मेरठ जागृति विहार निवासी एलएलबी छात्र की उसके दोस्तों ने अपहरण के बाद हत्या कर दी। छह दिन से लापता छात्र का शव लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की पिलोखड़ी पुलिस चौकी के पास मिला। रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर छात्र के परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
जागृति विहार सेक्टर-6 अनिल रस्तोगी का बेटा यश रस्तोगी एलएलबी का छात्र था। 26 जून की शाम को यश स्कूटी लेकर घर से निकला था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। 27 जून को परिजनों ने मेडिकल थाने में उसके गायब रहने की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद परिजनों ने यश के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो कई संदिग्ध नंबर मिलने पर उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया। मेडिकल थाना प्रभारी संतशरण सिंह ने जांच शुरू की तो यश की आखिरी लोकेशन लिसाड़ी गेट क्षेत्र की मिली। शनिवार की देर रात यश का शव लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की पिलोखड़ी पुलिस चौकी के पास नाले में पड़ा मिला। रात में ही पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। यश की बेरहमी से हत्या की गई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद चार आरोपित सलमान, शाहवेज, अली जान और इमरान को गिरफ्तार कर लिया। रात में ही पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि समलैंगिक संबंधों के चलते दोस्तों ने ही यश की हत्या की।
बेहरमी से की गई यश की हत्या
एलएलबी के छात्र यश की हत्या बड़ी बेरहमी से की गई। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पहले यश का गला दबाया और इसके बाद कई टुकड़े करके लाश को बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया। सर्विलांस के जरिए जांच के बाद आरोपितों तक पुलिस पहुंची और शव बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि यश और उसके दोस्तों ने ऑलनाइन समलैंगिक ग्रुप बनाया हुआ था। इसमें बड़ी संख्या में युवक जुड़े हुए थे। आरोपितों का कहना है कि ब्लैकमेल करने के कारण यश की हत्या की गई। यश ने शाहवेज से 40 हजार रुपए लिए थे और 5 हजार रुपए मांग रहा था। इसके बाद ही उसकी हत्या की गई।
परिजनों पर पीएम हाउस पर किया हंगामा
मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर यश के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और मुआवजे की मांग की। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शांत हो गए। पोस्टमार्टम के बाद सूरजकुंड स्थित शमशान घाट पर यश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

















