भीषण गर्मी में दिल्लीवासियों की प्यास को अनदेखा कर हो रही हैपानी पर राजनीतिदो कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों- हुड्डा और शीला- के बीच अहम् के टकराव में प्यासा है आम आदमी-आलोक गोस्वामी
September 3, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

भीषण गर्मी में दिल्लीवासियों की प्यास को अनदेखा कर हो रही हैपानी पर राजनीतिदो कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों- हुड्डा और शीला- के बीच अहम् के टकराव में प्यासा है आम आदमी-आलोक गोस्वामी

Written byArchiveArchive
Jun 23, 2012, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 23 Jun 2012 14:53:20

राजधानी दिल्ली में पानी के लिए हाहाकार मचा है। आजकल लोग एक-दूसरे से यही पूछते मिलते हैं- 'तुम्हारे यहां पानी आ रहा है क्या?' जवाब अक्सर यही मिलता है- 'अरे कहां, परसों आया था, आधा घंटा, पर पतली धार सा।' पूछने वाले के चेहरे पर तसल्ली का भाव तिरता है, मानो सोच रहा हो- चलो इसके यहां भी वही हाल है। घायल की गति घायल जाने।

सच में, राजधानी में इन दिनों दो ही मुद्दे हावी हैं- एक, राष्ट्रपति कौन-प्रणव या संगमा? और दूसरा-पानी की किल्लत। अखबारों में पहले पन्ने पर रोजाना- 'दिल्ली में पानी का हाहाकार, सो रही शीला सरकार', 'हरियाणा का देखो खेल, पानी की मची रेलमपेल' जैसे शीर्षक छाए हैं तो टेलीविजन चैनलों पर पानी के दीगर विशेषज्ञ बहस-मुबाहिसे में उलझे हैं कि पानी कितना है, कितना चाहिए, कितना बर्बाद हो रहा है, कितना संभल रहा है…। 45 डिग्री पारे पर तपते सूरज की तपिश झेलते दिल्ली वाले सच में, इन दिनों पानी की बेहद किल्लत झेल रहे हैं। सड़कों पर बाल्टियां और प्लास्टिक के कैन थामे लोग गली-गली सरकारी टैंकर तलाशते घूमते दिखते हैं तो वहीं सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन से गुस्साए लोग शहर के मुख्य चौराहों पर खाली गगरी लिए 'हाय-हाय' के नारे लगाकर चक्का जाम करते भी दिखते हैं। दिल्ली की कांग्रेसी सरकार महज कैमरों के आगे बयान देकर गेंद पड़ोसी हरियाणा के पाले में डाल देती है तो शाम तक हरियाणा के अफसर गेंद वापस दिल्ली सचिवालय के आंगन में उछाल देते हैं। दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, इधर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित हैं तो उधर मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा हैं। दोनों ही आम आदमी की पानी की किल्लत का जैसे मजाक उड़ाते एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने में नम्बर बढ़ाने की फिराक में दिखते हैं। जनता की प्यास को अनदेखा कर दोनों ही पानी पर राजनीति करने में मशगूल हैं।

खाली हैं संयंत्र

पिछले दसेक दिन में दिल्ली के उत्तरी, पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों की सैकड़ों रिहायशी कालोनियों में पानी की बेहद कभी महसूस की जा रही है। पर सांसदों, मंत्रियों और सफेदपोश नेताओं के घरों वाले 'लुटयन जोन' यानी नई दिल्ली के 'क्रीमी' इलाके में चौबीसों घंटे की पानी आपूर्ति में बेहद दबाव के बीच ही कटौती की गई है। दिल्ली को पानी की आपूर्ति कराने वाले दिल्ली जल बोर्ड, जिसकी अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री शीला दीक्षित हैं, का साफ कहना है कि हरियाणा से जितना पानी आना चाहिए वह नहीं आ रहा है, लिहाजा जल संशोधन संयंत्रों से निथरे पानी की मात्रा कम हुई है। दिल्ली जल बोर्ड की मानें तो राजधानी में पानी की कुल मांग करीब 1100 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) है, जबकि सामान्य दिनों में संयंत्रों के लिए मिलने वाले पानी की मात्रा 835 एमजीडी, इन दिनों हरियाणा की हेकड़ी के चलते 790 एमजीडी रह गई है। इससे दिल्ली के तीन बड़े जल संयंत्रों-हैदरपुर, वजीराबाद और चंद्रावल- की जल शोधन मात्रा में भारी कमी आई है। हैदरपुर जहां 225 एमजीडी पेयजल बनाता था वहीं अब 207 बना रहा है, वजीराबाद 125 की जगह 80 और चंद्रावल 102 की जगह महज 57 एमजीडी पेयजल बना रहा है। इस कमी का सीधा असर उन दिल्ली वालों पर पड़ रहा है जो दिन में डेढ़ेक घंटे को मिलने वाले पानी से बाल्टियां और ड्रम भर कर रखते थे जो पीने, नहाने, रसोई के काम आता था। अब बाल्टियां ही नहीं भरतीं ड्रम तो बाद की बात है। हालत यह है कि, हुड्डा की सलाह के मुताबिक, दो की बजाय एक बार भी नहाना नसीब नहीं हो पा रहा है। और दिल्ली की मुख्यमंत्री सलाह देती हैं कि आधी बाल्टी पानी से ही नहाओ। नहाना तो दूर की बात, पहले पानी पीने को तो मिले।

आरोप–प्रत्यारोप

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित अखबारों को रोज बताती हैं कि जल बोर्ड के अफसर हरियाणा के अफसरों को चिट्ठी लिख रहे हैं, फोन कर रहे हैं और जल्दी ही रास्ता निकलेगा। लेकिन रास्ता निकले तो कैसे, क्योंकि मुख्यमंत्री हुड्डा हर बार यही कहते हैं, 'हरियाणा दिल्ली को उसकी जरूरत (1100 एमजीडी) से ज्यादा ही पानी दे रहा है। दिल्ली की सरकार पानी की ठीक व्यवस्था करे, उसे बर्बाद होने से रोके।' बकौल शीला, हुड्डा तो अब उनका फोन भी नहीं उठाते। तकरार बढ़ती गई तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने दखल देकर तलवारें खींचे दोनों कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों को दिल्ली में सुलह-सफाई करने की हिदायत दी। 18 जून को दोनों मिले भी, पर परिणाम ढाक के तीन पात ही रहा। किल्लत बनी रही, क्योंकि हुड्डा की एक ही टेक थी- दिल्ली को खूब पानी दे रहे हैं।

दोनों राज्यों में पानी पर टकराव की एक वजह वह मुनक नहर भी है जो हरियाणा सरकार ने दिल्ली सरकार से करीब 400 करोड़ रु. की सहायता राशि लेकर बनवाई थी। शर्त यह थी कि दिल्ली को इस नहर से 80 एमजीडी पानी रोजाना दिया जाएगा। लेकिन दिल्ली सरकार कहती है, हरियाणा सरकार शर्त से मुकर गई है। उधर हुड्डा सरकार ने दिल्ली सरकार पर पलट आरोप जड़ते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने बदले की भावना के चलते दिल्ली के शामनाथ पार्क इलाके में रह रहे हरियाणा सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के 60 परिवारों को पानी की आपूर्ति काट दी है। दिल्ली के अफसर कहते हैं- कटौती पूरे इलाके के 25 लाख लोग झेल रहे हैं, सिर्फ वे 60 परिवार ही नहीं।

