कंबन कझगम आयोजन में डीएमके नेता एस रघुपति ने बताया प्रभु श्रीराम के राज्य को 'द्रविड मॉडल',
September 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत तमिलनाडु

कंबन कझगम आयोजन में डीएमके नेता एस रघुपति ने बताया प्रभु श्रीराम के राज्य को ‘द्रविड मॉडल’,

अभी बहुत दिन नहीं हुए हैं, जब तमिलनाडु से सनातन धर्म को नष्ट करने की आवाजें आई थीं और किसी भी निजी संगठन से नहीं बल्कि उदयनिधि स्टालिन ने यह कहा था कि सनातन धर्म का विरोध ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे नष्ट कर देना चाहिए।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Jul 24, 2024, 04:48 pm IST
inतमिलनाडु

अभी बहुत दिन नहीं हुए हैं, जब तमिलनाडु से सनातन धर्म को नष्ट करने की आवाजें आई थीं और किसी भी निजी संगठन से नहीं बल्कि उदयनिधि स्टालिन ने यह कहा था कि सनातन धर्म का विरोध ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे नष्ट कर देना चाहिए। और उसे लेकर अभी तक चर्चाएं होती हैं। उसी के बाद तमिलनाडु, में डीएमके के ही ए राजा ने कहा था कि सनातन धर्म डेंगू मच्छर है और उसके बाद डी राजा ने प्रभु श्रीराम पर भी आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा था कि उन्हें रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है। और हम सब राम के शत्रु हैं।

मगर यह बहुत ही हैरानी की बात है कि अब उसी डीएमके और उसी तमिलनाडु की सरकार के कानून मंत्री एस रघुपति ने प्रभु श्रीराम को सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए उन्हें द्रविड मॉडल अपनाने वाला बताया है।

महान कवि कंबन की रामायण के प्रचार-प्रसार को समर्पित एक संस्था कंबन कझगम द्वारा आयोजित वार्षिक आयोजन के समापन पर रविवार को डीएमके नेता एवं तमिलनाडु के कानून मंत्री एस रघुपति ने प्रभु श्रीराम की प्रशंसा करते हुए कहा कि पेरियार, अन्नादूराई, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि से पहले भगवान राम ही सामाजिक न्याय के रक्षक थे और उन्होंने द्रविड़ मॉडल को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि राम वे नायक थे जिन्होंने सेक्युलरिज्म और सामाजिक न्याय को दुनिया भर में फैलाया और कहा कि सभी लोग बराबर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उन्हें समय मिला तो वे अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन करने के लिए अवश्य जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर पलटवार किया है। तमिलनाडु भाजपा ने कहा कि डीएमके का द्रविड मॉडल राम राज्य की भांति नहीं बल्कि रावण राज्य की भांति है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु की राजनीतिक सोच में कितना भी प्रभु श्रीराम का विरोध हो, या कितने भी नकारने की ललक हो, तमिल साहित्य में प्रभु श्रीराम का विमर्श सदा से रहा है। यह आयोजन ही कंबन कझगम नामक संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। इस संस्था का उद्देश्य ही कंब रामायण के प्रचार प्रसार के लिए कार्य करना है। प्रभु श्रीराम की जीवन गाथा पर लिखी गई कंब रामायण महान कवि कंबन की कृति है। यद्यपि यह कई प्रसंगों पर श्रीवाल्मीकि रामायण से भिन्न है, परंतु इस रामायण में प्रभु श्रीराम के चरित्र का अद्भुत वर्णन है। यह ग्रंथ भक्ति से परिपूर्ण है। कंबन ने बालकाण्ड से लेकर युद्धकाण्ड तक छह कांडों की रचना की है।

कंब रामायण का हिन्दी में अनुवाद करने वाले न0 वी0 राजगोपाल ने कंब रामायण की प्रशंसा की है। उन्होंने लिखा है कि राम के दैवीय तत्वों का साहित्यिक प्रभाव उत्पन्न करना, पूरे काव्य में नव प्रसंगों के मध्य उन दैवी तत्व का निर्वाह करना एवं साथ ही मानव जीवन की विविध सुख:दुखात्मक परिस्थितियों के साथ उन दैवी तत्वों की संगति बैठाना – यह एक अनन्यसुलभ प्रतिभावान महाकवि का ही कार्य है। कंबन ऐसे ही कवि थे।

कंब रामायण में प्रभु श्रीराम एवं माता सीता के सौन्दर्य का अद्भुत वर्णन किया है। जब राजनीतिक कारणों से कंब रामायण का विमर्श में इस कारण विरोध आरंभ हुआ था कि इस रामायण में भी रावण को ही खलनायक बताया गया है, तो विकीपीडिया पर उपलब्ध विवरण के अनुसार उस समय इस कंब रामायण को लोक में पुन: प्रचारित करने के लिए तमिल कार्यकरता, लेखक, इतिहासकार सॉ गणेशन ने कंबन कझगम नामक संस्था का गठन किया था।

कंबन कझगम के आयोजन में डीएमके नेता तो प्रभु श्रीराम को पूर्व सीएम करुणानिधि आदि के समान समरसता के मूल्य वाला बता रहे हैं, मगर ये यह नहीं बता रहे हैं कि करुणानिधि के विचार प्रभु श्रीराम के विषय में क्या थे? प्रभु श्रीराम ने अन्याय के जिस प्रतीक रावण का वध करके अपनी पत्नी माता सीता को मुक्त कराया था, उस रावण के विषय में करुणानिधि क्या सोचते थे? करुणानिधि ने हमेशा ही प्रभु श्रीराम का अपमान किया था। उन्होंने रावण काव्यम पर लगा हुआ प्रतिबंध भी हटाया था। और यह भी उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई थी कि प्राचीन काल के कवियों और लेखकों ने “तमिल राजा” रावण को एक शैतानी ताकत के रूप में दिखाया है, जो अधर्म और विनाश का नेतृत्व करती है। और ऐसा भी मीडिया में कई रिपोर्ट्स हैं जिनमें यह कहा गया था कि उन्होंने गुस्से में यह भी कहा था कि “यदि आप रावण का अपमान कर रहे हैं तो आप मेरा अपमान कर रहे हैं!” करुणानिधि से लेकर उनके पोते उदयनिधि करुणानिधि और डीएमके के नेता डी राजा तक प्रभु श्रीराम और सनातन धर्म का अपमान नई बात नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं डीएमके के दिवंगत नेता एम करुणानिधि ने तो जब रामसेतु को लेकर बहस चल रही थी तो यहाँ तक कहा था कि “क्या राम इंजीनियर थे जो उन्होनें पुल बनाया था?” और उन्होनें कई बार प्रभु श्रीराम को शराबी आदि भी कहा था।

डीएमके की प्रभु श्रीराम के अपमान से लेकर प्रभु श्रीराम द्रविड मॉडल के प्रतीक हैं तक की यात्रा बहुत हैरान करने वाली है। यदि डीएमके नेता और कानून मंत्री प्रभु श्रीराम को द्रविड मॉडल अपनाने वाला मानते हैं तो क्या यह माना जाए कि वे अपने ही नेता एम करुणानिधि को खारिज कर रहे हैं? क्योंकि एक तरफ आदर्श बताना और दूसरी तरफ उन्हें शराबी बताना, दोनों एक साथ नहीं चल सकते हैं।

 

 

Topics: RamayanaLord Ramtamilnadu bjps regupathyKamban Kazhagamdravidian model
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘बच्चों के पास बहुत स्पेस है…’ आचार्य जी ने Parents को क्यों चेताया?

अयोध्या पर्व’ में गूंजा रामराज्य और सामाजिक समरसता का स्वर

श्रीकृष्ण और हनुमान जी द्वारा दिखाए गए नैतिक कूटनीति के माध्यम से वैश्विक समुदाय के साथ भारत का जुड़ाव

वैरमुथु

यौन उत्पीड़न के आरोपी वैरमुथु को ज्ञानपीठ? देवी आंदाल से लेकर श्रीराम तक टिप्पणी, हिंदू भावनाओं को आहत करने का इतिहास

थाईलैंड के पूर्व विदेश मंत्री डॉ. मारिस संगियामपोंगसा

जानिए भारत और थाईलैंड के सालों पुराने रिश्ते का आधुनिक महत्व

एक पट्ट चित्र, जिसमें भक्त हनुमान अपने आराध्य श्रीराम को प्रणाम करते हुए दिख रहे हैं

रामायण सत कोटि अपारा : जब तक रहेगी पृथ्वी, तब तक रहेगी रामकथा

Load More

ताज़ा समाचार

विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना : पहले चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग

Weather Update: 8 सितंबर को उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और बंगाल में भारी बारिश, 70KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी

प्रतीकात्मक चित्र

ब्रिटेन: सोशल मीडिया पोस्ट के चलते 5 साल में 60 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार, अभिव्यक्ति की आजादी पर छिड़ी बहस

प्रतीकात्मक तस्वीर

‘हिंदू बहन-बेटियों पर बुरी नजर रखते हैं जिहादी’, VHP ने गरबा के लिए तय किए दिशा-निर्देश, हिंदू परंपरा का करना होगा पालन

हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

हिमालय दिवस: मुख्यमंत्री धामी की घोषणा- हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

हल्द्वानी : शुद्धिकरण विवाद पर हाईकोर्ट में 2 FIR, सरकार ने दिया जवाब, याचिका निस्तारित

आज का सोना चांदी भाव

Gold Silver Price Today: सोना-चांदी के दाम में नरमी, जानें शहर का ताजा भाव

Weather Update: 12 घंटे के भीतर 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश… मौसम विभाग ने जारी कर दी चेतावनी

8 सितंबर का पंचांग

8 सितंबर पंचांग: भौम प्रदोष पर बन रहे ये खास संयोग, जानें राहुकाल से लेकर शुभ मुहूर्त तक सबकुछ

8 सितंबर से इस फोन में नहीं चलेगा WhatsApp! अभी चेक करें अपना Android वर्जन

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies