New York Times ने खोली China की पोल, Ladakh से Arunachal तक कुकुरमुत्ते जैसे 'उग' रहे चीनी गांव, Dragon की खतरनाक मंशा
September 18, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

New York Times ने खोली China की पोल, Ladakh से Arunachal तक कुकुरमुत्ते जैसे ‘उग’ रहे चीनी गांव, Dragon की खतरनाक मंशा

चीन का इरादा भारत से लगती सीमा पर जहां तक हो हर पहाड़ी दर्रे में एक गांव बसाने का है

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 10, 2024, 02:45 pm IST
inविश्व
न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत—चीन सीमा पर नए 'उगे' गांवों के पूरे खाके पर बारीक नजर डाली है

न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत—चीन सीमा पर नए 'उगे' गांवों के पूरे खाके पर बारीक नजर डाली है

प्राप्त खुफिया जानकारी के अनुसार, कुकुरमुत्ते की तरह देखते ही देखते ‘उग’ आए इन चीनी गांवों में न सिर्फ फौजियों को छुपे रूप में बसाया जा रहा है, बल्कि चीनी नस्ल के आम लोगों को भी इन गांवों में रखा जा रहा है। इसके लिए पूरा खर्च बीजिंग उठा रहा है।


क्या अमेरिका के अखबार में छपी चीन की ताजा रिपोर्ट भारत के लिए किसी खतरे की घंटी के समान है? चीन की बरसों से भारत से सटी सीमा पर क्या कोई नई चाल चल रहा है? आखिर क्या वजह है कि कम्युनिस्ट विस्तारवादी चीन भारत को अपनी सीमा के चारों तरफ से घेर रहा है?

यह रिपोर्ट भारत के लिए सावधान रहने की पर्याप्त वजहें देती है। क्योंकि कम्युनिस्ट ड्रैगन लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक अपनी भारत से सटी सरहद के पास तेजी से गांव बसाता आ रहा है। प्राप्त खुफिया जानकारी के अनुसार, कुकुरमुत्ते की तरह देखते ही देखते ‘उग’ आए इन चीनी गांवों में न सिर्फ फौजियों को छुपे रूप में बसाया जा रहा है, बल्कि चीनी नस्ल के आम लोगों को भी इन गांवों में रखा जा रहा है। इसके लिए पूरा खर्च बीजिंग उठा रहा है। ऐसे गांव दो—चार नहीं हैं बल्कि लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक, कुछ—कुछ दूरी पर ऐसे संदिग्ध गांव बसाए जा रहे हैं।

अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने बीजिंग की मंशाओं की पोल खोलती यह रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसने चीन और भारत के बीच एलएसी पर चीन की आक्रामक हरकतों की पोल खोली है। इससे साफ है कि सीमा पर ‘शांति बनाए रखने’ की दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की अनेक दौर की वार्ता को कम्युनिस्ट चालबाज सिर्फ दिखावा मानते हैं।

लेकिन असल में चीन अपनी भारत विरोध हरकतों से परे नहीं जा रहा है। सीमा पर जिस तरह से चीन तेजी से अपने गांव बसाता गया है, उनकी पोल खोलते कई उपग्रह चित्र इस समय विशेषज्ञों के सामने हैं। इनसे साफ होता है कि सीमा पर सैन्य ढांचे खड़े करने के अलावा भी चीन ने करीब 50 से ज्यादा गांव बसा लिए हैं।

संसाधनों की कमी की पूर्ति के लिए चीन की सरकार यहां के निवासियों को बीजिंग से आर्थिक सहायता भेजती है जिससे वे लोग वहां से कहीं चले न जाएं। बेशक, इसके माध्यम से कम्युनिस्ट बीजिंग चाहता है कि भारत से सटी सीमा पर आबादी बढ़ाई जाए और उसकी आड़ में भारत पर नजर रखी जाए।

बात सिर्फ नए गांव बसाने की ही नहीं है। वहां पहले से मौजूद करीब सौ दूसरे गांवों को भी विस्तार दिया जा रहा है। वहां नए मकान खड़े किए गए हैं। पहले से ज्यादा लोगों को वहां लाकर बसाने का काम चल रहा है।

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि, चीन भारत से सटी सीमा पर जैसे एक दीवार तैयार कर रहा हो। इस दीवार की पहरेदारी के लिए ही आसपास आम लोग और छुपे तौर पर फौजी बसाए जा रहे हैं। सीमा के आसपास पुल और संचार टॉवर बनाए जाने की पुष्टि तो काफी पहले हो चुकी है। कई उपग्रह चित्र हैं जो ऐसे टॉवरों और सैन्य ढांचों के अलावा रिहायशी इलाकों का खुलासा कर चुके हैं।

नया ‘उगा’ गांव है किओंगलिन। हिमालय के ठीक तल के पास ‘उगा’ यह गांव जहां पर बना है वह जगह कभी बहुत वीरान हुआ करती थी। (File Photo)

ऐसा ही नया ‘उगा’ गांव है किओंगलिन। हिमालय के ठीक तल के पास ‘उगा’ यह गांव जहां पर बना है वह जगह कभी बहुत वीरान हुआ करती थी। पूरा इलाका जंगली था। अब वहां उक्त गांव बस चुका है, जहां पक्के घर हैं, चौड़ी सड़कें हैं। अन्य स्थानों से पैसे का लालच देकर लोगों को वहां बसाया गया है।

