अपनी बात : इतनी चिंता तो रुला देगी! इतनी चिंता तो रुला देगी!
August 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

अपनी बात : इतनी चिंता तो रुला देगी! इतनी चिंता तो रुला देगी!

Written byArchiveArchive
Mar 14, 2016, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 14 Mar 2016 11:34:52

हल्ला बहुत है। पर्यावरण की रक्षा से लेकर जनता के अधिकारों की ढपली तक, दिल्ली अजब शोर में डूबी है। इस शोर में शोकाकुल, बुरी तरह चिंतातुर कई चेहरे हैं। ठीक। देश की राजधानी संवेदनशील, सतर्क, चिंतित नहीं दिखेगी तो कैसे चलेगा?  लेकिन माफ कीजिए। दिल्ली से उठे चिंताओं के इन बगूलों में चिंता कम सिर्फ अपनी बात रखने की तेजी और मुद्दे बदलने का घुमाव ज्यादा है।
कुछ लोग यमुना तीरे होने जा रहे विशाल वैश्विक आयोजन पर तमतमाए हैं। तो अपने 'बहुवचन' होने का भ्रम पाले कुछ 'एकवचन' ऐसे हैं जो समझते हैं कि उनकी चिंताओं ने सरकार को हिला दिया है। कुछ चेहरे ऐसे भी हैं जो जेएनयू की आजादी दबाए जाने पर 'लाल' हैं।
पहले बात यमुना के फिक्रमंदों की। नदी किनारे विशाल आयोजन ने 'पर्यावरण रक्षा' में जुटे कई संवेदनशील लोगों को झकझोरा। उनके कहे से ही तो सब जागे हैं! लेकिन एक चीज खटकती है। पर्यावरण ऐसा विषय है जिसे देश और राज्य की राजनैतिक सीमाओं में नहीं बांटा जा सकता। फिर सिर्फ यमुना और केवल इस आयोजन पर हल्ला क्यों? अभी फरवरी में केरल में पम्पा नदी के खादर में एशिया का सबसे बड़ा ईसाई सम्मेलन हुआ। देश-विदेश के अतिथियों के जमावड़े वाला वह आयोजन इस आयोजन के मुकाबले दोगुना लंबा (पूरा एक सप्ताह) चला।  लेकिन पम्पा के पानी के लिए यमुना सी त्यौरियां नहीं चढ़ीं। तब आंदोलनकारी और फटकार ब्रिगेड कहां थी? क्या हवा-पानी जैसे मुद्दों पर संवेदनशीलता भी खास सीमित सरोकारों के खूंटे से बंधी है? दूसरी बात, राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने दिल्ली में आयोजकों को कहा कि वे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की अनुमति के बिना नदी में वह एन्जाइम न डालें जिससे पानी की दुर्गंध मिट रही है और जल स्वच्छता का दावा किया जा रहा है। सवाल राज्य की प्रदूषण नियंत्रण कमेटी से है। क्या दिल्ली में अपने हिस्से में पड़ने वाली थोड़ी सी यमुना को सबसे बुरी तरह प्रदूषित करने वालों को भी उसने कोई 'मंजूरी' दी है?
अब बात बाबा की। मान भी लीजिए कि उन्हें इस देश की सबसे ज्यादा चिंता है। ईपीएफ ब्याज के मुद्दे पर सरकार उनके कहे से ही तो झुकी है? वरना जाने क्या कर बैठते? उन्हें इस बात पर गर्व है कि भारत के 50 प्रशित से अधिक मतदाताओं को चुनाव लड़ने से वंचित करने के भाजपा के प्रयास (उम्मीवारों के लिए शिक्षा की अनिवार्यता) के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो गया है। अब इसका क्या कीजै कि युवराज सिर्फ गर्व करना जानते हैं। उन्हें इस बात पर शर्म नहीं आती कि यह उनके परिवार का ही शासन है जिसने करीब सात दशक के प्रत्यक्ष-परोक्ष राज में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की आधी से ज्यादा आबादी को अनपढ़ बनाए रखा। उन्हें लगता है कि भाजपा और संघ, गरीब-वंचित और वनवासियों के अधिकार छीन रहे हैं। ठीक। लेकिन, क्या अनपढ़ बने रहना गरीब, दलित और आदिवासियों का अधिकार है? क्या कांग्रेस ने अशिक्षा का कलंक कुछ खास वगार्ें के अधिकार के तौर पर आवंटित किया है?
अंत में बात उनकी जो बंगाल को चौथाई सदी बंधक बनाए रखने के बाद अब अपने राजनीतिक अंत की इस घड़ी में बेतरह चिंतित हैं। देशद्रोही नारों के मामले में जमानत पर छूटे कन्हैया में वामदलों को अपना नया 'लाल' नजर आ रहा है। येचुरी-करात की जीवन भर की बौद्धिकता कन्हैया के छटांक भाषण पर बलिहारी।
अभिव्यक्ति की और व्यक्ति की जो स्वतंत्रता संविधान से मिलती है वह व्यक्तियों, संविधान और देश से बड़ी होती है इतनी महत्पूर्ण बात कामरेड सबको समझाना चाह रहे हैं लेकिन लोग हैं कि मानने को ही तैयार नहीं हैं। बंगाल के चुनाव के लिए कश्मीर में तैनात सेना के जवानों की बदनामी से लेकर 'घोर शत्रु' कांग्रेस से हाथ मिलाने तक सब कुछ तो वह कर रहे हैं!
दिल्ली के इन चेहरों की चिंताएं देश को रुलाने पर आमादा हैं। लेकिन लोग रो नहीं रहे। गंभीर हैं। शांत हैं। मुस्करा रहे हैं। यह देश पत्थरदिल हो गया या चेहरों पर चढ़े मुखौटे पहचानने लगा!!
जवाब की तलाश हमें भी है। आपको पता हो तो हमें   भी बताइए।
 

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आज का इतिहास

13 अगस्त का इतिहास: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि

ईरान में हिजाब विरोध का प्रतीक बनी पुलिस की कथित यातना में मारी गई महसा अमीनी (फाइल चित्र)

ईरान में प्रदर्शनकारियों को फांसी देने पर 32 देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

पूर्ण साक्षर राज्य बना उत्तराखंड, शिक्षा मंत्री जोशी ने सीएम धामी को दी बधाई

दलजीत सिंह कलसी और गुरमीत सिंह बुक्कनवाला

पंजाब की राजनीति में अलगाववादी चेहरे : खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पार्टी ने चुनावी मैदान में उतारे 2 आरोपी

जयपुर में ‘पाञ्चजन्य सुशासन संवाद, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे मुख्य अतिथि

एफसीआरए से विदेशी फंडिंग के गलत इस्तेमाल पर कसेगा शिकंजा

विदेशी फंडिंग से जुड़ा FCRA विधेयक जेपीसी को भेजा गया

Load More

ताज़ा समाचार

आज का इतिहास

13 अगस्त का इतिहास: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि

ईरान में हिजाब विरोध का प्रतीक बनी पुलिस की कथित यातना में मारी गई महसा अमीनी (फाइल चित्र)

ईरान में प्रदर्शनकारियों को फांसी देने पर 32 देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

पूर्ण साक्षर राज्य बना उत्तराखंड, शिक्षा मंत्री जोशी ने सीएम धामी को दी बधाई

दलजीत सिंह कलसी और गुरमीत सिंह बुक्कनवाला

पंजाब की राजनीति में अलगाववादी चेहरे : खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पार्टी ने चुनावी मैदान में उतारे 2 आरोपी

जयपुर में ‘पाञ्चजन्य सुशासन संवाद, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे मुख्य अतिथि

एफसीआरए से विदेशी फंडिंग के गलत इस्तेमाल पर कसेगा शिकंजा

विदेशी फंडिंग से जुड़ा FCRA विधेयक जेपीसी को भेजा गया

सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस हिरासत में जेल जाता ताहिर

आजीवन जेल काटेगा ताहिर

impeachment proceedings against Justice Yashvant Verma

जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे आरोपों को जांच समिति ने सही माना, रिपोर्ट लोकसभा में पेश

चैंटेलूप मस्जिद

फ्रांस में बड़ी कार्रवाई : पेरिस में मस्जिद बंद, मौलानाओं पर लगा आतंकवाद फैलाने का आरोप

JPSC आंदोलन में लाठीचार्ज, छात्र बोला- पीछे खड़ा था फिर भी पड़ी लाठी, हाथ-पैर में आईं चोटें

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies