हाथ मिलाएं, पर ध्यान से
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शर्मा जी से भेंट होने पर कल मैंने हाथ मिलाना चाहा, तो उन्होंने हाथ पीछे कर मुझे अखबार की एक कतरन थमा दी।
– वर्मा, मैंने अब हाथ मिलाना बंद कर दिया है। देखो इसमें छपा है कि सफाई के मामले में अंग्रेजों की आदतें ठीक नहीं है।
– अच्छा.. ?
– जी हां, क्वीन मैरी विश्वविद्यालय तथा लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मैडिसन द्वारा किये गये एक शोध से पता लगा है कि 26 प्रतिशत अंग्रेजों के हाथ में वही बैक्टीरिया पाये गये हैं, जो मानव मल में पाये जाते हैं।
– छी..छी..।
– इतना ही नहीं, इन्हीं हाथों से जब वे क्रैडिट कार्ड या कार्यालय में फोन, फाइलें आदि छूते हैं, तो यह बैक्टीरिया वहां भी पहुंच जाता है। इस तरह एक से दूसरे तक इनका भ्रमण होता रहता है।
– यह तो बहुत चिन्ता की बात है शर्मा जी ?
– हां। शोध के दौरान जब शौच के बाद सफाई के बारे में पूछा गया, तो 99 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे हाथ ठीक से धोते हैं।
– हम भारत वाले तो कई बार साबुन या राख से हाथ धोते हैं। बिना इसके तो हम किसी चीज को छूते तक नहीं।
– पर वहां तो काम पूरा होने के बाद पानी की बजाय एक विशेष प्रकार का कागज प्रयोग करते हैं और फिर उसे वहीं कूड़ेदान में फेंक देते हैं। इसीलिए लोग हाथ धोने की जरूरत ही नहीं समझते।
– तो फिर सर्वेक्षण कैसे हुआ ?
– इसके लिए शोधकर्ताओं ने शौचालयों के वॉशबेसिन के पास छिपे हुए कैमरे लगा दिये।
– हे राम, इस तरह छिप–छिपकर देखना तो बहुत ही खराब बात है। तो इससे क्या पता लगा ?
– पता यह लगा कि केवल 32 प्रतिशत पुरुष और 64 प्रतिशत महिलाओं ने ही हाथ ठीक से धोये।
– लगता है ये बात केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश को नहीं पता ?
– क्यों ?
– क्योंकि पिछले दिनों उन्हें 'निर्मल भारत अभियान' के अन्तर्गत हर घर में शौचालय बनवाने की धुन सवार हुई थी। यदि उन्हें पता होता, तो वे ब्रिटेन में भी हाथ धुलवाने का अभियान प्रारम्भ कर देते।
– तुम चाहे जो कहो, पर हाथ तो ठीक से धोने ही चाहिए।
– जी हां, इस मामले में हम भारत वाले बहुत समझदार हैं। हम हाथ मिलाने की बजाय हाथ जोड़कर अभिवादन करते हैं। इससे यदि किसी के हाथ गंदे भी हों, तो संक्रमण दूसरे तक नहीं पहुंचता।
– तो क्या भारत में हाथ मिलाने की परम्परा नहीं रही ?
– ऐसा तो नहीं है। हनुमान जी ने श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता अग्नि की साक्षी में हाथ मिलवाकर कराई थी। विवाह के समय भी अग्नि की परिक्रमा करते हुए पुरोहित वर और वधू का हाथ मिलवाते हैं, और फिर नवयुगल इस गठबंधन को जीवन भर निभाते भी हैं।
– यानी हमारे यहां हाथ मिलाने का अर्थ है जीवन भर के लिए अभिन्न और अटूट मित्रता।
– जी हां शर्मा जी, आप बिल्कुल ठीक समझे, पर इन धूर्त अंग्रेजों के हाथ बहुत शीघ्र ही कोहनी, कन्धे और फिर गर्दन तक पहुंच कर उसे दबाने लगते हैं। भारत में भी ये हाथ हिलाते और मिलाते हुए व्यापार के नाम पर आये और फिर देश पर अधिकार ही कर बैठे। फिर हमें कितने संघर्ष और बलिदान के बाद 1947 में स्वतंत्रता मिली, यह कौन नहीं जानता ?
– तो क्या तुम कहना चाहते हो कि खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष निवेश के नाम पर यदि ये विदेशी भारत में आये, तो फिर… ?
– आप ठीक समझ रहे हैं शर्मा जी।
– इसका अर्थ हुआ कि ब्रिटेन वाले हों या अमरीका वाले, इनसे हाथ मिलाते हुए बहुत सावधान रहना होगा।
– जी हां, पर मेरे हाथ बिल्कुल साफ हैं और हम दोनों की मित्रता भी अटूट है, इसलिए आप मुझसे हाथ मिलाने में संकोच न करें।
शर्मा जी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और फिर गले से लिपट गये।











