आर्थिक रूप से बदहाल इस्लामी देश पाकिस्तान दुनिया भर में कर्जे के लिए हाथ फैला रहा है लेकिन ज्यादातर जगहों से उसे ना ही सुननी पड़ी है। विश्व बैंक से पिछले दिनों उसे जरूर कुछ पैसा मिला है जिसकेे सहारे उसके कुछ दिन सुकून से कट सकते हैं। लेकिन उसके बाद क्या? देश के वित्त विशेषज्ञ इसको लेकर चिंतित हैं। शायद यही वजह है कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की सोमवार को हुई 36वीं बैठक ने पहली बार पारित हुई अपनी नीतियों के केन्द्र में आर्थिक सेहत को सुधारने की योजना को रखा है।
पाकिस्तान की सबसे चोटी की इस सुरक्षा समिति ने साल 2022-26 के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति (एनएसपी) को मान्य करते हुए आर्थिक सुरक्षा को मुख्य स्थान दिया है। जानकारों के अनुसार पाकिस्तान में यह पहली नीति तैयार हुई है जिसमें सुरक्षा नागरिक केंद्रित है।
इस 'नागरिक-केंद्रित' सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु पाकिस्तान ने अपनी तरह का यह पहला दस्तावेज तैयार किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में अपनी बैठक में पहली बार प्रस्तुत इस तरह की नीति को स्वीकारा है। समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री व अन्य वित्त विशेषज्ञों के अलावा 'ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ कमेटी' के प्रमुख जनरल नदीम रजा तथा तीनों सेना अध्यक्ष शामिल हुए थे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से एक बयान भी जारी किया गया। बयान में लिखा है कि नागरिक-केंद्रित सुरक्षा पक्की करने के लिए जो नीति लाई गई है, उसे आर्थिक सुरक्षा के गिर्द तैयार किया गया है। मजबूत अर्थव्यवस्था से और ज्यादा संसाधनों का विकास होगा। इन संसाधनों को सेना तथा नागरिक सुरक्षा में बराबर बांटा जाएगा।'
यह नीति राष्ट्रीय सुरक्षा सलहाकार मोईद युसूफ ने पेश की थी। दस्तावेज रखते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे की तरफ बढ़ रहा है, जिसका खास मकसद है नागरिकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना। यह पहला मौका है, जब पाकिस्तान में राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को स्वीकार किया गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से एक बयान भी जारी किया गया। बयान में लिखा है कि नागरिक-केंद्रित सुरक्षा पक्की करने के लिए जो नीति लाई गई है, उसे आर्थिक सुरक्षा के गिर्द तैयार किया गया है। मजबूत अर्थव्यवस्था से और ज्यादा संसाधनों का विकास होगा। इन संसाधनों को सेना तथा नागरिक सुरक्षा में बराबर बांटा जाएगा।' प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस संदर्भ में कहा कि पाकिस्तान की सुरक्षा उसके लोगों की सुरक्षा में ही है।
इमरान खान ने भरोसा जताते हुए कहा कि पाकिस्तान किसी भी अंदरूनी और बाहरी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के बनने और पारित होने को एक यादगार पल बताते हुए कहा कि इस नीति से सरकार के सभी तंत्र बाकायदा संचालित होने चाहिए, जिससे ये पक्का हो कि वे पूरी तरह से इस नीति के निर्देशों के हिसाब से काम कर रहे हैं। इमरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को हर महीने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के क्रियान्वयन की रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में रखने का निर्देश दिया है। अब इस नीति दस्तावेज को मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। इसे सार्वजनिक भी करने की योजना है।











