोबिया मंथइस्लामोफोबिया मंथ कब मनाया जाता हैनवंबर में इस्लामोफोबियाIslamophobia Monthwhat is Islamophobia Monthwhere is Islamophobia Month celebrated
Share19
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

लंदन दौरे पर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत, आरएसएस के शताब्दी वर्ष में UK में गूंजेगा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश

सीएम- किसान की पांचवीं किस्त जारी, 41.35 लाख किसानों के खातों में पहुंचे ₹833 करोड़ से अधिक की राशि

CM Yogi Adityanath Ghazipur Rally Public Meeting Speech Panchjanya

बाबर व औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने में जुटे: CM योगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए भगवान कृष्ण के दर्शन

5 सितंबर का पंचांग

5 सितंबर पंचांग: जानें नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र, योग और करण का समय

आरएसएस ने सेवा के 100 वर्ष किए पूरे : लंदन में सुनील आंबेकर ने बताया सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के UK दौरे का प्लान

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

अपने ही साए से डरते जिनपिंग

FASTag यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! हाईवे पर ये काम करते ही मिलेंगे ₹1000, जानें NHAI की स्कीम

Gold Price Today

Gold Price Today: जन्माष्टमी पर सोने की कीमत में गिरावट, जानिए आज का ताजा भाव

UK में सिख युवती हुई लव- जिहाद की शिकार, परिवार बोला- मुस्लिम युवक ने बेटी को फंसा लिया; आरोपी ग्रूमिंग गैंग का सदस्य!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies