मेहनत के बल पर हासिल किया मुकाम: नीरज
June 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

मेहनत के बल पर हासिल किया मुकाम: नीरज

Written byArchiveArchive
Jul 24, 2017, 12:00 am IST
in Archive

दिंनाक: 24 Jul 2017 14:37:45

मेहनत के बल पर हासिल किया मुकाम: नीरज

भारतीय एथलेटिक्स में सनसनी के तौर पर उभरे हरियाणा के पानीपत जिले के खांडरा गांव के नीरज चोपड़ा को विश्व पटल पर पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। भाला फेंक के प्रशिक्षण सत्र में खिलाड़ी आमतौर पर अपनी तकनीक सुधारने में लगे रहते हैं। लेकिन नैसर्गिक प्रतिभा के धनी नीरज एक दिन में एक हजार बार भाला फेंकने का अभ्यास करते हैं, फिर भी थकान उन पर हावी नहीं होती। लंदन में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए पटियाला में इन दिनों प्रशिक्षण ले रहे नीरज आत्मविश्वास से लबरेज हैं। साथ ही, लक्ष्य हासिल करने के लिए सफलता के मंत्र को आत्मसात कर रहे हैं। उनके व्हाट्सएप का स्टेटस है- शांति से मेहनत करते रहो, सफलता खुद ही शोर मचा देगी। अपने सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर के सफर के बारे में नीरज ने जो बताया, प्रस्तुत हैं उसके प्रमुख अंश –

पानीपत के एक छोटे-से गांव से विश्व एथलेटिक्स जगत  में अपनी पहचान बनाने तक का सफर कैसा रहा?
देखिए, एक गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी के रूप में खुद को स्थापित करना कभी आसान नहीं होता। इस मुकाम को हासिल करने के लिए मुझे लंबे समय तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी। भाला फेंक खेल भारत में ज्यादा लोकप्रिय नहीं है और न ही मेरे गांव में इसके लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं ही उपलब्ध थीं। लेकिन मुझे शुरू से ही यह खेल अच्छा लगता था। इसलिए मैंने इसी को करियर के रूप में अपनाने की ठानी। छह-सात साल तक कठिन परिश्रम के बाद मैंने साई के प्रशिक्षण केंद्रों में इसकी तकनीक सीखी। उसी का नतीजा रहा कि मैं जूनियर विश्व एथलेटिक्स में विश्व रिकॉर्ड सहित स्वर्ण जीतने में सफल रहा। 2011 से जब सफलता मिलनी शुरू हुई तो परेशानियां पीछे छूटती चली गईं और मैं देश के लिए एशियाई एथलेटिक्स और दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा।

क्या आपको देश में भाला फेंक की सुविधाएं, विशेषकर, पर्याप्त प्रशिक्षण मिला?
शुरुआत में देश के वरिष्ठ खिलाड़ियों से मुझे काफी सहायता मिली। इसके बाद जेएसडब्ल्यू, खेल संघ और साई से काफी मदद मिली, जिससे मैं अपने प्रदर्शन में सुधार करने में सफल रहा। सरकार अब कई नए खेलों को बढ़ावा दे रही है जो हम जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए उत्साहवर्द्धक है। जहां तक प्रशिक्षण की बात है तो गैरी कालवर्ट काफी अच्छे कोच थे। उनसे मुझे काफी तकनीक सीखने को मिलीं। लेकिन कालवर्ट अब चीन चले गए हैं तो खेल संघ ने अच्छे विदेशी कोच लाने का आश्वासन दिया है। जिस विदेशी कोच को भारत बुलाने की बात चल रही है वे भी काफी अच्छे हैं। इस दौरान मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूं।

आपने जूनियर वर्ग में 86 मीटर भाला फेंक कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था, लेकिन उसके बाद उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए। क्या यह विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए काफी है?
मैं 86 मीटर के प्रदर्शन को बहुत अच्छा मानता हूं। लेकिन विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए मुझे और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इस साल विश्व चैंपियनशिप, फिर अगले साल राष्ट्रकुल खेल और एशियाड होने वाले हैं। इसके अलावा, 2020 में टोक्यो ओलंपिक है। मैं इन प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने को कृत संकल्प हूं। मैं हर स्पर्धा में देश के लिए पदक लाने की भरपूर कोशिश करूंगा।

लंदन विश्व चैंपियनशिप की तैयारी कैसी चल रही है?
लंदन विश्व चैंपियनशिप के लिए मेरी तैयारी अच्छी चल रही है। चूंकि प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है, इसलिए अपने प्रदर्शन को कायम रखने की कोशिश कर रहा हूं। निरंतर प्रतियोगिताओं में भाग ले रहा हूं। लंदन में। अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।

