पैरालंपिक: मिला साथ तो लहरा दिया परचम, 1960 से 2012 तक केवल आठ मेडल और अब पदकों की झड़ी
July 14, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम खेल

पैरालंपिक: मिला साथ तो लहरा दिया परचम, 1960 से 2012 तक केवल आठ मेडल और अब पदकों की झड़ी

यदि पैरालंपिक के इतिहास पर नजर डालें तो ओलंपिक डॉट काम के अनुसार 1960 से लेकर 2012 तक भारत ने केवल 8 पदक जीते थे, जिनमें 2 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Sep 4, 2024, 08:55 am IST
in खेल
पेरिस पैरालंपिक में भारतीय एथलीटों का दमदार प्रदर्शन

पेरिस पैरालंपिक में भारतीय एथलीटों का दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली, (हि.स.)। खेल के क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन बेजोड़ है। सुविधाएं मिलीं और साथ मिला तो पैरा खिलाड़ियों ने देश का परचम लहरा दिया। एनडीए नीत भाजपा सरकार ने पैरा एथलीटों के लिए न केवल अनुकूल माहौल बनाया बल्कि बाधाओं को भी दूर किया। अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश किया।

सरकार ने विशेष प्रशिक्षण और कोचिंग के लिए खेल संगठनों का सहयोग किया, जिससे कि एथलीट उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो सकें। दिव्यांगों के बीच प्रतिभा की खोज और पोषण को बढ़ावा देने वाली पहलों का सक्रिय रूप से समर्थन किया है। राष्ट्रीय टीमों में आरक्षित स्थान बनाना, दिव्यांग खिलाड़ियों की भर्ती के लिए खेल क्लबों को प्रोत्साहित करना और पैरा एथलीटों से संबंधित रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों को समाप्त करने वाले जागरुकता अभियानों को बढ़ावा दिया। एनडीए नीत भाजपा सरकार के आने से पहले पैरालंपिक में भारत की स्थिति काफी खराब थी। अगर इतिहास पर नजर डालें तो इतिहास खुद-ब-खुद पैरा एथलीटों को लेकर पुरानी सरकारों की सोच को उजागर करता है।

भारत ने 1960 से लेकर 2012 तक जीते केवल आठ पदक

यदि पैरालंपिक के इतिहास पर नजर डालें तो ओलंपिक डॉट काम के अनुसार 1960 से लेकर 2012 तक भारत ने केवल 8 पदक जीते थे, जिनमें 2 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं।

अब हुआ बड़ा बदलाव

2014 में एनडी की सरकार आने के बाद से पैरा एथलीटों की स्थिति और उनके प्रदर्शन में भी सुधार आया। 1960 से लेकर 2012 तक केवल 8 पदक जीतने वाले भारतीय दल ने 2016 में दो स्वर्ण सहित 4 पदक और 2020 टोक्यो पैरालंपिक में पांच स्वर्ण सहित 19 पदक जीते।

2016 से लेकर टोक्यो 2020 तक जीते 23 पदक

रियो में 2016 में भारत ने केवल 4 पदक जीते थे। इस वर्ष केवल 19 एथलीटों ने भाग लिया था और भारतीय दल ने दो स्वर्ण, एक कांस्य और एक रजत पदक जीता था। वे 43वें स्थान पर थे। टोक्यो 2020 खेलों में भारत ने 54 पैरा-एथलीटों को मैदान में उतारा था। नौ स्पर्धाओं में पांच स्वर्ण पदकों सहित 19 पदक जीते थे, जो भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

पेरिस में भारतीयों का शानदार प्रदर्शन

पेरिस में चल रहे मौजूदा पैरालंपिक की बात करें तो भारतीय एथलीटों का अब तक का सफर काफी शानदार रहा है। भारत ने मौजूदा पैरालिंपिक में अब तक 20 पदक जीते हैं, जिनमें 3 स्वर्ण, 7 रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं।

एनडीए सरकार की दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए चलाई गई योजनाएं

  • सुगम्य भारत अभियान: दिव्यांग व्यक्तियों के लिए खेल सुविधाओं सहित सार्वजनिक स्थानों और परिवहन को सुलभ बनाना।
  • खेलो इंडिया योजना: पैरा एथलीटों के लिए संभावित प्रावधानों के साथ जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने और सभी आयु समूहों में खेल प्रतिभाओं के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए।
  • अटल बिहारी प्रशिक्षण केंद्र
  • पैरा गेम्स के लिए अटल बिहारी प्रशिक्षण केंद्र, खेलों में समान अवसर प्रदान करने, उनकी प्रतिभा को बढ़ावा देने और विभिन्न खेल विषयों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है।
  • मोदी सरकार ने 2024 पैरालिंपिक में हिस्सा लेने वाले एथलीटों के लिए ओलंपिक दल के बराबर सुविधाएं और प्रशिक्षण सुनिश्चित की
  • सरकार ने पैरालिंपियनों के लिए ओलंपिक दल के बराबर सुविधाएं और प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है, जिससे उन्हें सफलता हासिल करने में मदद मिली है।
  • पैरा-एथलीटों के प्रशिक्षण, उपकरण और विदेशी प्रदर्शन के लिए सहायता प्रदान की गई। सभी खिलाड़ी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के सहयोग से साई केंद्रों या निजी अकादमियों में अभ्यास करते हैं। सरकार ने 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सुविधा प्रदान की है।
  • सरकार ने पैरालिंपिक पदक संभावितों के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये और 12 योग्य विषयों के लिए 74 करोड़ रुपये खर्च किए
  • पेरिस पैरालिंपिक चक्र के लिए समर्थन और सहायता के लिए सरकार द्वारा पैरालिंपिक पदक संभावितों के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये और 12 योग्य विषयों के लिए 74 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

 

खेल गांव में भी पैरा-एथलीटों को मिली विशेष सुविधाएं

ओलंपिक दल की तरह ही खेल गांव में पहली बार खेल विज्ञान उपकरणों के साथ एक समर्पित रिकवरी सेंटर बनाया गया है। साथ ही, पैरा-एथलीटों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके निजी कोच और खेल विशेषज्ञों के लिए 30 प्रतिशत सहायक कर्मचारियों की सीमा के मुकाबले 100 प्रतिशत से अधिक सहायक कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इसके अतिरिक्त, पेरिस में अत्याधुनिक भारतीय रिकवरी सेंटर में, एथलीटों को विशेष रूप से साई द्वारा तैयार और वितरित किए जाने वाले स्नैक्स मिलते हैं, जैसे कि एनर्जी बार, प्रोटीन मिश्रण और बहुत कुछ, जो उनके प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए सावधानीपूर्वक चुने गए हैं।

हाल ही में यह तीसरा मौका है जब भारतीय पैरालंपिक दल देश के ओलंपिक दल से बेहतर प्रदर्शन करेगा। सरकार ने ओलंपिक की तरह पैरालंपिक दल को भी अपना समर्थन दिया है और भारत ने इस बार पैरालंपिक में भाग लेने के लिए 84 एथलीटों का अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा है, जिनमें 34 महिलाएं हैं। इनमें से 59 एथलीट टॉप्स के तहत समर्थित हैं, 17 SAI NCOE के नियमित एथलीट हैं और बाकी को खेलो इंडिया योजना के तहत सरकार द्वारा समर्थित किया जाता है।

Topics: पेरिस पैरालंपिकपैरालंपिक में भारतपैरा एथलीट
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

होकाटो होटोज़े सेमा

Paris Paralympics : होकाटो होटोज़े सेमा ने कांस्य जीता, भारत को मिला 27वां पदक

निषाद कुमार

पेरिस पैरालंपिक 2024 : निषाद कुमार ने भारत को दिलाया सातवां पदक, जीता सिल्वर मेडल

प्रीति पाल ने पैरालिंपिक ट्रैक इतिहास में भारत को पहला मेडल जिताया

पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक विजेता प्रीति पाल: संघर्ष, समर्पण और अभूतपूर्व सफलता की प्रेरणादायक कहानी

रामचरितमानस की इस चौपाई से मिली अवनी लेखरा को सफलता, पिता ने बताया ऐतिहासिक जीत के पीछे का राज

मनीष नरवाल

पेरिस पैरालंपिक में पदकों की झड़ी, मनीष नरवाल ने रजत पर साधा निशाना, प्रीति पाल ने जीता कांस्य

Load More

ताज़ा समाचार

Afghan Makeup Trend Viral Video Reels Instagram Women Burqa Protest Social Media

क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

CM Pushkar Singh Dhami Swami Ramdev Acharya Balkrishna Harela Parva Malagram Dhanwantari Dham Herbal World

Uttarakhand Harela Parva 2026: मालाग्राम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया पौधारोपण

Teejan Bai Passes Away Pandavani Singer Lokmanthan Parivar J Nandakumar Tribute Bhopal 2016

लोकसंस्कृति की अमर साधिका तीजन बाई का महाप्रयाण: लोकमंथन परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Fatwa Against Aamir Khan Third Marriage Gauri Spratt Darul Ifta Chief Mufti Islamic Shariat

“आमिर खान की तीसरी शादी नाजायज और हराम” : मुस्लिम पर्सनल के शाही मौलाना ने जारी किया फतवा

BRICS Trade Union Forum Conference Hyderabad Bhartiya Mazdoor Sangh BMS Labor Policy Global Representatives

BRICS Trade Union Forum: हैदराबाद में भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में जुटें वैश्विक प्रतिनिधि, श्रमिकों पर होगी महाचर्चा

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू

“जो खून बहा, वह पंजाब का था…” रवनीत सिंह बिट्टू की अकाल तख्त के जत्थेदार से बड़ी अपील!

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

प्रेमानंद महाराज के शिष्य के पिता से 2.90 करोड़ की चोरी, 4 आरोपी गिरफ्तार; दुबई भागने की थे फिराक में

Gyanvapi Case Mediation Talks Fail Supreme Court Kashi Vishwanath Temple Mosque Dispute Varanasi

ज्ञानवापी प्रकरण : 7 मिनट में विफल हुई मध्यस्थता बैठक, जानिए दोनों पक्षों की बातचीत

Bharat Vikas Parishad Membership Campaign RSS Panch Parivartan Sutra Emerging India Social Service

‘उभरते भारत’ में महासंकल्प को तैयार भारत विकास परिषद! 2 लाख परिवारों तक सदस्यता और घर-घर पहुंचेगा ‘पंच परिवर्तन’ सूत्र

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies