'भय बिनु होइ न प्रीत', अब UN से आर-पार के मूड में भारत, घटाई 54% तक फंडिंग, शांति सैनिकों को भी बुला सकता है वापस
June 9, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

‘भय बिनु होइ न प्रीत’, अब UN से आर-पार के मूड में भारत, घटाई 54% तक फंडिंग, शांति सैनिकों को भी बुला सकता है वापस

भारत सरकार 2024-2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को केवल 175 करोड़ रुपए देगा।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Feb 17, 2024, 09:44 am IST
in विश्व
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

‘विनय न मानत जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति।’ वैसे तो रामचरितमानस की ये चौपाई तब की है जब लंका पर चढ़ाई करने जा रहे भगवान राम ने समुद्र से लंका जाने के लिए मार्ग देने का आग्रह कर रहे थे। लेकिन आज की परिस्थिति में ये संयुक्त राष्ट्र पर बखूबी फिट बैठती है। क्योंकि लंबे वक्त से UNSC की स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे भारत को संयुक्त राष्ट्र नजरअंदाज कर रहा है। इतनी कोशिशों के बाद भी संयुक्त राष्ट्र के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ऐसे में भय का साक्षात्कार कराते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र को दी जाने वाली फंडिंग में भारी कटौती कर दी है। कहा जा रहा है कि अब जल्द ही भारत सरकार यूएन की पीस कीपिंग फोर्स से भारतीय सैनिकों को वापस बुला सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के एक सीनियर मेंबर ने तो ग्लोबली चल रहे सभी शांति मिशनों से भारत सरकार से हटने का आह्वान किया है। ग्लोबल सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस यानि कि ‘सास’ की दिग्गज कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन के सीईओ श्रीधर वेम्बू भारत के इस कदम का स्वागत करते हुए कहते हैं कि अगर दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश को संयुक्त राष्ट्र की शक्तियां नहीं देती है तो भारत को इस निकाय के साथ अपना समय और पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए। बता दें कि साल 2021 में पद्म पुरस्कार से सम्मानित वेम्बू राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।

इसे भी पढ़ें:  Israel Hamas War: ICJ ने दक्षिण अफ्रीका को फिर दिया झटका, ‘राफा’ की सुरक्षा वाले अनुरोध को किया खारिज 

कितनी कटौती की भारत ने

गौरतलब है कि भारत सरकार ने इस साल के अंतरिम बजट 2024-25 में संयुक्त राष्ट्र समेत कई सारे अंतरराष्ट्रीय निकायों के बजट में 35.16 फीसदी की कटौती का प्रस्ताव रखा है। अनुमान व्यक्त किया गया था कि 2024-2025 के लिए, अंतरिम बजट में बिम्सटेक, सार्क और संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय निकायों पर खर्च करने के लिए विदेश मंत्रालय के लिए 558.12 करोड़ रुपए आवंटित होंगे। वहीं विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को आइना दिखाते हुए उसके बजट में 54% से अधिक की कटौती कर दी है। इस बार UNSC को केवल 175 करोड़ रुपए ही दिए जाएंगे। जबकि, पिछले साल भारत सरकार ने सुरक्षा निकाय को 382.54 करोड़ रुपए दिए थे।

हालांकि, इससे पहले पिछले साल 2023-2024 के संशोधित अनुमान (आरई) में वित्त मंत्रालय ने वैश्विक संस्थाओं के योगदान के लिए 866.70 करोड़ रुपए की फंडिग की थी। लेकिन इतना धन खर्च करने के बावजूद भारत को अब तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए अनुनय विनय करना पड़ा रहा है। ऐसे में अब ‘भय’ क रास्ता अपनाया गया है।

Topics: भारत यूएनएससी फंडिंग में कटौतीभारत यूएनएससी स्थाई सदस्यतासंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समाचारयूएनएससी से क्यों नाराज है भारतIndia cuts unsc fundingयूएनएससी भारत स्थाई सदस्यता का मामलाindia unsc fundingयूएन से शांति सेना बुला सकता है भारतindia may recall Peacekeeping Missionsindia UNSC Permanent Membershipindia Peacekeeping Missionsun peace-keeping missionsNational Security Advisory BoardSridhar Vembu
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share9TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पी. हरीश, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि

UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब: जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा

Representational Image

भारत के सुर में सुर मिलाया अमेरिका ने, UNSC में पाकिस्तान स्थित जिहादी गुटों पर प्रतिबंध की मांग

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा युद्धविराम प्रस्ताव पर अमेरिका का वीटो

गाजा युद्धविराम प्रस्ताव पर अमेरिका ने फिर लगाया वीटो, संयुक्त राष्ट्र में 14 देश हुए समर्थक

Pahalgam terror attack

पाकिस्तान की बड़ी हार, यूएन ने भारत पर लगाए आरोपों को खारिज किया, पूछा – ‘पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयबा शामिल था क्या’

प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री और वै​श्विक नीति विशेषज्ञ जेफरी सैक्स

अब अमेरिका के नीति विशेषज्ञ ने कहा, आर्थिक शक्ति बन चुके भारत को UNSC में मिले स्थायी सीट

तमिलनाडु के उद्योगपतियों ने सरकार से कहा “हिन्दी को पढ़ाने दें!”

Load More

ताज़ा समाचार

आज का इतिहास

आज का इतिहास: 9 जून की वो घटनाएं जिन्होंने भारत के इतिहास पर छोड़ी अमिट छाप

आज का राशिफल

आज का राशिफल: इन 5 राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा मंगलवार, पढ़ें अपना राशिफल

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

ईरान, होर्मुज और परमाणु प्रश्न: संभावित अमेरिका–ईरान समझौते के पीछे असली दांव

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर कार्रवाई : घुसपैठ और कट्टरपंथ का पूरा तंत्र होगा ध्वस्त

पश्चिम बंगाल : अवैध विदेशियों पर ‘ममता’

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: लोहे की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख; मुआवजे की घोषणा

ममता बनर्जी और काकोली घोष

TMC में संकट गहराया, काकोली घोष सहित 20 सांसदों का राजग को समर्थन देने का फैसला

इंडी गठबंधन की बैठक पर BJP का तंज, कहा- कमजोर पड़ चुकी है जमीन, आने वाले समय में कार में होगी बैठक

हरियाणवी गायिका काजल चौधरी अपनी सास को करा रहीं 84 कोसी परिक्रमा

हरियाणवी गायिका काजल चौधरी ने पेश की मिसाल, 95 वर्षीय सास को करा रहीं 84 कोसी परिक्रमा 

भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी बारी का इंतजार करते घुसपैठिए

बंगाल से विशेष रिपोर्ट : सेंधमार सीमा से बाहर

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies