‘बच्चों के पास बहुत स्पेस है…’ आचार्य जी ने Parents को क्यों चेताया?
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‘बच्चों के पास बहुत स्पेस है…’ आचार्य जी ने Parents को क्यों चेताया?

आचार्य जी ने कहा कि परिवार संस्था के कमजोर होने और दादा-दादी, नाना-नानी से मिलने वाले संस्कारों में कमी के कारण बच्चों के जीवन में एक तरह का खालीपन पैदा हुआ है।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 24, 2026, 04:02 pm IST
inभारत, राजस्थान

आज की पीढ़ी के बच्चों की भाषा, व्यवहार और संस्कार को लेकर समाज में लगातार चिंता बढ़ रही है। जयपुर में आयोजित सुशासन संवाद के दौरान पाञ्चजन्य से बातचीत में आचार्य श्री मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज, पीठाधीश्वर, सिद्धपीठ श्री हनुमान निवास, अयोध्या ने बच्चों के बदलते व्यवहार के पीछे परिवार और संस्कारों की भूमिका पर विस्तार से बात की। आचार्य जी ने कहा कि परिवार संस्था के कमजोर होने और दादा-दादी, नाना-नानी से मिलने वाले संस्कारों में कमी के कारण बच्चों के जीवन में एक तरह का खालीपन पैदा हुआ है। इस खालीपन को बाजार और राजनीतिक प्रभाव भर रहे हैं। उन्होंने माता-पिता से बच्चों की परवरिश में केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि अपना समय और सहभागिता बढ़ाने की अपील की। साथ ही उन्होंने बताया कि आज की पीढ़ी भगवान राम को कैसे समझे और उनसे क्या सीखे, क्योंकि हर पीढ़ी राम को समझकर ही आगे बढ़ती है।

आचार्य जी से बात की है पाञ्चजन्य सहयोगी नैन्सी बाजपेई ने.

Topics: Sushasan SamvadAcharya Shri Mithilesh Nandini Sharan Ji MaharajIndian CultureSanatan DharmaLord RamSanskarParenting
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