मणिपुर में हिंसा- आठ जिलों में कर्फ्यू, पांच दिन के लिए इंटरनेट बंद, सेना ने संभाला मोर्चा, 4000 लोगों को किया शिफ्ट
October 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

मणिपुर में हिंसा- आठ जिलों में कर्फ्यू, पांच दिन के लिए इंटरनेट बंद, सेना ने संभाला मोर्चा, 4000 लोगों को किया शिफ्ट

स्थिति को नियंत्रित करने को सेना के जवानों का फ्लैग मार्च, इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू

Written byPanchjanyaPanchjanya
May 4, 2023, 02:30 pm IST
inभारत, मणिपुर
मणिपुर में हालात को काबू करते सुरक्षाकर्मी (फाइल फोटो)

मणिपुर में हालात को काबू करते सुरक्षाकर्मी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। मणिपुर में जनजातीय आंदोलन के बीच बुधवार को कई जिलों में हिंसा भड़क गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके अलावा इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। आदेश में बताया गया कि राज्य में ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू हैं। बताया जा रहा है कि कुकी उग्रवादियों ने मैतेई समुदाय के घरों में तोड़फोड़ की। मैतेई समुदाय हिंदू है और वहां की मूल संस्कृति के संरक्षक भी हैं। वहीं मणिपुर की सीमा में कुकी रहते हैं जिनमें से अधिकांश ईसाई में कन्वर्ट हो चुके हैं।

हालात को काबू करने के लिए भारतीय सेना को बुलाया गया है। कई इलाकों में आर्मी जवानों को तैनात किया गया है। एहतियात के तौर पर पांच दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्यवाही चल रही है। अब तक करीब 4 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

हिंदुओं पर हमला, कुकी विद्रोहियों ने घरों में लगा दी आग

मणिपुर के बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों से सटे विभिन्न इलाकों में विद्रोहियों ने बुधवार को घरों में आग लगा दी और महिलाओं और बच्चों सहित लोगों पर हमला किया। तोरबंग के एक स्थानीय ने बताया कि लोगों के एक सशस्त्र समूह ने बुधवार शाम 6 बजे तक मैतेई हिंदू से संबंधित छह घरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। अत्याधुनिक हथियारों से लैस बदमाशों ने घरों में तोड़फोड़ करते हुए कई राउंड गोलियां चलाईं।

आतंकित लोगों ने अपने घरों को छोड़ दिया और आसपास के हिंदू बहुल क्षेत्रों जैसे सैटोन, मोइरांग, निंगथौखोंग, बिष्णुपुर और राजधानी इंफाल में शरण ली। तोरबंग के एक अन्य निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर फोन पर सूचित किया कि हिंदुओं पर हमले के पीछे का मकसद अज्ञात है, लेकिन हिंसा में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के शामिल होने की आशंका है।

सोशल मीडिया से फैल रहे नफरत भरे भाषण, इंटरनेट पर पाबंदी

मणिपुर के गृह मंत्री एचजी प्रकाश ने कहा कि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर नफरत भरे भाषण और वीडियो के क्लिप प्रसारित कर रहे हैं। इसके जरिये जनता को उकसाया जा रहा है, इसी वजह से सरकार ने मोबाइल डेटा सेवाओं को निलंबित करने का फैसला लिया। इसके बावजूद बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है।

क्या कहा भारतीय सेना ने

भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि मणिपुर में प्रशासन के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए तीन मई की शाम से सभी प्रभावित इलाकों में सेना और असम राइफल्स की तैनाती कर दी गई है। हिंसा प्रभावित इलाकों से अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाने और कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मणिपुर में हिंसा को कम करने के लिए सेना और असम राइफल्स आगे बढ़ी हैं। अब तक 4000 ग्रामीणों को विभिन्न स्थानों पर सेना और राज्य सरकार के परिसरों में आश्रय दिया गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

केन्द्र की नजर, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से की बात

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में आदिवासी आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से गुरुवार को बातचीत की। केन्द्र सरकार मणिपुर के हालात पर नजर बनाए हुए है। हिंसा को नियंत्रित करने के लिए केन्द्र की ओर से त्वरित कार्य बल (आरएएफ) को भी भेजा गया है। जानकारी के अनुसार राज्य में हिंसा को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर सेना और असम रायफल्स के जवान पहले से ही तैनात किए गए हैं।

मणिपुर में उपजी हिंसा को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा कि बीते 24 घंटे में कुछ जगहों पर झड़प और तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। यह घटनाएं दो वर्गों के बीच प्रचलित गलतफहमी के कारण हुई हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसे नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

क्यों भड़की हिंसा

मैतेई हिन्दू को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग के खिलाफ बुधवार को मणिपुर के विभिन्न जनजातीय निकायों द्वारा आयोजित ‘एकजुटता रैली’ के बाद हिंसक घटनाएं हुईं। मैतेई समुदाय को एसटी श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को रैली का आयोजन हुआ था। ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर ने इस रैली का आयोजन किया था। इस दौरान हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों में तोड़फोड़ की है। रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान तोरबंग इलाके में जनजातियों और गैर-जनजातियों के बीच हिंसा भड़क गई। इसके बाद कई और जिलों में भी हिंसा की खबरें आई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

Topics: भारतीय सेनाइंटरनेट बंदमणिपुर में हिंसाकर्फ्यूसेना मोर्चाजनजातीय आंदोलनआदिवासी आंदोलन
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

ग्लेशियर, बर्फ और 5,578 मीटर की ऊंचाई… NCC की 20 महिला कैडेटों ने पूरा किया चुनौतीपूर्ण ट्रेक

औली में भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू

भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 2026 उत्तराखंड में शुरू

लेफ्टिनेंट शिवम अहलावत

पांच पीढ़ियां, एक रेजिमेंट, 140 साल की सेवा और देश के नाम एक अटूट विरासत

‘सीजफायर’ के लिए गिड़गिड़ाया था पाकिस्तान

जहां हेलीकॉप्टर उतारना था नामुमकिन: वहां सेना ने एक स्किड टिकाकर ऐसे बचाई मरीज की जान, देखें वीडियो

सीसीटीवी फुटेज में भागता दिखा हमलावर

पंजाब : सीमा से सटे गांव जट्टा में ग्रेनेड से हमला, पुलिस और सेना ने शुरू की जांच

Load More

ताज़ा समाचार

भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में महिला कारीगरों से बात करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

भदोही जिले का नाम बदलेगा, फिर से होगा संत रविदास नगर, सीएम योगी ने की घोषणा

RSS Massive Cleanliness Campaign Varanasi Kashi Prant Krishna Mohan Volunteers

स्वच्छता संस्कार और नागरिक कर्तव्य”: वाराणसी में RSS का वृहद स्वच्छता अभियान; शाखाओं पर स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब को दहलाने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम, AK 47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद

हरिद्वार में नशे के खिलाफ निकाली गई विशाल रैली

हरिद्वार : नशे के खिलाफ गूंजा ‘व्यसन छोड़ें-सृजन से जुड़ें’ का संदेश

जनजातीय कल्याण केंद्र महाकोशल को 11वां ‘संत ईश्वर सम्मान’: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया सम्मानित

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सीमान्त क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार की पहली बैठक, 24 प्रस्ताव पर चर्चा, युवाओं का कौशल बढ़ाने को 200 करोड़ की योजना

ABVP Itanagar Meet Captain Smit Machhar Ashok Chakra

“कैप्टन स्मित मच्छार को मिले अशोक चक्र”: ईटानगर में ABVP की राष्ट्रीय बैठक में उठी पुरजोर मांग

अजन्मी बेटियों के लिए काशी में किया गया पिंडदान

काशी के दशाश्वमेध घाट पर 10 हजार अजन्मी बेटियों का पिंडदान

काशी में चाचा का पिंडदान करते अमेरिकी नागरिक जैक्सन।

अमेरिका के जैक्सन ने काशी में किया चाचा का पिंडदान, आत्मा की मोक्ष कामना के लिए पहुंचे भारत

मंदिर से चोरी के आरोपी मोहम्मद आरिफ को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

उत्तराखंड: मोहम्मद आरिफ ने प्राचीन मंदिर से दान पत्र किया चोरी, पुलिसकर्मियों को टेंपो से कुचलने की कोशिश की

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies