हरिद्वार । धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी हरिद्वार के बीचों बीच ज्वालापुर क्षेत्र में मंगलोर सीट पर हुए उपचुनाव और आचार संहिता में व्यस्त जिला प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाकर एक नई अवैध मस्जिद का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। इस मस्जिद का निर्माण ज्वालापुर इंटर कॉलेज के ठीक बगल में हो रहा था।

इस समाचार को पाञ्चजन्य ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया। खबर के प्रकाशित होने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले का संज्ञान लिया और तुरंत प्रभाव से कार्रवाई के आदेश दिए। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के वाइस चेयरमैन से जवाब तलब किया और मस्जिद के निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए। इसके साथ ही, मस्जिद के ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी नए धार्मिक स्थल के निर्माण या पुराने धार्मिक स्थल की मरम्मत के लिए जिला प्रशासन या हरिद्वार विकास प्राधिकरण की अनुमति आवश्यक है। लेकिन इस मामले में इन निर्देशों की अनदेखी की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने हरिद्वार में प्रशासनिक कार्यों की निष्क्रियता और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी को उजागर किया है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में किस प्रकार की कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
















