... हमने तो दिलों को जीता है
September 20, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

… हमने तो दिलों को जीता है

विश्व समुदाय अभिवादन के लिए नमस्ते करता नजर आया था। योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता विश्व भर में बढ़ती जा रही थी। सब में भारत निहित था

Written byPanchjanyaPanchjanya
Dec 27, 2022, 02:13 pm IST
inभारत
भारत की कोरोना वैक्सीन दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचाई गई थी।

भारत की कोरोना वैक्सीन दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचाई गई थी।

भारत विश्व का अनूठा देश है, जिसकी सॉफ्ट पावर उसकी सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक कौशल पर आधारित है। भारत की छवि ऐसे सौम्य देश की है जो सैन्य शक्ति होने के बावजूद स्वभाव से आक्रामक नहीं है, जिसकी बढ़ती सैन्य शक्ति को खतरे के रूप में नहीं देखा जाता है

कोरोना महामारी की पिछली लहरों के दौरान विश्व समुदाय अभिवादन के लिए नमस्ते करता नजर आया था। योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता विश्व भर में बढ़ती जा रही थी। सब में भारत निहित था। यह भारत की सॉफ्ट पावर के कुछ सबसे स्पष्ट उदाहरण हैं। भारत विश्व का ऐसा अनूठा देश है, जिसकी सॉफ्ट पावर उसकी सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक कौशल पर आधारित है। सॉफ्ट पावर के लिहाज से शक्तिशाली तो कई देश हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश अपनी संस्कृति को ‘पश्चिमीकृत’ करके या मिलता-जुलता दिखाकर मित्रता गांठने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। इसके विपरीत भारत सांस्कृतिक एकता और उसी में भरपूर विविधता वाला देश है। एक ऐसा लोकतांत्रिक देश, जिसकी आकांक्षाओं से भरी हुई, सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता से भरी हुई बहुत जीवंत जनसंख्या है। जिसकी अथाह सांस्कृतिक गहराई है, अपार तकनीकी क्षमता है और संकट काल में विश्व की मदद करने के लिए जिसके हजारों हाथ हैं।

विश्व में भारत की छवि एक ऐसे सौम्य देश की है जो लोकतंत्र, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, स्थिरता और प्रतिबद्धता के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अपनी बढ़ती भूमिका को लेकर पूरी तरह निश्चिंत है। जो विश्व के संकटों को विश्व का साझा संकट मानता है। जो सैन्य शक्ति है, लेकिन स्वभाव से आक्रामक नहीं है और जिसकी बढ़ती सैन्य शक्ति को निकट और तमाम दूर देशों द्वारा खतरे के रूप में नहीं देखा जाता है। जो अपनी सहस्राब्दियों पुरानी सभ्यता और आधुनिक विकास की कहानी के कारण आज भी दुनिया के सभी क्षेत्रों के लिए कौतुक और रुचि पैदा करता है। वास्तव में भारत की सभ्यतागत गहराई और विस्तार लगभग सभी देशों के लिए सहज, सुलभ और उपयोगी सिद्ध हुई है। भारत को अपने सांस्कृतिक दायित्वों की गुरुता का पूरा अहसास है।

16 जनवरी, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायसीना डायलॉग में भारतीय विदेश नीति को स्पष्ट करते हुए भारत की सभ्यतागत विरासत के साथ वैश्विक संस्थानों के पुनर्गठन की बात कही थी। भारत का विदेश मंत्रालय भी अन्य सरकारी संगठनों के साथ आर्थिक सहयोग, विकास परियोजनाओं, कौशल के उन्नयन, छात्र आदान-प्रदान और छात्रवृत्ति, लोगों से लोगों के संबंध, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए व्यापक द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्यक्रमों का संचालन और समन्वय करता है। इसमें रचनात्मक और ललित कला, पुरातत्व, शैक्षणिक सम्मेलन आदि शामिल हैं। यहां तक कि भारत के सशस्त्र बल भी भारतीय तटों से दूर आपदा क्षेत्रों में फंसे अन्य देशों को मानवीय और आपदाकालिक सहायता प्रदान करते हैं। यही कारण है कि भारत जब वैश्विक विषयों पर अपनी राय रखता है, तो वह नैतिकता की सशक्त धारणाओं से पुष्ट होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं भारत की सांस्कृतिक और सौम्य शक्ति को प्रस्तुत करने का एक विशिष्ट अवसर साबित होती रही हैं। भारत की फिल्मों और संगीत से लेकर योग की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा तक, भारत की कला से लेकर वास्तुकला तक, भारत के व्यंजनों से लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की विरासत तक, भारत की सौम्य छवि मेजबान देश के पटल पर स्थापित होती रही है। इस वर्ष जुलाई में मोदी ने भारत और मध्य एशिया के बीच आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करके, भारत की बहुसांस्कृतिक विरासत पर जोर देकर मध्य एशिया में भारत की प्रचलित आलोचनाओं की धार कुंद कर दी। परिणाम, आज मध्य एशिया के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं। इनमें अरब देश भी शामिल हैं और इस्राएल भी।

वास्तव में विदेशों में भारत की ‘ब्रांड वैल्यू’ को बढ़ाने के लिए एक सुविचारित प्रयास पहली बार हो रहा है। जानी-मानी संचार और जनसंपर्क सलाहकार कंपनी पोर्टलैंड ने सॉफ्ट पॉवर की वैश्विक रैंकिंग जारी करते हुए कहा था, ‘‘मोदी का भारत निश्चित रूप से एक ‘सॉफ्ट पावर प्लेयर’ है, जिस पर आने वाले वर्षों में नजर रखी जाएगी।’’ उदाहरण के लिए, विश्व संस्कृत सम्मेलन पहले भी होते थे और भारत के बाहर भी होते थे, लेकिन अब उनमें भारत की भागीदारी बहुत बड़े पैमाने पर होती है। भारत संस्कृत भाषा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विद्वानों को ‘अंतरराष्ट्रीय संस्कृत पुरस्कार’ से सम्मानित करता है। संस्कृत भाषा या साहित्य में भारत में शोध करने वाले विदेशी विद्वानों के लिए फेलोशिप प्रदान करता है और नए शिक्षार्थियों के लिए भारत में अध्ययन या शोध करने के अवसर प्रदान करता है।

भारत की आईटी क्षमता भारत की सॉफ्ट पावर का बहुत बड़ा स्रोत बन कर उभरी है। आज भारत खास तौर पर दोपहिया वाहनों के बाजार का विनिर्माण केंद्र है, छोटी कारों का बड़ा बाजार है, जेनेरिक दवाओं का सबसे विशाल स्रोत है, वैक्सीन निर्माण में विश्व का अग्रणी देश है। विश्व ने देखा है कि जब उसे कोरोना संकट का सामना करना पड़ा था, तो किस प्रकार भारत पूरी शक्ति से उसकी मदद के लिए सामने आया था। यह भारत की वह शक्ति है, जिसके लिए बहुत पहले कहा गया था… हमने तो दिलों को जीता है।

भारत की सॉफ्ट पावर बौद्ध धर्म, योग, नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार और भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों (जकार्ता, बाली, बैंकॉक) और स्मारकों (कंबोडिया, वियतनाम, लाओस) के संयुक्त पुनरुद्धार के रूप में परिलक्षित होती है। इनमें से योग भारत का सबसे सफल और सबसे लोकप्रिय सॉफ्ट-पावर स्रोत बनकर उभरा है। प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नई दिल्ली में सामूहिक योग कार्यक्रम में हजारों लोगों का नेतृत्व स्वयं प्रधानमंत्री ने किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनिया भर में योग की अपार लोकप्रियता को तो दर्शाता ही है, वह इसमें निहित विज्ञान और इसकी समृद्ध ज्ञान परम्परा को भी रेखांकित करता है। भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना के प्रस्ताव के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में 175 सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त करने में सफल रही थी। भारत में जन्मे योग के कार्यक्रम अब छह महाद्वीपों के 192 देशों में आयोजित होते हैं।

भारत ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए प्रवासी भारतीय मामलों के एक नए मंत्रालय का गठन किया है। यह भारत की सही प्रस्तुति के लिए एक नया तंत्र और नई व्यवस्था है। वास्तव में, भारतीय प्रवासियों को भारत की सॉफ्ट पावर के राजदूतों के रूप में देखा जाता है। 2014 से सरकार ने भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ाने के लिए संसाधनों और परियोजनाओं में निवेश में भी वृद्धि की है। विदेशों में भारतीय दूतावासों की संख्या बढ़ाई गई है और जो नए राजनयिक मिशन और सांस्कृतिक केंद्र बनाए गए हैं, उनमें भारत की वास्तुकला की विविध शैलियों का उपयोग किया गया है।

आसियान, बिम्सटेक और सार्क जैसे क्षेत्रीय समूहों के साथ संबंधों को पुनर्जीवित किया गया है और ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’, ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ के माध्यम से पूर्वी और दक्षिण एशियाई देशों के साथ रणनीतिक, सांस्कृतिक, राजनयिक और आर्थिक संबंधों को गहन करने के अभियान शुरू किए गए हैं। आज विश्व का अधिकांश हिस्सा भारत को एक शांतिपूर्ण उभरती हुई शक्ति की छवि में देखता है, जो सहिष्णु है और बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र है।

जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था भी है और एक बड़ी आर्थिक सफलता की कहानी रच रही है। उदाहरण के लिए, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों का लक्ष्य भले ही घरेलू उत्पादन और विकास को प्रोत्साहित करना हो, वास्तव में इससे विश्व अर्थव्यवस्था में भारत एक अधिक कुशल, प्रतिस्पर्धी और लचीले देश के रूप में भी पेश होता है।

इसी प्रकार, भारत की आईटी क्षमता भारत की सॉफ्ट पावर का बहुत बड़ा स्रोत बन कर उभरी है। आज भारत खास तौर पर दोपहिया वाहनों के बाजार का विनिर्माण केंद्र है, छोटी कारों का बड़ा बाजार है, जेनेरिक दवाओं का सबसे विशाल स्रोत है, वैक्सीन निर्माण में विश्व का अग्रणी देश है। विश्व ने देखा है कि जब उसे कोरोना संकट का सामना करना पड़ा था, तो किस प्रकार भारत पूरी शक्ति से उसकी मदद के लिए सामने आया था। यह भारत की वह शक्ति है, जिसके लिए बहुत पहले कहा गया था… हमने तो दिलों को जीता है।

Topics: भारत विश्व का अनूठा देशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीयोगभारतीय विदेश नीतिभारत की सभ्यतागत विरासतबहुसांस्कृतिक विरासतभारत की सॉफ्ट पावर बौद्ध धर्मनालंदा विश्वविद्यालयप्रवासी भारतीय
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: विकसित भारत की अटूट नींव

वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा जी और गुजरात मुख्यमंत्री के प्रमुख सलाहकार एवं GMDC के अध्यक्ष डॉ. हसमुख अधिया जी

Sabarmati Samvad 2026: “गुजरात कैसे बनेगा भारत का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन? डॉ. हसमुख अधिया जी ने बताई 2047 की पूरी रणनीति”

ब्रिक्स समिट 2026: नई दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग, PM मोदी से करेंगे मुलाकात

52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन की तैयारी तेज, हरिद्वार में जुटेंगे 3,000 से अधिक विद्वान और प्रतिभागी

rishikul master plan cm dhami ayurveda yoga

ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी, CM धामी ने मास्टर प्लान की समीक्षा की

वडोदरा में PM मोदी का मेगा शो, Gen-Z के साथ किया संवाद; विपक्ष को बताया- नाराज फूफा…

Load More

ताज़ा समाचार

आज का मौसम

Weather Update: आज 21 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

‘भारत बन रहा आर्थिक सेतु’

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित प्राचीन ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन : बदलती वैश्विक भूमिका

आज का श्लोक : वाचा मित्रत्वमायाति वाचैवायाति शत्रुताम्

आज का राशिफल

20 सितंबर राशिफल: मेष से मीन तक जानें आज किस राशि की चमकेगी किस्मत

NEET UG Fake Certificate CM Pushkar Singh Dhami Uttarakhand Medical Admission Panchjanya

NEET UG में फर्जीवाड़े पर CM धामी सख्त: 8 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र निरस्त, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई!

Nandigram Bypoll Milan Pradhan Arrest Mamata Banerjee Congress TMC Politics Panchjanya

Nandigram Bypoll Analysis: जानिए मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस-ममता समीकरण और सियासी दावों की पूरी कहानी

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की।

DUSU चुनाव में एबीवीपी ने लहराया भगवा, बोली – भारत का Gen-Z संस्कारवान, राष्ट्रवादी और समरसता में विश्वास रखने वाला

mathura rss paryavaran sanrakshan gatividhi kund pujan water conservation

राधाष्टमी पर RSS स्वयंसेवकों की सराहनीय पहल: मथुरा में जलाशयों और कुंडों हुआ पूजन, लोगों ने ली अनोखी शपथ

narendra modi satta darshan seva sankalp parivartankari netritva

नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष : ‘सेवा’ से परिवर्तनकारी नेतृत्व तक की राजनीतिक यात्रा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies