बागपत: मजार और कब्रिस्तान नहीं, ये है महाभारत काल का लाक्षागृह, 53 साल बाद आया फैसला, हिंदुओं को मिला अधिकार
August 22, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

बागपत: मजार और कब्रिस्तान नहीं, ये है महाभारत काल का लाक्षागृह, 53 साल बाद आया फैसला, हिंदुओं को मिला अधिकार

पांडवों के लाक्षागृह के स्‍वामित्‍व का अधिकार न्‍यायालय ने हिन्‍दू पक्ष को सौंपा, रामायण की तरह महाभारत कालीन मामले में 53 साल बाद निर्णय

Written byअनुरोध भारद्वाजअनुरोध भारद्वाज
Feb 5, 2024, 09:02 pm IST
inभारत, उत्तर प्रदेश
हिन्‍दू विजय : अयोध्‍या धाम के बाद बागपत लाक्षागृह केस में आया एतिहासिक फैसला, मुस्लिम पक्ष की हार

बागपत। देश में हिन्‍दू आस्‍था केन्‍द्रों पर हमले, तोड़फोड़ और मस्जिद-मजारों के अवैध निर्माण के मामलों में मुस्लिम पक्ष का झूठ फिर साबित हो गया है। कानून की कसौटी पर अयोध्‍या धाम और काशी के बाद मुस्लिम पक्ष को बागपत लाक्षागृह मामले में भी हार का मुंह देखना पड़ा है। न्‍यायालय ने रामायण के बाद महाभारत काल से जुड़े पांडवों के लाक्षागृह से सम्‍बंधित जमीन के स्‍वामित्‍व का अधिकार हिन्‍दू पक्ष को दे दिया है। 53 साल बाद कोर्ट का निर्णय आते ही हर तरफ खुशी का माहौल है।

हिन्‍दू पक्ष बागपत के बरनावा में बने महाभारत कालीन लाक्षागृह के पूर्ण स्‍वामित्‍व को लेकर पांच दशक से भी अधिक समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहा था। वर्ष 1970 में मेरठ कोर्ट में दायर इस लाक्षागृह केस की सुनवाई बागपत जिला न्‍यायालय में चल रही थी। सोमवार को सिविल जज शिवम द्विवेदी की कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। हिन्‍दू आस्‍था केन्‍द्रों की जगह पर अतिक्रमण की योजना के साथ बागपत में बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने खुद को वक्फ बोर्ड का पदाधिकारी बताते हुए लाक्षागृह मामले में केस दर्ज कराया था।

लाक्षागृह मामले में कानूनी लड़ाई शुरू होते ही गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज ने मोर्चा संभाला और मजबूत साक्ष्‍य रखते हुए पैरवी शुरू की थी। मुकीम खान ने दावा किया था कि लाक्षागृह की जमीन पर वक्फ बोर्ड का मालिकाना अधिकार है। सम्‍बंधित जमीन को लेकर झूठे तर्क देकर मुस्लिम पक्ष ने वहां शेख बदरुद्दीन की मजार और कब्रिस्तान बताया था। 1970 में शुरू हुई न्‍याय की लड़ाई लगातार जारी रही। इस दौरान कृष्‍णदत्‍त महाराज का स्‍वर्गवास हो गया। वहीं, मुस्लिम पक्ष के पैरोकार मुकीम खान भी दुनिया छोड़ गए।

लंबी लड़ाई के बाद बागपत न्‍यायालय ने 108 बीघे की इस जमीन पर फैसला देते हुए स्‍वामित्‍व का अधिकार हिंदू पक्ष को दे दिया है। बता दें कि महाभारत काल में कौरवों ने पांडवों को जलाकर मार डालने के लिए गहरा षडयंत्र रचा था। कौरवों के षडयंत्र का पांडवों को पता चल गया और वह सभी लाक्षागृह से सुरक्षित बचकर निकल गए थे। इसके लिए पांडवों ने सुरंग का इस्तेमाल किया था। लाक्षागृह से सम्‍बंधित भूमि से हजारों साल पुराने ऐतिहासिक साक्ष्य अब भी सामने आते रहते हैं। लाक्षागृह केस में मुस्लिम पक्ष की हार से फिर यह बात साबित हो गई है कि मुस्लिम आक्रमणकारियों ने हिन्‍दू आस्‍था केन्‍द्रों पर लगातार हमले किए थे और वहां अतिक्रमण कर मस्जिद-मजारें बनाने के गहरे षडयंत्र किए थे।

अयोध्‍या धाम में राम मंदिर निर्माण होने, काशी में ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में पूजा करने का अधिकार मिलने और और अब बागपत स्थित महाभारत कालीन लाक्षागृह की की भूमि के स्‍वामित्‍व का अधिकार मिलने से हर एक सनातनी खुश दिखाई दे रहा है। सबकी नजरें अब मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि मामले पर टिकी हैं, जिसे लेकर न्‍यायालय में कानूनी लड़ाई जारी है।

Topics: मथुरामहाभारतपूजा का अधिकारलाक्षागृहयूपी समाचारबागपत लाक्षागृहभारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभागहिन्‍दू पक्ष की जीतअयोध्यामहाभारत कालीनराम मंदिरपांडवरामायणकौरववक्फ बोर्डबरनावाकाशीमुस्लिम पक्ष की हार
Share5
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर फहराती धर्म ध्वजा

राम मंदिर के CEO इंटरव्यू में क्या जनेऊ और खान-पान पर पूछे गए सवाल? जानें क्या है सच

मेरे जीवन में शिव : मौन में ध्यान, संकट में धैर्य, अन्याय के विरुद्ध शक्ति और करुणा में असीम प्रेम हैं शिव

श्रीराम मंदिर के शिखर पर लगी धर्म-ध्वजा

कांग्रेस क्‍या राम मंदिर पर बोलने का अधिकार रखती है, जब उसका श्रीराम में विश्‍वास ही नहीं ?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जिनके जेब से राममंदिर निर्माण के लिए एक पैसा नहीं निकला, वे कर रहे चंदा चोरी की बात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मौलाना का बड़ा दावा! वक्फ बोर्ड की जांच हुई तो होगा बड़ा खुलासा?, CM Yogi को लिखी चिट्ठी

cm yogi adityanath

अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता व आस्था पर प्रहार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Load More

ताज़ा समाचार

CM Yogi Aadityanath

उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी नहीं, सीएम योगी ने लोगों से न घबराने की अपील की

प्रतीकात्मक तस्वीर

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.50 लाख से ज्यादा छात्रों ने भेजे निबंध

म्यांमार में बौद्ध मठ पर एयरस्ट्राइक, 14 लोगों की मौत और 20 घायल; पूजा के बीच मची भगदड़

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

चार नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न के दोषी पादरी को 4 मौत की सजा

iPhone की EMI बनी परिवार की तबाही की वजह? फिर पहाड़ी पर पहुंचा बेटा; बचाने गए मां-बाप समेत 3 की मौत

SC का बड़ा फैसला: जज बनने के लिए अब 3 नहीं, सिर्फ 1 साल की वकालत जरूरी

भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपये लेकर बलात्कारी को बचाने का आरोप

पंजाब में गुरुद्वारे से अपील करते ग्रंथी

“पाकिस्तान दीयां साजिशां दा शिकार होण तो बचन”: पंजाब के गांवों में गुरुद्वारों से लोगों को ISI के खतरों से कर रहे सचेत

प्रतीकात्मक तस्वीर

बाली में ‘पागलपन’ बताकर हिंदू पर्व का उड़ाया मज़ाक, स्विस टूरिस्ट को मिली 1 साल की जेल

पानी की कमी का अनोखा इलाज खोज रहा 13 साल का अनिकेत, हवा से पानी बनाने का बनाया सिस्टम

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies