किसी को विश्वास नहीं था कि राम मंदिर का निर्माण हो सकता है, सवाल उठाने वाले भी 22 जनवरी को आएं अयोध्या : अमित शाह
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किसी को विश्वास नहीं था कि राम मंदिर का निर्माण हो सकता है, सवाल उठाने वाले भी 22 जनवरी को आएं अयोध्या : अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को दिल्ली के बुराड़ी मैदान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Dec 8, 2023, 04:30 pm IST
inभारत, दिल्ली
अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और विकास विरोधाभासी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसी को भी विश्वास नहीं था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर का निर्माण किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री शाह शुक्रवार को दिल्ली के बुराड़ी मैदान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

अमित शाह ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण पर सवाल खड़ा करने वालों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले किसी को विश्वास नहीं था कि अयोध्या में राम मंदिर बन सकता है। शाह ने राम मंदिर निर्माण पर प्रश्न करने वालों को भी 22 जनवरी को अयोध्या में मिठाई खाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और विकास विरोधाभासी नहीं है। हमारी विरासत ही आधुनिक विकास की कुंजी है। हमने अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाया है और दुनिया भर ने इसको उचित श्रेय दिया है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से कहा कि इस देश का स्वर्णिम भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। पिछले 10 सालों में देश में जबरदस्त बदलाव हुए हैं। ‘घोटालों’ की जगह अब हमारे पास नई-नई ‘योजनाएं’ हैं। ‘तुष्टीकरण, परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति’ के बजाय अब हमारे पास ‘प्रदर्शन की राजनीति’ है। उन्होंने कहा कि भारत का समय आ गया है। हर समस्या के समाधान के लिए आज विश्व भारत की ओर आशा के साथ देख रहा है। आप सभी युवाओं की जिम्मेदारी है कि ये जो परिवर्तन आया है, इस परिवर्तन को सातत्यपूर्ण बनाते हुए हमारी कल्पना के भारत की रचना आपको करनी है।

अमित शाह ने एबीवीपी से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि मैं एबीपीपी का ऑर्गेनिक प्रॉडक्ट हूं।” उन्होंने कहा कि वह आज यहां राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर गौरव महसूस कर रहे हैं। शाह ने कहा, “ये अनुभव वही व्यक्ति कर सकता है, जिसकी शुरुआत राजकोट अधिवेशन में पंडाल के अंत में बैठकर हुई है और वो आज मुख्य अतिथि बनकर यहां खड़ा है।”

उन्होंने एबीवीपी को शिक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा संगठन बताते हुए कहा कि यह न केवल शिक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करने का प्रयास करता है, बल्कि अपने छात्रों के चरित्र निर्माण में भी मदद करता है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने अपनी स्थापना के बाद से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे भाषा आंदोलन हो, शिक्षा आंदोलन हो या संस्कृति का संरक्षण एबीवीपी हमेशा सबसे आगे रही है। विद्यार्थी परिषद के छात्र देश के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, चाहे वह शिक्षा हो, मीडिया हो या राजनीति। विद्यार्थी परिषद ने वर्षों से अपने छात्रों की हर छोटी-बड़ी समस्याओं को उठाया है। मेरे आगमन पर, ‘कश्मीर हो या गुवाहाटी, अपना देश अपनी मिट्टी’ की गूंज थी! (चाहे कश्मीर हो या गुवाहाटी, यह हमारा देश है, यह हमारी धरती है!) चिंता न करें, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, कश्मीर हमारा है! उत्तर-पूर्व हमारा है!

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संकल्प लिया है कि आने वाले 25 वर्षों में भारत विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव और अमृतकाल का जो संकल्प नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने रखा है, वो आपके लिए है क्योंकि इसे देखने के लिए आप सभी होंगे। जब आजादी के 100 वर्ष पूरे हों, तब उस आजादी के लिए बलिदान देने वाली सभी हुतात्माओं की कल्पना का भारत बनाने की जिम्मेदारी विद्यार्थी परिषद जैसे संगठन की है, मेरे सामने जो विराट युवाशक्ति बैठी है उसकी है। उन्होंने कहा कि युवाशक्ति किसी भी देश की रीढ़ की हड्डी होती है और युवाशक्ति ही देश एवं समाज को शिखर पर ले जाने का काम करती है। भारत में ढेर सारे युवाओं ने युग परिवर्तन किया है। आपको तो रास्ता तलाशने की भी जरूरत नहीं है, 75 वर्षों में विद्यार्थी परिषद की पीढ़ियों ने ज्ञान, शील, एकता का जो रास्ता बनाकर रखा है, उसी रास्ते पर आपको चलना है। आपको सिर्फ संकल्प लेने की आवश्यकता है।

Topics: अमित शाहAmit Shahअयोध्याएबीवीपीABVPश्रीराम मंदिरShri Ram MandirAyodhya
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