आओ! हम गणतंत्र मनाएं दिंनाक: 28 Jan 2013 12:07:00 राजकिशोर वाजपेयी 'अभय' आओ! हम गणतंत्र मनाएं, लोकतंत्र जीवन में लाएं। परिवर्तन आराध्य हमारा। पुन: बदलती जीवन धारा, कर्म-प्रधान समाज बनाएं। लोकतंत्र जीवन में लाएं।। राष्ट्र-प्रेम की निष्ठा लेकर वर्ग-भेद समूल मिटाकर, हम समता के नव-स्वर गाएं। आओ हम गणतंत्र मनाएं। लोकतंत्र जीवन में लाएं।। जन-जन की पीड़ित आशा को 'मूक-हृदय' की कोमल भाषा को, अभिव्यक्ति का स्वर दे पाएं। आओ हम गणतंत्र मनाएं। लोकतंत्र जीवन में लाएं।। श्रम का शोषण, धन का पोषण, दूर करें यह घातक दोषण। चहुंदिश समता-सौरभ बिखराएं। आओ हम गणतंत्र मनाएं, लोकतंत्र जीवन में लाएं।। आंखों में न हो अश्रु किसी के, न चेहरे पर दिखे उदासी, ऐसा हम संसार रचाएं, आओ हम गणतंत्र मनाएं, लोकतंत्र जीवन में लाएं।।