अपने एक भाषण में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग वहां सीमा पर मौजूद गांवों में बसे चीनियों को ‘सीमा के पहरेदार’ कह चुके हैं। किओंगलिन गांव भारत के अरुणाचल प्रदेश के ठीक उस पार बना है। उसी अरुणाचल प्रदेश को जिसे विस्तारवादी चीन ‘दक्षिण तिब्बत’ बताकर अपना दावा ठोंकता आ रहा है।

लद्दाख से सटी सीमा पर भी चीन द्वारा कुछ गांव बसा लेने के संकेत मिले हैं। वहां कई ढांचे देखने में आए हैं, जिनको लोगों को बसाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जिनपिंग की मंशा सीमा के उस भाग से भारत में घुसपैठ करने की रही ही है, जिसका जीता—जागता उदाहरण 2020 में गलवान घाटी में ​देखने में आया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत—चीन सीमा पर नई ‘उगी’ बस्तियों के पूरे खाके पर बारीक नजर डालने के बाद कहा है कि पिछले 8 साल के दौरान ही चीन ने सीमा पर रणनीतिक तौर पर अहम ‘चौकियां’ बना ली हैं।

उपग्रह की तस्वीरें ही बताती हैं कि चीन का इरादा भारत से लगती सीमा पर जहां तक हो हर पहाड़ी दर्रे में एक गांव बसाने का है। चीन ने ठीक इसी तरह नेपाल सीमा के अंदर तक कई ढांचे खड़े करके उन जगह पर अपना दावा ठोंका हुआ है। दिलचस्प बात है कि नए ‘उगे’ ऐसे सभी गांवों में पक्के घर और सड़क ही नहीं है, लाइट और इंटरनेट की सुविधाएं भी दी गई हैं।

भारत के विदेश मंत्री जयशंकर, सेनाध्यक्ष और नीतिकार जानते हैं कि सीमा पर चीन की दुर्भावनापूर्ण हरकतें लगातार जारी हैं। कई अवसरों पर कहा भी गया है कि चीन के काम ‘शांति कायम करने’ की उसकी बातों से उलट दिखते हैं। इसलिए भारत को पूरी सर्तकता से सीमा पर चीन की हर चाल पर नजर रखनी होगी और प्रयास करना होगा कि उसके हर ऐसे काम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुलासा हो।

Topics: bordergalwanIndialadakhChinaarunachalplaxi jingpinnewyork times reportModiborder talksvillagesभारत चीन सीमाarmy
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Sabarmati Samvad 2026: New World Order में भारत का दबदबा? Kashmir से Global South तक बढ़ता प्रभाव

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वक्तव्य देते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

ग्लोबल साउथ की आवाज बने ब्रिक्स, पीएम मोदी ने रखा भारत का विकास विजन; बोले- सहयोग ही एकमात्र रास्ता

Central Asia में भारत की बढ़ती ताकत, मोदी के दौरे से बदलेगा समीकरण

New York से सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का बड़ा संदेश: ‘कर्मभूमि का कर्तव्य निभाएं’

‘हम Gen Z हैं बर्दाश्त नहीं करेंगे’, लद्दाख घूमने गई महिला ने सुरक्षाकर्मियों को किया अपमानित, वीडियो वायरल

हॉकी विश्व कप : भारत-पाकिस्तान की टक्कर कल, सेमीफाइनल की दौड़ में भारतीय टीम को ड्रॉ भी काफी

Load More

ताज़ा समाचार

अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई (फोटो- एआई निर्मित)

Demography change: जम्मू में रोहिंग्यायों की अवैध बस्तियों पर बड़ी कार्रवाई

डिजिटल आतंकवाद

ना ट्रेनिंग कैंप, ना कोड वर्ड: सोशल मीडिया पर कैसे चल रही ISI की ‘डिजिटल आतंकी फैक्ट्री’?

आज का श्लोक : सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वालों को कैसे पहचानें, इसकी सीख देता है संस्कृत का श्लोक

Rajasthan Weather: 18 सितंबर को इन जिलों में होगी ‘मूसलाधार बारिश’, 50 की रफ्तार से तूफान; IMD का अपडेट 

आज का राशिफल

आज का राशिफल: इन राशियों के लिए खास रहेगा आज का दिन

ममता बनर्जी

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज, ममता और ऋतब्रत गुट को नए नाम चुनने का निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में SEMICON India 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद मौजूद थे।

सेमीकॉन इंडिया 2026: ‘भारत में बनी चिप्स अब दुनिया तक पहुंच रहीं’, PM मोदी ने की 13.5 बिलियन डॉलर के दूसरे फेज की घोषणा

हिंदू युवती पर कार चढ़ाता शाहनवाज

“आज इसे जान से मार दो…”: हिंदू युवती से आयुष ठाकुर बनकर मिला था शाहनवाज, लव जिहाद का आरोप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी में मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण किया।

हरीपुर कालसी में गूंजा मां यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिमा का अनावरण

विवेकानंद जी से भागवत जी तक कैसे कायम रही भारत की विचार परंपरा?|

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies