विविध : पंचकुला में हुआ पाठक सम्मेलन
|
गत 16 नवम्बर को हरियाणा के पंचकुला में आर्गेनाइजर और पाञ्चजन्य साप्ताहिक पत्रिकाओं का पाठक सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे पाठकों ने पत्रिकाओं के नए क्लेवर की प्रशंसा की और हितकारी सुझाव भी दिए। दोनों पत्रिकाओं में छपने वाली तथ्यपूर्ण सामग्री की भी पाठकों ने प्रशंसा की और कहा कि इन पत्रिकाओं में छपने वाले लेखों को पढ़कर समाज को वैचारिक लड़ाई के लिए दिशा मिलती है।
सेक्टर-9 स्थित आर्य समाज मंदिर में हुए इस सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्य स्वदेश समाचार पत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राकेश ने की। प्रमुख उद्योगपति श्री सुरेंद्र कुमार जैन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्य वक्ता के तौर पर आर्गेनाइजर के संपादक श्री प्रफुल्ल केतकर ने दोनों पत्रिकाओं की वैचारिक पृष्ठभूमि एवं राष्ट्रीय सरोकारों से निरन्तर जुड़ाव को पाठकों के समक्ष उद्घाटित किया। पाठकों के सामने रखी। पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर ने पाठकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के दौरान पाठकों ने कुछ नए स्तंभ शुरू करने के संबंध में सुझाव दिए और साथ ही यह भी कहा कि प्रसार नेटवर्क को और मजबूत किया जाए ताकि अधिक लोगों तक पत्रिकाएं पहुंच सकें। कार्यक्रम का समापन डॉ. संजय सूरी द्वारा प्रस्तुत वन्देमातरम् से हुआ। ल्ल प्रतिनिधि
समाज जगाने को सन्त सम्मेलन
सिलीगुड़ी में 16 नवम्बर को विश्व हिन्दू परिषद् की स्वर्ण जयन्ती के अवसर पर सन्त सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें सनातन धर्म के विभिन्न मत-पंथों के 66 सन्तों ने भाग लिया। ये सन्त उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिणी दिजानपुर, अलीपुरद्वार आदि स्थानों से आए थे। सम्मेलन का उद्घाटन इस्कॉन मन्दिर, सिलीगुड़ी के सन्त सत्यवाण दास ने दीप प्रज्वलित कर किया। विश्व हिन्दू परिषद्, उत्तर बंग के महामंत्री श्री उदय शंकर सरकार ने स्वागत भाषण देते हुए विश्व हिन्दू परिषद् की स्वर्ण जयन्ती के कार्यक्रमों की जानकारी दी। सन्तों ने सनातन धर्म की रक्षा, माता-बहनों की सुरक्षा और हिन्दू समाज को संगठित करने पर जोर दिया। सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें विदेशी घुसपैठियों को भारत से बाहर करने, मतान्तरण पर रोक लगाने जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। ल्ल बासुदेब पाल
'इस देश ने स्वामी विवेकानन्द का पूरी तरह मूल्यांकन नहीं किया। स्वामी विवेकानन्द ने इस देश की आजादी के लिए भले ही कोई प्रत्यक्ष रूप से आन्दोलन न चलाया हो परंतु भारत सबसे आगे रहे, भारत शक्तिशाली एवं समृद्ध हो, इसके लिए उन्हांेने युवाओं के मन में जोश भरा।' यह कहना था भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी का।
वे पिछले दिनों दिल्ली के झंडेवालान स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में स्वामी विवेकानन्द पर आधारित
पुस्तक 'सबसे पहले भारत' के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे।
स्वामी विवेकानन्द पर 'तोड़ो कारा तोड़ो' नामक उपन्यास लिखने वाले श्री नरेन्द्र कोहली ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की नजर में हमेशा भारत सबसे पहले रहा। वरिष्ठ पत्रकार श्री रामबहादुर राय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सरकार को स्वामी विवेकानन्द पर गहन शोध कर तथ्यों को ठीक ढंग से समाज के सामने लाना चाहिए। पुस्तक के लेखक हैं राजीव गुप्ता।
प्रतिनिधि
गुजरात में रानाडे जन्मशताब्दी का उल्लास
विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी के संस्थापक श्री एकनाथ रानाडे के जन्मशती पर्व का प्रांत स्तरीय उद्घाटन समारोह 15 नवम्बर को अमदाबाद मेंे आयोजित हुआ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ़ अमृतभाई कड़ीवाला (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य, रा़ स्व़ संघ, गुजरात) ने कहा कि एकनाथ जी की स्मरण शक्ति अद्भुत थी। उनका व्यावहारिक और आध्यात्मिक जीवन उच्च कोटि का था।
डॉ. जयंतीभाई भाडेसिया (प्रांत संघचालक ) ने अपने उद्बोधन में कहा कि एकनाथ जी कोई भी कार्य पूर्ण उत्साह के साथ करते थे और उसमें सभी की सहभागिता रहती थी। मुख्य वक्ता निवेदिता (उपाध्यक्षा, विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी) ने कहा वे कभी भी समस्याआंे से घबराते नहीं थे। वे अत्यंत कुशल संगठक और अहंकार से पूर्णतया मुक्त रहते थे। इस अवसर पर एकनाथ जी पर आधारित पांच पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
ल्ल प्रतिनिधि











