Kerala: वामपंथी सरकार का कुप्रबंधन, अस्पतालों में दवाएं ही नहीं, दवा कंपनियों का 470 करोड़ बकाया
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Kerala: वामपंथी सरकार का कुप्रबंधन, अस्पतालों में दवाएं ही नहीं, दवा कंपनियों का 470 करोड़ बकाया

इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले मरीजों को फॉर्मेसी के चक्कर लगाने पड़ पड़ रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें दवाइयां ही नहीं मिल रही हैं।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
May 12, 2024, 08:50 am IST
inकेरल
Kerala Government medicine shortage in hospitals

प्रतीकात्मक तस्वीर

केरल में पिनाराई विजयन की अगुवाई वाली वामपंथी सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में कंगाली चरण पर है। हालात ये हैं कि नए वित्तीय वर्ष के शुरू होने के डेढ़ माह बीतने के बाद भी यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में अब दवाइयों की भारी किल्लत हो गई है। इस कारण से सरकारी अस्पतालों पर निर्भर आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

केरल कौमुदी की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले मरीजों को फॉर्मेसी के चक्कर लगाने पड़ पड़ रहे हैं। बावजूद इसके लोगों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं। दावा किया जा रहा है कि केरल के अधिकतर सरकारी स्कूलों में शुगर के मरीजों के लिए मेटफॉर्मिन और ग्लिमेपाइराइड, थायराइड के लिए थायरोक्सिन सोडियम, कोलेस्ट्रॉल के लिए एटोरवास्टेटिन और आयरन और कैल्शियम की गोलियों समेत कई जीवनरक्षक दवाओं का भारी किल्लत है। एंटीबायोटिक के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एमॉक्सिसिलीन टैबलेट की खासी किल्लत है। इंसुलिन भी उपलब्ध नहीं है।

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बताया जाता है कि हर वित्तीय वर्ष में जरूरी दवाओं के लिए इंडेंट तैयार कर KMSCL के जरिए इसे अस्पतालों में बांटा जाता था। इस साल के लिए दवाओं का इंडेंट पिछले साल अक्तूबर में ही ले लिया गया था, लेकिन अभी तक दवाओं का स्टॉक नहीं मिला। गौरतलब है कि फरवरी और मार्च से ही केरल में दवाओं की खासी किल्लत बनी हुई है।

दवा कंपनियों का 470 करोड़ रुपए केरल सरकार पर बकाया

केरल में दवाओं की कमी का सबसे बड़ा कारण ये है कि पिनाराई विजयन सरकार पर दवा बनाने वाली कंपनियों का 470 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। अब जब तक बकाया नहीं मिलता फ्री में तो दवाएं मिलेगी नहीं। दवा कंपनियों ने भी दवाएं देने से इंकार कर दिया है। इसके अलावा नए टेंडर वाली कंपनियों के पास जरूरी दवाएं भी नहीं है। केरल सरकार का कुप्रबंधन इस समस्या के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है।

Topics: पी विजयनP VijayanKeralaकेरल कर्जदवा कंपनियांKerala LoanPharmaceutical CompaniesKerala Newsअस्पतालकेरलhospitalकेरल न्यूज
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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