भाला फेंक के अलावा आपके अन्य शौक क्या-क्या हैं?
मैं शुरू से खेलों से ही जुड़ा रहा हूं। भाला फेंक में ही पूरी तरह से रमा हुआ हूं। लंबे अभ्यास के बाद अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने की तैयारी में जुटा रहता हूं। अगर कभी खाली समय मिलता है तो अन्य खेलों में थोड़ा-बहुत हाथ आजमाता हूं या मॉल वगैरह में घूम आता हूं।

अगर आप भाला फेंक खिलाड़ी नहीं होते तो क्या होते?
मैं बचपन में क्रिकेट खेलता था। लेकिन साथी मुझे वट्टा गेंदबाज कहा करते थे, क्योंकि गेंदबाजी के लिए मैं अपने हाथ को सही तरह से नहीं घुमा पाता था। इसके अलावा, मैं धावक भी था। अगर सुविधा या प्रशिक्षण मिलता तो धावक भी बन सकता था। लेकिन मुझे इसका मलाल नहीं है। मुझे खुशी है कि मैं अपने पसंदीदा खेल में अच्छा प्रदर्शन कर पा रहा हूं।  

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

RSS Sangh Shiksha Varg Vrindavan Concludes Kshetra Pracharak Mahendra

‘संघ को समझना है तो शाखा में आना ही पड़ेगा’: वृंदावन में संघ शिक्षा वर्ग का समापन, महेंद्र जी ने बताया शाखा का महत्व

Sanatan Dharma Controversy Udayanidhi Stalin Akhilesh Yadav Rahul Gandhi Analysis

निंदनीय है सनातन धर्म का विरोध! उदयनिधि स्टालिन से लेकर राहुल गांधी के बयानों का अकाट्य प्रमाणों से खंडन

Bhopal ATS Action Suspect Mohammad Faraz Arrested UAPA MP Police

Bhopal ATS Action: कंपाउंडर मोहम्मद फराज गिरफ्तार, आतंकी साहित्य बरामद, अफगानिस्तान जाने की थी तैयारी!

G7 Summit in France President Emmanuel Macron and PM Narendra Modi

G7 शिखर सम्मेलन: फ्रांस में PM मोदी पर होंगी सबकी नजरें, राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को क्यों बताया ‘टॉप प्रायोरिटी’?

Har Har Mahadev in AMU Kennedy Auditorium Minister Dinesh Pratap Singh Video

AMU में गूंजे ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे, मंत्री दिनेश सिंह ने शेयर किया वीडियो

भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के साथ वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता

‘प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं बिरसा मुंडा’

Load More

ताज़ा समाचार

RSS Sangh Shiksha Varg Vrindavan Concludes Kshetra Pracharak Mahendra

‘संघ को समझना है तो शाखा में आना ही पड़ेगा’: वृंदावन में संघ शिक्षा वर्ग का समापन, महेंद्र जी ने बताया शाखा का महत्व

Sanatan Dharma Controversy Udayanidhi Stalin Akhilesh Yadav Rahul Gandhi Analysis

निंदनीय है सनातन धर्म का विरोध! उदयनिधि स्टालिन से लेकर राहुल गांधी के बयानों का अकाट्य प्रमाणों से खंडन

Bhopal ATS Action Suspect Mohammad Faraz Arrested UAPA MP Police

Bhopal ATS Action: कंपाउंडर मोहम्मद फराज गिरफ्तार, आतंकी साहित्य बरामद, अफगानिस्तान जाने की थी तैयारी!

G7 Summit in France President Emmanuel Macron and PM Narendra Modi

G7 शिखर सम्मेलन: फ्रांस में PM मोदी पर होंगी सबकी नजरें, राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को क्यों बताया ‘टॉप प्रायोरिटी’?

Har Har Mahadev in AMU Kennedy Auditorium Minister Dinesh Pratap Singh Video

AMU में गूंजे ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे, मंत्री दिनेश सिंह ने शेयर किया वीडियो

भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के साथ वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता

‘प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं बिरसा मुंडा’

Kolanupaka Someswara Temple Mural Paintings Telangana KTCB

सनातन संस्कृति का जीवंत प्रमाण: तेलंगाना में मिले 16वीं सदी के सनातनी भित्तिचित्र, सोमेश्वर मंदिर में खुला रहस्य!

RSS Almora Meritorious Students Award Function Indian Knowledge System Book Launch

अल्मोड़ा: संघ के कार्यक्रम में 60 मेधावी छात्र हुए सम्मानित, ‘भारतीय ज्ञान परम्परा’ पुस्तक का भी हुआ विमोचन!

CM Pushkar Singh Dhami Media Briefing Dehradun BJP Office PM Modi

उत्तराखंड: सीएम धामी बोले- देश अब नारों पर नहीं, काम पर देता है वोट

PM मोदी के 12 वर्ष: रणनीतिक शासन से कैसे बदला देश का रक्षा बजट? परमाणु ब्लैकमेलिंग खत्म कर बनाई भारत की नई सैन्य पहचान!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies