विपक्ष चाहे कितने भी स्यापा कर ले, लेकिन भारत की बढ़ती धमको को दुनिया देख रही है। इसका नजारा एक बार फिर से उस वक्त दिखा, जब ईरान ने इजरायली जहाज पर सवार पांच भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया गया है। इस बात की पुष्टि खुद तेहरान में तैनात भारतीय उच्चायुक्त ने की है।
भारतीय दूतावास ने भारतीयों रिहाई के लिए ईरानी सरकार को धन्यवाद दिया। साथ ही बताया कि वे अब ईरान से बाहर चले गए हैं। विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि एमएससी एरीज पर ये सभी नाविक तैनात थे, जिन्हें अब रिहा कर दिया गया है।
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क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि इजरायल हमास युद्ध के बीच बीते माह इजरायली सेना ने सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमला बोल दिया। उसके इस हमले में ईरान के कुछ अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने इजरायल पर 300 से अधिक मिसाइलें दाग दीं। बाद में ईरान ने इजरायल से भारत आ रहे उसके समुद्री जहाज पर 13 अप्रैल को कब्जा कर लिया। इस जहाज में इजरायली नाविकों के साथ ही 17 भारतीय नाविक भी सवार थे। कंटेनर शिप एमएससी एरीज को आखिरी बार होर्मुज जलडमरूमध्य से आखिरी बार 12 अप्रैल को निकलते देखा गया, लेकिन रास्ते में आईआरजीसी ने इसका किडनैप कर लिया।
कंटेनर जब्ती के मामले को अपने ईरानी समकक्ष हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान से बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन्हें बताया कि शिप में भारतीय चालक दल के सदस्य भी हैं। अब भारत में ईरानी राजदूत इराज इलाही ने कहा कि एमएससी एरीज में किसी भी भारतीय को हिरासत में नहीं लिया गया है। अपने घर वापस लौटने के लिए स्वतंत्र हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले केरल के त्रिशूर की रहने वाली एन टेसा जोसेफ को भी 18 अप्रैल को छोड़ दिया गया था।

















