अपनी बात:नहीं चलेगी हेकड़ी
July 21, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

अपनी बात:नहीं चलेगी हेकड़ी

Written byArchiveArchive
Jul 10, 2017, 12:00 am IST
in Archive

दिंनाक: 10 Jul 2017 10:56:11

ऐसे समय में जब चीन एशिया में दबंगई पर उतारू दिखता है, भारत समन्वय और सहयोग के नए वैश्विक समीकरण गढ़ रहा है। लेकिन क्या चीन को इससे कोई फर्क पड़ता है? ऊपरी तौर पर वह चाहे जितना स्थिर और विशाल दिखे किन्तु यह पक्के तौर पर माना ही जाना चाहिए कि भारत की कूटनीतिक सक्रियता ने चीन के सत्ता गलियारों में बेचैनी और थरथराहट पैदा कर दी है।
यह अकारण नहीं था कि सिक्किम सीमा पर धींगामुश्ती और गतिरोध की कहानी ठीक 26 जून को उखड़कर सामने आई। भारत-अमेरिकी सहयोग का यह नया अध्याय वह चरम बिन्दु था जब चीनी बौखलाहट डोकलम के बहाने फूट ही पड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक इजराइल दौरे और इसके अभूतपूर्व प्रतिसाद ने ड्रेगन की मरोड़ और बढ़ा दी है। विश्व राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों का यह ऐसा दौर है जब छोटी बातों की अनदेखी बड़ी भूल साबित हो सकती है। लेकिन इस अहम मौके पर चीन तीन बातें भूल रहा है :
’     पहली बात, भारत और भूटान के बीच परस्पर सहयोग की अंतरराष्टÑीय स्तर पर स्वीकृत संधियों की परंपरा है जबकि चीन के साथ भूटान का कोई संधि समझौता नहीं है। ऐसे में भूटान के साथ खड़ा भारत अवांछित पक्ष नहीं है बल्कि 269 वर्ग कि.मी के भूटान प्रशासित डोकलम में घुसपैठ करने वाला चीन ही अवैध अनचाहा पक्ष है।
’     दूसरी बात यह कि चीन भारत के बारे में चाहे जो कहे, किन्तु अब उसकी झूठी प्रतिक्रियाओं के सामने सत्य का भूटानी प्रत्युत्तर है। भूटान के राजदूत ने 28 जून को यह साफ कर दिया कि चीन ने इस छोटे हिमालयी देश की संप्रभुता पर चोट की है और भूटान ने इसके विरुद्ध स्पष्ट आपत्ति दर्ज कराई है।
’     तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात, भारतीय राजनय अब किसी को नाराज न करने की रीत छोड़कर संबंधों को साफ-स्पष्ट रखने की लीक पर चल रहे हैं। हम इजराइल के प्रति गर्मजोशी इसलिए नहीं दिखाएंगे कि फिलिस्तीन उबाल खा जाएगा.. वे दिन गए। हम तेल उत्पादक इस्लामी देशों से तेल की बजाए कश्मीर पर समर्थन की ज्यादा अपेक्षा रखेंगे वे दिन भी गए।
ऐसे में तीनों स्थितियों को दृष्टिगत रख भूटान-भारत सीमा पर हालिया चीनी गतिरोध का आकलन करते हुए विधिपूर्ण दृष्टिकोण से देखें तो तस्वीर साफ है। संप्रभुता, संप्रभुता होती है। अंतरराष्टÑीय फलक पर यह छोटी-बड़ी नहीं अपितु किसी देश की ऐसी अखंड पावन भावना के तौर पर दर्ज की जाती है। ऐसी भावना जिसकी सुरक्षा और सम्मान सबके लिए बाध्यकारी तौर पर आवश्यक है। सो, चीनी हेकड़ी ज्यादा नहीं चलने वाली।
दुखद बात यह है कि जिस दौर को दुनिया एशिया की उठान और अगुआई के दौर के रूप में देख रही थी, लगातार बढ़ती चीनी साम्राज्यवादी लिप्सा ने उस पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
चीन चाहता है कि भारत पंचशील की ‘भावना’ याद रखे। उसे भी चाहिए कि वह पंचशील से जुड़ा ‘तिब्बत’ याद रखे। क्योंकि यह समझौता तिब्बत क्षेत्र और भारत के बीच व्यापार के बारे में ही है। अकेले पंचशील का और इसमें भी सिर्फ भारत द्वारा इसकी भावना का सम्मान करने का क्या अर्थ रह जाता है? चीन यह भी चाहता है कि भारत 1962 याद रखे। ऐसे में चीन को चाहिए कि वह 1967 भी ठीक से याद रखे। ठीक है कि ’62 में भारत ने एक ठोकर खाई थी किन्तु उस घटना को सैन्य विफलता से ज्यादा ‘राजनीतिक अदूरदर्शिता से उपजी आपदा’ कहना ठीक है। यह ऐसा झटका था जिसके बाद प्रधानमंत्री नेहरू ‘हिन्दी चीनी भाई-भाई’ की गुलाबी गलतफहमियों से बाहर आ गए थे और उन्होंने माना था कि ‘‘भारतीय अपनी समझ की दुनिया में रह रहे थे।’’ चीन के बारे में भारत की गलतफहमियों के दूर होने का ही नतीजा था कि ’67 में नाथूला के मोर्चे पर चीन ने मुंह की खाई थी। ’62 के नतीजे भुगतने की भभकियां और गर्मागर्मी के तेवर तब भी आज जैसे ही थे लेकिन सच्चाई यह है कि तब चीन की जो दुर्गति हुई, वह आज उसके जिक्र मात्र से घबराता है।
बहरहाल, चीन चाहता है कि दुनिया ‘वन चाइना’ की नीति पर मुहर लगाए और उसकी बातों का समर्थन करे। पर अंतरराष्टÑीय स्तर पर पारदर्शिता और वचनबद्धता के बिना यह बात संभव नहीं है। चीन दुनिया में बारी-बारी से अलग-अलग देशों या क्षेत्रों की संप्रभुता और जनभावनाओं को रौंदेगा और बाकी सब चुप बैठे देखेंगे, उसका ऐसा सोचना भी भूल है। भारत की आजादी तक तिब्बत स्वतंत्र देश था। परंतु तिब्बत के मुद्दे पर क्या स्वयं तिब्बतियों से कोई सलाह ली गई? ताइवान की राष्टÑपति को ट्रम्प के एक फोन से बौखला जाने वाला चीन ताइवान को अपना कहता है तो इसके लिए उसने उसकी सहमति ली है? विश्व बिरादरी ने उसे इसका हक दिया है? दक्षिणी चीन सागर के स्वतंत्र व अन्य देशों की दावेदारी अथवा आपत्तियों वाले क्षेत्र में सैन्य जमावड़े से पूर्व उसने किसकी अनुमति ली है? चीन ज्यादा तर्क देगा तो दुनिया के तरकश में उसकी काट के लिए हजार तीर हैं। यदि चीन को लगता है कि उसकी चाह ही बाकियों की भी राह है तो वह गलत है। यदि चीन को लगता है कि दुनिया उसकी अनुमतियों से चलगी और बाकियों को उसकी रजामंदी लेनी होगी तो भी वह गलत है।
ऐसे में चीन के लिए सही यही है कि वह अपनी गलतियां दूसरों पर थोपने से बाज आए क्योंकि परस्पर सहमति से बढ़ती दुनिया में विकास की संभावनाएं भले अथाह हों, किसी एक की हेकड़ी को बर्दाश्त करने वाली सहनशीलता अब इस दुनिया में नहीं है।
सो ड्रेगन भाई जरा ठंड रखो, क्योंकि शांति का यह हिमालय पिघला तो बड़ी दिक्कत होगी।

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Foreign Tourists Praise India Safety Over London Phone Theft Medical Tourism Free Rabies Vaccine Digital Payment UPI Panchjanya

“लंदन से ज्यादा सुरक्षित है भारत”, विदेशी महिला पर्यटक ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैरान करने वाले आंकड़े!

प्रतीकात्मक चित्र

Madarsa Scandal: कागजों पर चल रहे मदरसे, हिंदुओं के बच्चों का दिखाया दाखिला, MP के मदरसों में बाल अधिकारों का उल्लंघन

Explainer। भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, नेपाल ने 1 रुपए के सिक्के से हटाया ‘कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा’

सपा के शासनकाल में अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाती पुलिस

उत्तर प्रदेश : मुंह में राम बगल में छुरी

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Haridwar Kanwar Yatra 2026 Review Meeting Mela Bhawan Panchjanya

कांवड़ यात्रा 2026: 30 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, हरिद्वार में सीएम धामी ने दिए सुरक्षा और सुविधाओं के सख्त निर्देश!

शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल: राजनीति में शहीद दिवस पर तीन दलों का दावा

Load More

ताज़ा समाचार

Foreign Tourists Praise India Safety Over London Phone Theft Medical Tourism Free Rabies Vaccine Digital Payment UPI Panchjanya

“लंदन से ज्यादा सुरक्षित है भारत”, विदेशी महिला पर्यटक ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैरान करने वाले आंकड़े!

प्रतीकात्मक चित्र

Madarsa Scandal: कागजों पर चल रहे मदरसे, हिंदुओं के बच्चों का दिखाया दाखिला, MP के मदरसों में बाल अधिकारों का उल्लंघन

Explainer। भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, नेपाल ने 1 रुपए के सिक्के से हटाया ‘कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा’

सपा के शासनकाल में अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाती पुलिस

उत्तर प्रदेश : मुंह में राम बगल में छुरी

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Haridwar Kanwar Yatra 2026 Review Meeting Mela Bhawan Panchjanya

कांवड़ यात्रा 2026: 30 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, हरिद्वार में सीएम धामी ने दिए सुरक्षा और सुविधाओं के सख्त निर्देश!

शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल: राजनीति में शहीद दिवस पर तीन दलों का दावा

Central University of Jharkhand CUJ Ranchi Vanvasi Kalyan Kendra Medhavi Chhatra Abhinandan Samaroh Satyendra Singh ISRO Panchjanya

रांची में वनवासी कल्याण केंद्र का भव्य समारोह: ISRO से विदेशों तक लहरा रहा विद्यार्थियों का परचम, मेधावी छात्र सम्मानित

द ओडिसी

वोकिज्म से ग्रस्त ‘हॉलीवुड’: पहचान की राजनीति, विविधता और प्रतिनिधित्व की नई बहस – ‘द ओडिसी’ एक विमर्श

Nomadic Youth Conference MPUAT Udaipur Dr Pushkar Lohar Skill Development ICICI RSETI Panchjanya

उदयपुर में घुमंतू समाज का पहला ऐतिहासिक युवा सम्मेलन: कौशल विकास, स्वरोजगार और नशामुक्त जीवन का मिला महामंत्र

MP में UCC बिल पास: निकाह-हलाला जैसी प्रथाओं पर क्या? मौखिक तलाक-अनौपचारिक पंचायत के फैसले पूरी तरह गैरकानूनी घोषित

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies