गांधीनगर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए कुल 44 सीटों में से 38 सीटों पर कब्जा किया है । कांग्रेस को पांच सीट ही मिलीं। एक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी का खाता भी नगर निगम में नहीं खुल सका है।
अगले वर्ष विधानभा चुनाव होना है और इससे पूर्व यह बड़ा परिणाम आया है। भाजपा 2022 में गुजरात विधानसभा में 182 सीटों में 156 सीटों पर जीत के प्रदर्शन को सुधारने के लिए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। भाजपा गुजरात में 1995 से लगातार सात विधानसभा चुनव जीतकर 2027 में आठवीं बार कमल खिलाने की ओर अग्रसर है।
अहमदाबाद नगर निगम से राज्य में शुरुआत
भाजपा ने गुजरात में 1987 में अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करके राज्य में अपने राजनीतिक उतकर्ष की ओर कदम बढ़ाए थे। अहमदाबाद नगर निगम का 1987 का चुनाव भाजपा के लिए गुजरात की राजनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ था। मात्र सात साल पुरानी भाजपा ने इस चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर पहली बार अहमदाबाद नगर निगम की सत्ता पर कब्ज़ा किया था।
नरेंद्र मोदी की पहली बड़ी संगठनात्मक भूमिका
जनवरी 1987 में नरेंद्र मोदी को गुजरात भाजपा का संगठन महासचिव बनाया गया था। इस चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने जमीनी स्तर पर एक-एक वार्ड में चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी और स्कूटर पर घूमकर खुद पोस्टर तक चिपकाए थे।
राज्य सत्ता का मार्ग प्रशस्त
अहमदाबाद नगर निगम की इस बड़ी जीत ने भाजपा को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित किया। इसी का परिणाम था कि पार्टी ने आगे चलकर पहले 1990 के विधानसभा चुनाव में जनता दल के साथ गठबंधन कर और फिर 1995 में पहली बार अपने दम पर 121 सीटें जीतकर गुजरात में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।
कर्नाटक में जीत से राज्य में बड़ी दस्तक
कर्नाटक में 1993 में शिमोगा नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करके भाजपा ने राज्य में अपनी पैठ को बेहद मजबूत किया था। शिमोगा नगर निगम के चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल करके भाजपा ने स्थानीय राजनीति में अपनी गहरी जड़ें जमाईं। शिमोगा नगर निगम में 35 सीटों में भाजपा ने अकेले 20 सीटें जीतकर निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन से अपना मेयर और डिप्टी मेयर बनाया था। इसके बाद ही राज्य में भाजपा मजबूत हुई और पार्टी ने बाद के दिनों में राज्य में अपनी सरकार बनाने में कामयाब हुई।
केरल में तिरुवनंतपुरम से आगाज
भारतीय जनता पार्टी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार इस निकाय की सत्ता पर कब्जा किया। दिसंबर 2025 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से 50 सीटों पर जीत दर्ज करके पूरे राज्य में अपने मजबूत होते कदमों का साफ संदेश दिया था।
भाजपा की जीत के साथ ही तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पिछले 40 से 45 वर्षों से चला आ रहा वाम लोकतांत्रिक मोर्चा का मजबूत गढ़ ढह गया। कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यह काम करने में नाकाम साबित हो रही थी। कुल 101 वार्डों में से भाजपा-एनडीए को 50 सीटें मिलीं, जबकि सत्ताधारी एलडीएफघटकर सिर्फ 29 सीटों पर ही जेट दर्ज़ कर सकी थी। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को महज 19 सीटें हासिल हुईं और 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।

















