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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार में श्रीलंकाई गृह युद्ध के दौरान मानवाधिकार हनन से जुड़ा अमरीकी प्रस्ताव। मौका संवेदनशील था। तमिल उत्पीड़न के मुद्दे पर द्रविड मुन्नेत्र कलगम ने दांव खेला मगर सितारों की उलटी चाल….या कुछ और। हड़कंप उसी खेमे में है जहां से ताल ठोकी गई थी। पार्टी के शीर्ष पुरुष, करुणानिधि के पुत्र एम.के. स्टालिन के ठिकानों पर अगले ही दिन सीबीआई का छापा सवाल पैदा करने वाली घटना है। कल का साथी अगले ही दागी कैसे? देश के मानस में यह सवाल घुमड़ रहा है। प्रधानमंत्री बता रहे हैं कि 'इन छापों में सरकार की कोई भूमिका नहीं है'। वैसे, मायावती का ताज गलियारे से जुड़ा मसला हो या मुलायम सिंह की आय से अधिक संपत्ति का सवाल, यूपीए राज में गठबंधन सहयोगियों की रूठने–मनाने और सीबीआई की सक्रियता में संदिग्ध संबंध दिखता तो सबको है। हो सकता है कि अगली लोकसभा के लिए राजनीतिक पालेबंदी के वक्त छोटे राजनीतिक दल बांह मरोड़ने वाले हाथ के मुद्दे पर भी गुणा–भाग करें।
जगजीत सिंह की गूंजती आवाज में संबंधों का सार सुना था।
'हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते'
संयोग है या कुछ और, डा. मनमोहन सिंह के राज में सीबीआई ने सहयोगी दल के नेताओं के लिए नई तरह की परिभाषा गढ़ दी है।











