30 जून की रात 12 बजे आईपीसी की वैधता हो जाएगी खत्म, 1 जुलाई से ही देश में लागू हो जाएंगे तीनों नए कानून
June 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

30 जून की रात 12 बजे आईपीसी की वैधता हो जाएगी खत्म, 1 जुलाई से ही देश में लागू हो जाएंगे तीनों नए कानून

30 जून की रात 12 बजे एक ऐतिहासिक घटना घटित होगी जब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की वैधता समाप्त हो जाएगी।

Written byMahak SinghMahak Singh
Jun 27, 2024, 05:37 pm IST
in भारत
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

30 जून की रात 12 बजे एक ऐतिहासिक घटना घटित होगी जब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की वैधता समाप्त हो जाएगी। इसके साथ ही 1 जुलाई से देश में तीन नए कानून लागू होंगे। यह परिवर्तन भारतीय कानूनी प्रणाली में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। इस आर्टिकल में हम आईपीसी की समाप्ति और नए कानूनों के लागू होने के बारे में बताएंगे।

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का संक्षिप्त इतिहास

भारतीय दंड संहिता, जिसे आईपीसी के नाम से जाना जाता है, 1860 में तैयार की गई थी और 1862 से लागू हुई। यह कानून ब्रिटिश शासनकाल के दौरान तैयार किया गया था और इसका उद्देश्य भारतीय समाज में कानून और व्यवस्था को बनाए रखना था। आईपीसी में विभिन्न प्रकार के अपराधों और उनके लिए निर्धारित दंडों का विस्तृत विवरण है।

नए कानून का परिचय

1 जुलाई से लागू होने वाले तीन नए कानून निम्नलिखित हैं-

भारतीय दंड संहिता (नया संस्करण)-
  • इस कानून में आधुनिक समय की आवश्यकताओं और अपराधों की बदलती प्रकृति को ध्यान में रखते हुए संशोधन किए गए हैं।
  • इसमें साइबर अपराध, संगठित अपराध और आतंकवाद से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए कड़े दंड प्रावधान किए गए हैं।
अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) का संशोधित संस्करण-
  • इस नए कानून में जांच, गिरफ्तारी और सुनवाई की प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं।
  • डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह और प्रस्तुति के लिए नए नियम निर्धारित किए गए हैं।
  • नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
साक्ष्य अधिनियम का संशोधित संस्करण-
  • इस कानून में साक्ष्य के प्रकारों, उनकी स्वीकृति और न्यायालय में प्रस्तुति के तरीके में बदलाव किए गए हैं।
  • डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के महत्व को मान्यता देते हुए नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
  • साक्ष्यों की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम निर्धारित किए गए हैं।

 

Topics: भारतीय न्याय संहिताNew criminal lawsnew criminal laws 1st julynew criminal laws 2024new criminal laws in indiabharatiya nyaya sanhitaक्रिमिनल लॉन्यू क्रिमिनल लॉनए कानून क्या है
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
Share1TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

मद्रास उच्च न्यायालय

‘स्वयंसेवकों पर नहीं चलेगा मुकदमा’

भारत की ‘स्व’ देशी जीवन-शैली में ‘स्व’ के आयाम : विचार से व्यवहार तक

फैक्ट-चेक : RSS नहीं काशी विद्यापीठ का है जज स्वर्ण कांत का वायरल वीडियो, राजनीतिक दावों में नहीं है कोई सच्चाई

AI Summit में सुरक्षा घेरा तोड़ने की थी साजिश : इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को बर्बाद करने की मंशा का खुलासा

कांतारा विवाद में फंसे रणवीर सिंह

कांतारा विवाद: बेंगलुरु में रणवीर सिंह के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज

Karnataka news, Karnataka Crime, Crime in Karnataka, Mysuru news, Father murder son, Father killed son, Murder over mobile

दिल्ली: हिंदू देवताओं और पुलिस को गाली देने वाले वीडियो के बाद शमशाद गिरफ्तार

Load More

ताज़ा समाचार

sarsanghchalak mohan bhagwat-bihar visit munger sangh shiksha varg

डॉ. मोहन भागवत जी का बिहार प्रवास: मुंगेर के ‘संघ शिक्षा वर्ग’ में करेंगे मार्गदर्शन, जानिए 3 दिवसीय दौरे की रूपरेखा

8 जून का पंचांग

8 जून का पंचांग: सोमवार को बन रहे खास योग, जानिए अष्टमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति

संघ शिक्षा वर्ग से ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ तक: 1927 में नागपुर से शुरू हुए संघ के प्रशिक्षण शिविर का पूरा इतिहास

प्रयागराज: ‘संघ शिक्षा वर्ग’ का समापन, स्वान्त रंजन जी बोले- “संघ के साथ मिलकर चुनौतियों का मुकाबला करें देशवासी”

लखनऊ: ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ प्रथम का 10 को समापन, रामदत्त चक्रधर जी देंगे संबोधन, शामिल होंगे पद्मश्री रामसरन वर्मा

dr indresh kumar launches book nirogata ke sutra in new delhi

“किसी का अहित न करना ही सबसे बड़ी निरोगता” : डॉ. इन्द्रेश कुमार

जयपुर: संघ ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ का भव्य समापन, सरदार राजन सिंह बोले- “संघ को करीब से देखने पर बढ़ा सम्मान”

प्रतीकात्मक तस्वीर

हापुड़ में दीपांशु को घेरकर मुस्लिम युवकों चाकू से किया हमला, पुरानी रंजिश का एंगल आया सामने

संघ का लक्ष्य भारत को विश्व गुरु बनाना है: उन्नाव में संघ शिक्षा वर्ग का समापन, अनिल जी ने बताया पंच परिवर्तन का महत्व

yug pravartak dr hedgewar play staged successfully in bengaluru

बेंगलुरु: ‘युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ नाटक का हुआ मंचन, जीवंत अभिनय से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध, मुक्तकंठ से हुई प्रशंसा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies