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होम भारत

सबहिं मनहिं मन किए प्रनामा, देखि राम भए पूरनकामा

श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से भारत की ख्याति दुनिया भर में होगी। यह कभी अकल्पनीय था।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jan 30, 2024, 12:13 pm IST
inभारत, विश्लेषण, मत अभिमत, उत्तर प्रदेश

श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के महा उत्सव पर देश ही नहीं दुनिया भर में हर्षोल्लास का वातावरण था। इस पावन अवसर पर देश-दुनिया के विख्यात लोगों ने व्यक्त किए उद्गार

श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से भारत की ख्याति दुनिया भर में होगी। यह कभी अकल्पनीय था। श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण होगा, ऐसा कहने वालों का उपहास उड़ाया जाता था। श्रीराम के कार्य में योगदान देना मेरे जीवन का सबसे पुनीत कार्य है।

— जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज सदस्य,
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

भगवान श्रीराम सनातन संस्कृति के मेरुदंड हैं। इस राष्ट्र के प्राणतत्व हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद जो हर्ष मन को हो रहा, वह कल्पना से परे है। अब हमारे राम टेंट में नहीं, विशाल मंदिर में विराजे हैं। यह समस्त जगत के लिए सुखदायी है।
—स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर

जब टेंट में राम लला थे तब हम आए थे और आज दिव्य-भव्य मंदिर बना है। आज सनातन नया इतिहास रच रहा है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ राम राज्य की शुरुआत हो रही है। — स्वामी रामदेव, योग गुरु

 

संकल्प साकार हुआ है। रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा से भारत का भाग्योदय होगा। भारत नित नई ऊंचाइयों को छुएगा। यह अवसर संपूर्ण विश्व के लिए मंगलदायी है।
— श्रीश्री रविशंकर, प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु

500 साल के संघर्ष की यात्रा के बाद हमने ये पाया है कि हमारे रामलला मंदिर में विराज गए। इस संघर्ष यात्रा में भारत के बहुत सारे ऐसे भी लोग रहे, जिन्होंने इस संकल्प की पूर्ति के लिए जूते नहीं पहने, पगड़ी नहीं पहनी। कुछ लोगों ने अन्न तक का त्याग किया। कई स्त्रियों ने बाल खोलकर रखे। उनका संकल्प था कि जब भगवान का मंदिर बनेगा, तो वे अपने संकल्प को तोड़ेंगे। हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारी पीढ़ी को इस सौभाग्य को देखने का मौका मिल रहा है। – साध्वी ऋतंभरा, संस्थापक, वात्सल्य ग्राम

अब अयोध्या जी में अलौकिक वातावरण है। रामजी आए हैं और खुशियों की बहार लाए हैं। जन जन के मन को भाए हैं। सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और लाखों लोगों के बलिदान के बाद ऐसा अवसर आया है। आज पूरा जगत खुश है।
— लोकेश मुनि जी, प्रख्यात जैन संत

आज मेरी वही स्थिति है, जो भगवान राम के वनवास से लौटने के बाद गुरु वशिष्ठ की थी। इससे ज्यादा मैं क्या कहूं। यह एक अद्भुत दिन है।
-जगद्गुरु रामभद्राचार्य

यह मायने नहीं रखता किसी की आस्था क्या है, हम सभी एक ऐसे प्राणी की आवधारणा के प्रति आकर्षित हैं, जो सम्मान के साथ और मजबूत मूल्यों के साथ जीने के लिए समर्पित हैं। उनके तीर बुराई और अन्याय पर लक्षित हैं। राम राज्य की स्थिति आदर्श शासन-सभी समाजों के लिए आकांक्षा है। आज राम शब्द विश्व व्यापी है।
— आनंद महिंद्रा, चेयरमैन, महिंद्रा समूह

मन हर्षित है। मैं मानता हूं कि भारत की संस्कृति और परंपराएं समूचे विश्व को दिशा दिखाने की क्षमता रखती हैं। वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर चलते हुए भारत की संस्कृति, भाषाओं और साहित्य के अध्ययन को बढ़ावा देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से अडाणी समूह ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर इंडोलॉजी में पीएचडी करने के लिए 14 छात्रों को प्रायोजित करने का निर्णय लिया है। इससे भारत की साफ्ट पॉवर व इंडोलॉजी को वैश्विक पहचान मिलेगी। — गौतम अडाणी, चेयरमैन, अडाणी समूह

यह ऐतिहासिक दिन है। श्रीराम भव्य मंदिर में विराजे हैं। अब हर वर्ष 22 जनवरी को पूरे देश में राम दीपावली मनेगी।
— मुकेश अंबानी, चेयरमैन, रिलायंस इंडस्ट्रीज

 

राम लला के आंगन में आकर खुशी हुई। मंदिर की अद्भुत वास्तुकला भी यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभावित करने के लिए तैयार है।
श्रीराम का आशीर्वाद पाकर खुशी हुई।
— सचिन तेंदुलकर, प्रख्यात क्रिकेटर

मंदिर आकर जो खुशी हो रही है, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
यहां आकर जैसे पौराणिक काल में पहुंच गई हूं। जयश्रीराम।
— कंगना रनौत, फिल्म अभिनेत्री

हमारा सौभाग्य है कि हम रामलला की मूर्ति प्रतिष्ठित होते देख पाए। श्रीराम का दर्शन पाकर मन, तन, सब हर्षित है। खुशी इतनी है कि समाए नहीं समा रही।
— साइना नेहवाल, बैडमिंटन खिलाड़ी

अयोध्या में आस्था और संस्कृति के ऐतिहासिक उत्सव के साक्षी बनने का अवसर मिला। अयोध्या का अर्थ ही युद्ध से मुक्त होता है। हमारा संकल्प विश्व को हिंसा मुक्त बनाना होना चाहिए। राम करुणा के सागर हैं। ऐसे में हम सभी पुराने भेदभाव, वैमनस्य और दूरियां छोड़कर एक नई शुरुआत करें। — कैलाश सत्यार्थी, नोबेल पुरस्कार विजेता

22 जनवरी का दिन सभी के लिए गौरवशाली और ऐतिहासिक दिन है। अब हमारे प्रभु श्रीराम अपने भवन में विराजे हैं। यह क्षण सदैव प्रत्येक देशवासी के ह्दय में अंकित रहेगा। मैं भगवान राम जी से प्रार्थना करता हूं कि वे मानवता को शांति, प्रगति और समृद्धि का आशीर्वाद दें। — हरभजन सिंह, पूर्व किक्रेटर

श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा दुनिया भर के भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मैं श्रीराम मंदिर के दर्शन के लिए बहुत ही उत्सुक हूं।
— नाओर गिलोन, भारत में इस्राएल के राजदूत

यह पल आमरण याद रहेगा। 22 जनवरी के दिन ना केवल स्वर्णिम इतिहास रचा गया है बल्कि आने वाली हमारी पुश्तें इसे याद रखेंगी। यह मेरे जीवन का ऐसा भावुक पल है, जो बताते ही आंसुओं का बांध टूट जाता है। — अनुपम खेर, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता

श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होना सौभाग्य की बात है। सदियों के संघर्ष और लंबी प्रतीक्षा के बाद मानवता के आदर्श भगवान श्रीराम पुन: अपने दिव्य मंदिर में प्रतिष्ठित हुए हैं।— अरुण गोविल, अभिनेता एवं निर्देशक

 

उत्साह बहुत है, क्योंकि ऐसा लग रहा है जैसे देवलोक से ही बुलावा आया है और परमात्मा ने बुलाया है। यह दिन बहुत शुभ है। यह घड़ी इतनी शुभ है कि ना केवल भारत में परंतु तीनों लोक में उत्सव में मन रहा है। ना केवल मानव जाति में बल्कि समस्त जीव जंतुओं में उत्सव मन रहा है। — कैलाश खेर, ख्यातिप्राप्त गायक

मन बहुत खुश है।
मैं विश्वास ही नहीं कर पा रहा हूं कि ये सब हमारे सामने हो रहा है।
— कुमार मंगलम बिड़ला, चेयरमैन आदित्य बिड़ला समूह

 

अनुभव ऐसा जिसे बताया नहीं जा सकता। एक भारतीय होने के नाते जीवन में इसे एक बार देखना हर किसी के लिए सम्मान की बात है। मेरा इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनना बहुत गर्व की बात है। यह वास्तव में एक आशीर्वाद है।
— राम चरण, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता



आज का दिन मेरे लिए काफी भावुक करने वाला रहा है। प्राणप्रतिष्ठा के समय मेरी आंखों से आंसू बहने लगे थे। इसने भारत को एक राष्ट्र के रूप में मजबूत और एकीकृत किया है।— पवन कल्याण, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता



यह एक अद्भुत अनुभव है।
यह दिन पूरे भारत के लोगों के लिए अविस्मरणीय है।
— चिरंजीवी, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता

 

जो भी इंसान भारत को प्रेम करता है, वह इस ऐतिहासिक क्षण को महसृूस कर रहा है कि कितना आनंदित करने वाला पल है। इसका अहसास अभी तक पूरा नहीं समा पा रहा। सारा देश सनातन धर्म का उत्सव मना रहा है। — सोनू निगम, प्रसिद्ध गायक

 

प्राण प्रतिष्ठा का दिन राम भक्तों के लिए बहुत बड़ा है। कई सौ सालों की प्रतीक्षा के बाद ऐसा दिन आया है जब रामलला अपने घर में विराज रहे हैं। पूरे देश को पावन अवसर की बहुत बहुत शुभकामनाएं। सबको जयश्रीराम। -अक्षय कुमार, फिल्म अभिनेता

 

यह दिन इतिहास में ऐसे दिन के रूप में याद रखा जाएगा जब हमारे देश की हर सड़क ‘जय श्री राम’ के जयकारे से गूंज उठी थी।
—अजय देवगन, फिल्म अभिनेता

Topics: श्रीराम भव्य मंदिर में विराजेश्रीराम जन्मभूमिManasअयोध्या जी में अलौकिक वातावरण
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