पश्चिम गंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित हर बच्चे के लिए 1,00,000 रु. की मांग
August 1, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत बिहार

पश्चिम गंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित हर बच्चे के लिए 1,00,000 रु. की मांग

Written byPanchjanyaPanchjanya
May 28, 2021, 02:36 pm IST
in बिहार

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कूच बिहार के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के कारण जिन बच्चों की खुशियां छिन गई हैं, उन्हें लौटाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही इन बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए दोषियों के विरुद्ध मामले भी दर्ज करें

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। दंगाइयों ने उनके घरों को जला दिया है। उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। मजबूरन उन लोगों को शरणार्थी शिविर में रहना पड़ रहा है। कूच बिहार जिले के लगभग 600 लोग अभी भी असम के धुबरी जिले में रह रहे हैं। उनके साथ 42 बच्चे भी हैं। खेलने, खाने और पढ़ाई की उम्र में ये बच्चे शरणार्थी शिविर में रह रहे हैं। यह पूरे समाज के लिए शर्म की बात है। हिंसा से इन बच्चोें का कुछ लेना—देना नहीं है, फिर भी इन बच्चों को अपने घर से बाहर रहना पड़ रहा है। इन बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। उनकी खुशियां खत्म हो गई हैं। शिविर में उनके पास न ते पढ़ने के लिए किताबें हैं और न खेलने के लिए खिलौने।

बच्चों की इन परेशानियों को देखते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने कूच बिहार जिले के जिलाधिकारी पवन कादियान को 27 मई को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि हिंसा के कारण बच्चों के स्कूल बैग, पुस्तकें, यूनिफार्म, सामान्य कपड़े, बिस्तर, अन्य घरेलू सामान, खिलौने आदि खत्म हो गए हैं। इसलिए जितनी जल्दी हो इन बच्चों को ये सारी चीजें उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही पत्र में लिखा गया है कि हिंसा के सदमे से बाहर निकालने के लिए सभी बच्चों की पेशेवर काउंसलर से काउंसलिंग कराई जाए, ताकि ये बच्चे मानसिक रूप से मजबूत होकर अपने जीवन को एक दिशा दे पाएं। यह भी लिखा गया है कि बच्चों का समुचित पुनर्वास कराने के बाद इसकी रिपोर्ट भी आयोग को दें। इसके साथ ही यह भी कहा है कि प्रत्येक बच्चे को 1,00,000 रु. भी दिलाएं।

27 मई को ही आयोग ने कूच बिहार के पुलिस अधीक्षक को भी एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि इस मामले में मुकदमा दायर कर उचित कार्रवाई करें। आयोग ने लिखा है कि बाल संरक्षण कानून 2005 (नं. 4, 2006) के अंतर्गत बच्चों के अधिकारों का संरक्षण होना ही चाहिए। पत्र में लिखा गया है कि यदि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में कोई कदम नहीं उठाया गया तो आयोग संबंधित अधिकािरियों को समन जारी करेगा।

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि आयोग बच्चों को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी हिंसा में बच्चों का कोई योगदान नहीं होता है। इसलिए उन्हें किसी भी हिंसा के कारण कोई समस्या न हो, यह देखना देश की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग पश्चिम बंगाल के अन्य स्थानों में रह रहे शरणार्थियों के बच्चों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहा है। जैसे ही पूरी जानकारी मिलेगी, वैसे ही उन बच्चोें के लिए भी आयोग जरूरी कदम उठाएगा।
web desk

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

एलपीजी सिलेंडर धारकों के लिए बड़ी चेतावनी

लोगों को मिली बड़ी राहत! कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ते हुए, 202 रुपये की भारी कटौती

Pakistan Kashmir terrorism

कश्मीर में आतंकी हमला करके POJK के विद्रोह से ध्यान भटकाना चाहता है पाकिस्तान

Explainer: पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में क्यों ‘मुस्लिमों की हत्या’ कर रही मुनीर की सेना? 37 को उतारा मौत के घाट

नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यशवीर सिंह को ब्रॉन्ज; राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का डबल पदक

Project kusha

प्रोजेक्ट कुशा: भारत को मिलेगा S-400 जैसा स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम

ceuta migrant crisis

सेउटा माइग्रेंट क्राइसिस: मोरक्को से 50,000+ लोगों ने स्पेन में की घुसपैठ, 57 की मौत

Load More

ताज़ा समाचार

एलपीजी सिलेंडर धारकों के लिए बड़ी चेतावनी

लोगों को मिली बड़ी राहत! कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ते हुए, 202 रुपये की भारी कटौती

Pakistan Kashmir terrorism

कश्मीर में आतंकी हमला करके POJK के विद्रोह से ध्यान भटकाना चाहता है पाकिस्तान

Explainer: पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में क्यों ‘मुस्लिमों की हत्या’ कर रही मुनीर की सेना? 37 को उतारा मौत के घाट

नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यशवीर सिंह को ब्रॉन्ज; राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का डबल पदक

Project kusha

प्रोजेक्ट कुशा: भारत को मिलेगा S-400 जैसा स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम

ceuta migrant crisis

सेउटा माइग्रेंट क्राइसिस: मोरक्को से 50,000+ लोगों ने स्पेन में की घुसपैठ, 57 की मौत

Sawan 2026: ये है भगवान शिव का एक ऐसा अनोखा मंदिर जो साल में सिर्फ एक दिन खुलता है

आज का श्लोक : किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसके नागरिकों की एकजुटता होती है

आज का राशिफल

आज का राशिफल: जानिए 1 अगस्त को किस राशि की चमकेगी किस्मत

आज का इतिहास

1 अगस्त का इतिहास: कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपण से लेकर अखंड रामधुन तक, जानिए इस दिन की 2 बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies