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वीडियो की ओर क्यों खिंचते हैं प्रायोजक!

ऐसा नहीं है कि सिर्फ अधिक सब्सक्राइबर्स वाले यूट्यूब चैनलों को ही प्रायोजक मिलते हैं। अच्छी सामग्री वाले छोटे चैनलों को भी प्रायोजक मिलते हैं, लेकिन बड़े चैनलों की तुलना में उनकी कमाई चंद हजार रुपये ही होती है

Written byबालेन्दु शर्मा दाधीचबालेन्दु शर्मा दाधीच
Apr 14, 2024, 08:32 am IST
in भारत, सोशल मीडिया

अगर आप यह सोचते हैं कि यूट्यूब के बहुत अधिक लोकप्रिय चैनलों को ही प्रायोजक मिलते होंगे, तो ऐसा नहीं है। ऐसे कुछ चैनलों को, जिनका कन्टेन्ट बेहतर है, कम सब्सक्राइबर के बावजूद प्रायोजक मिल जाते हैं। छोटे यूट्यूबरों को एक वीडियो के प्रायोजन से 5,000 रुपये मिल जाते हैं, तो बड़ों को कुछ लाख रुपये भी दिए जाते हैं। लाखों रुपये की बात इसलिए समझ आती है, क्योंकि वह वीडियो उनके उत्पाद की खबर को सही आयु वर्ग, सही आय वर्ग और सही रुचि वर्ग के दर्शकों तक बहुत बड़ी संख्या में पहुंचा सकता है।

WowKids नामक चैनल के साढ़े तीन करोड़ सबस्क्राइबर्स हैं। खिलौने, चॉकलेट आदि बनाने वाली कंपनी के लिए वह स्वाभाविक रुचि का चैनल होगा। कोई अत्यंत लोकप्रिय अखबार, जिसकी प्रसार संख्या 50 लाख हो, उसके पाठकों में कितने बच्चे होंगे? शायद एकाध प्रतिशत? यानी बड़े से बड़े अखबार में विज्ञापन के लिए लाखों रुपये देकर भी कोई व्यक्ति एकाध लाख लक्षित पाठकों तक ही पहुंच पाएगा, जबकि यहां पर वह बहुत बड़ी संख्या में एकदम सटीक दर्शक वर्ग तक अपना संदेश भेज सकता है।

आय के कुछ दिलचस्प रास्ते भी हैं। जो यूट्यूब चैनल अधिक लोकप्रिय हो जाते हैं या फिर जिन यूट्यूबरों के पास किसी खास क्षेत्र का गहरा ज्ञान या अनुभव होता है, वे अपने चैनल की सदस्यता पाने के लिए दर्शकों को आमंत्रित करते हैं। यह सदस्यता सब्सक्रिप्शन से अलग है। जहां सामान्य सब्सक्रिप्शन नि:शुल्क होता है, वहीं सदस्यता के लिए मासिक शुल्क लिया जा सकता है।

मान लीजिए कि कोई जादूगर अपना चैनल बनाता है। वह अपने चैनल पर तरह-तरह के करतबों के वीडियो पोस्ट करता है, जो सबके लिए हैं। वह चाहे तो अपने चैनल में लोगों को सदस्यता के लिए आमंत्रित कर सकता है और उन्हें जादू की कला सिखा सकता है। यह कन्टेन्ट सामान्य दर्शकों को उपलब्ध नहीं होगा। सदस्यों को कुछ खास किस्म के बैज दिए जा सकते हैं और यूट्यूबर से सीधे बातचीत का मौका भी मिल सकता है।

यूट्यूब पर आय का एक और माध्यम है सुपर चैट और सुपर स्टिकर। आप जानते हैं कि आप यूट्यूब पर लाइव प्रसारण भी कर सकते हैं। ऐसे प्रसारण के दौरान दर्शकों के साथ सीधे चैट (चर्चा) करना संभव है। लेकिन लोकप्रिय चैनलों पर लाइव चैट में सैंकड़ों, यहां तक कि हजारों लोग मौजूद होते हैं और एक के बाद एक तेज गति से लोगों के संदेश आते रहते हैं। ऐसे में यूट्यूबर चाहे तो सुपर चैट नामक सुविधा का प्रयोग कर सकता है। इसके तहत आपके दर्शक चैट में अपनी टिप्पणी को रेखांकित (हाइलाइट) करने के लिए कोई राशि देते हैं- जैसे 100, 500 या 1,000 रुपये।

आप सोचेंगे कि भला कोई दर्शक ऐसा क्यों करेगा? लेकिन कई स्थितियों में दर्शक ऐसा करते हैं। एक तो कुछ लोग, जो यूट्यूबर के बड़े प्रशंसक होते हैं, वे उसका ध्यान खींचना चाहते हैं। दूसरे, कई बार किसी महत्वपूर्ण विषय पर वीडियो हो तो कोई दर्शक अपने किसी सवाल का जवाब पाने के लिए ऐसा कर सकता है।

एक उदाहरण देखिए। पाकिस्तान के कई यूट्यूबर भारतीय क्रिकेट पर वीडियो बनाते हैं और हमारे मैचों के दौरान उनकी लंबी लाइव टिप्पणियां चलती रहती हैं। इनमें से दो रिजवान हैदर और मोहसिन अली अपने चैनल पर सुपर चैट का प्रयोग करते हैं और उनके लाइव प्रसारण के दौरान रोजाना ही दर्शक चैट में हजारों रुपये (डॉलर, यूरो और पाउंड भी) दे देते हैं।
(लेखक माइक्रोसॉफ़्ट एशिया में डेवलपर मार्केटिंग के प्रमुख हैं)

Topics: SubscribeyoutuberRizwan Haiderभारतीय क्रिकेटMohsin Aliindian cricketSuper Chatयूट्यूबरchannelचैनलसब्सक्राइबरिजवान हैदरमोहसिन अलीसुपर चैट
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