पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख रशीद शेखी बघारते हुए कह रहे हैं कि आगामी मार्च में पाकिस्तान दिवस समारोह में ये विमान प्रदर्शित किए जाएंगे
चीन के कथित दबाव में पाकिस्तान द्वारा ड्रैगन से खरीदे लड़ाकू विमान जे 10 सी की पाकिस्तान में ही जबरदस्त धज्जियां उड़ रही हैं। कहा जा रहा है कि भारत के राफेल विमानों के जवाब में इस्लामी देश ने अपने आका चीन से जो लड़ाकू विमान खरीदे हैं वे राफेल के आगे कहीं नहीं टिकते। ये आरोप किसी और ने नहीं, वहां के सांसद ने ही लगाया है। जबकि पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख रशीद शेखी बघारते हुए कह रहे हैं कि आगामी मार्च में पाकिस्तान दिवस समारोह में ये विमान प्रदर्शित किए जाएंगे।
इसमें संदेह नहीं है कि भारत के राफेल विमानों की खरीद की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान ने चीन से 25 जे-10सी लड़ाकू विमान खरीदे हैं। लेकिन अब पाकिस्तान के सांसद ही चीन से खरीदे इन विमानों को राफेल से कमतर बता कर इनका मजाक उड़ा रहे हैं। ऐसे में पाकिस्न की खूब जगहंसाई हो रही है।
पाकिस्तान के सांसद डॉ. अफनानुल्लाह खान का कहना है कि पाकिस्तान के पास पहले ही इसी तरह का लड़ाकू जेट है। खान का संकेत अमेरिका के बनाए एफ-16 की तरफ था। पाकिस्तान की वायुसेना में 1980 के दशक से ही ये विमान मौजूद हैं।
सांसद खान ने कहा है कि चीनी विमान उतने अच्छे नहीं हैं जितने अच्छे भारत के राफेल विमान हैं। खान ने इस धन को जेएफ-17, पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान तथा लंबे समय तक हवा में रह सकने वाले ड्रोन विमान बनाने में खर्च करने के लिए कहा है।
उधर शेख रशीद ने कहा है कि चीन से खरीदे ये लड़ाकू विमान 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। बहुत से जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान सरकार ने चीन के दबाव में आकर इन विमानों की खरीद को मंजूरी दी है, क्योंकि चीन का दावा है कि उसका जे-10सी विमान दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है। जबकि पाकिस्तान के ही सांसद खान इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान सरकार ने चीन के दबाव में आकर इन विमानों की खरीद को मंजूरी दी है, क्योंकि चीन का दावा है कि उसका जे-10सी विमान दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है। जबकि पाकिस्तान के ही सांसद खान इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
पिछले दिनों पाकिस्तान और चीन के संयुक्त युद्धाभ्यास में ये जे-10सी विमान भी शामिल हुए थे। तब पाकिस्तान के विशेषज्ञों ने इन विमानों का करीब से मुआयना किया था। भारत से बीस रहने के मौके तलाशते पाकिस्तान को लगा था कि राफेल की टक्कर में उसका ये विमान खरीदना बेहतर रहेगा। वह चाहता था उसके पास भी हर मौसम में कई काम करने में सक्षम जेट होने चाहिए। तभी से उसकी कोशिश थी कि वह चीन से इन विमानों को खरीदे। कहते हैं चीन का यह विमान हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है। हालांकि चीन ने सालों पहले, 2006 में इस लड़ाकू विमान को अपनी वायुसेना में शामिल किया था।











