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पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने गत दिनों भारत में आकर 26/11 और बाबरी विध्वंस के संबंध में जो टिप्पणी की उस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या का अस्तित्व रहमान मलिक के मजहब के अस्तित्व में आने से भी पहले का है। रहमान मलिक को इस संबंध में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। यह सिर्फ भारत का अंदरूनी मामला नहीं है, बल्कि यह हिन्दू आस्था का विषय है। इस संबंध में पाकिस्तान या अन्य किसी देश या मजहब का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह प्रतिक्रिया डा. तोगड़िया ने गत दिनों नई दिल्ली से प्रैस वक्तव्य जारी कर दी।
वक्तव्य में डा. तोगड़िया ने मांग की है कि रहमान मलिक अपनी इस टिप्पणी पर माफी मांगें। साथ ही उन्होंने केन्द्र सरकार से कहा है कि वह न सिर्फ अयोध्या पर, अपितु रहमान मलिक द्वारा की गई टिप्पणी पर अपना रुख साफ करे, जोकि उसने भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान की गई है। उन्होंने कहा कि रहमान मलिक ने भारत की सम्पूर्ण न्याय व्यवस्था पर अपमानित टिप्पणी करते हुए कहा कि 'हाफिज सईद के विरुद्ध कसाब का बयान हाफिज सईद के विरुद्ध कोई सबूत नहीं है'। इससे स्पष्ट जाहिर है कि पाकिस्तान अंदरूनी तौर पर 26/11 मुम्बई हमले के आकाओं को बचाना चाहता है। इस मामले में भारत को पाकिस्तान के साथ हर तरह के संबंध समाप्त कर देने चाहिए। भारत-पाकिस्तान मैच रद्द किए जाएं। नए वीजा नियम भी रद्द कर दिए जाएं। किसी पाकिस्तानी या बंगलादेशी नागरिक को भारतीय वीजा न दिया जाए। कै. सौरभ कालिया का मुकादमा वास्तविक है और पाकिस्तान के मंत्री कहते हैं कि उसकी मृत्यु खराब मौसम के कारण हुई। यह न सिर्फ उस शहीद के परिवार का अपमान है, बल्कि भारत का भी अपमान है। इस मामले में न्याय के लिए केन्द्र सरकार को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय जाना चाहिए, अपितु इसके कि कप्तान के बूढ़े माता-पिता दर-दर भटकें।प्रतिनिधि