घटता जलस्तर

दिल्ली सरकार के तमाम 'एक्शन प्लान' धरे रह गए हैं। वजीराबाद बैराज में जलस्तर सामान्य से दो फुट नीचे आ गया है, जो पानी 675.5 फुट पर होना चाहिए, अब 672 के आस-पास है। पश्चिमी यमुना नहर का जलस्तर भी 710 से एक फुट नीचे आ गया है। पानी की भरपूर नहीं तो जरूरत लायक आपूर्ति देने में असफल रहने वालीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित यह उपदेश तो देती हैं कि 'खपत कम करो, मैं आधी बाल्टी पानी से नहाती हूं, मेरे घर के पानी में भी कटौती करो', वगैरह वगैरह। लेकिन वे जगह-जगह रिसती पाइपलाइनों को ठीक न करने पर संबंधित अफसरों से जवाब-तलब क्यों नहीं करतीं? सरकारी टोंटियां टूटी क्यों रहती हैं, क्यों उनकी सही देखभाल नहीं की जाती?  पानी की बर्बादी का एक उदाहरण दक्षिणी पटेल नगर का है जहां 12 साल से फटी पाइप लाइनों से पानी अनवरत बर्बाद हो रहा है।

यह सही है कि आज भी ऐसे लोग हैं जो पानी का मोल नहीं समझते और उसे जी खोलकर बेकार बहाते हैं। धरती भेदकर, 125 फुट से पानी खींचकर उससे अपनी कारें धुलवाते हैं, दिन में छत्तीसियों बार काम वाली से आंगन धुलवाते हैं, टंकी भर जाने पर भी पंप बंद नहीं करते। ऐसे लोगों को भी सबके भले के लिए अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। दिल्ली और हरियाणा में तो कांग्रेस की सरकारें हैं, जो कांग्रेसी अहमन्यता की संस्कृति में ही जीती हैं। वे आपस में छींटाकशी कर रही हैं, करती रहेंगी। बाबू भी जानते हैं कि जनता से असल सरोकार दोनों में से किसी को नहीं है। हां, सचिवालयों की टोटियां पानी देती रहनी चाहिए, भले सड़क पर खड़े टैंकर से पानी भरने वालों में धींगामुश्ती होती रहे।

दिल्ली के तीन संयंत्रों की स्थिति

संयंत्र                 साधारण उत्पादन इन दिनों उत्पादन

           (मिलियन गैलन प्रतिदिन)         (मिलियन गैलन प्रतिदिन)

हैदरपुर जल             225       207

संशोधन संयंत्र

वजीराबाद जल           125        80

संशोधन संयंत्र

चंद्रावल जल           102        57

संशोधन संयंत्र

एक मिलियन = 10 लाख

लाइन फटी है, खूब नहाओ

पानी की किल्लत और दिल्ली सरकार की लापरवाही उजागर करने के लिए दिल्ली के भाजपा नेताओं ने बड़ा अनूठा तरीका ईजाद किया। 18 जून को भाजपा नेता विजय गोयल और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्याम जाजू सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बाल्टियां लेकर दक्षिणी पटेल नगर में टूटी पाइपलाइन से रिसते पानी से नहाने पहुंच गए। बेशकीमती पानी किस कदर बर्बाद हो रहा है उसके खिलाफ भाजपा के इस प्रदर्शन को देखकर आने-जाने वाले ठिठककर खड़े हो गए। गोयल ने बताया, 'यहां 18 और 30 इंच व्यास की पाइपलाइनें पिछले 12 सालों से फटी पड़ी हैं। रोज एक लाख गैलन पानी बर्बाद हो रहा है। पानी की ठीक व्यवस्था न होने के चलते दिल्ली के लाखों नागरिक पानी को तरस रहे हैं। वे इस लापरवाही से सरकारी खजाने को लगने वाली चपत भी भुगतने को मजबूर हैं। कई चिट्ठियां लिखीं पर टूटे पाइप जोड़े नहीं गए।

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

श्री अमित दुबे जी (साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ)

Odisha Ki Udaan 2.0:‘डरेंगे तो फंसेंगे, लालच करेंगे तो लुटेंगे’, साइबर एक्सपर्ट अमित जी ने बताया फ्रॉड से बचने का मंत्र

दिल्ली में 11 सितंबर को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर, केंद्र सरकार ने जारी किया आदेश, जानिये क्या है मामला?

एयर वाइस मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत) और कांग्रेस नेता राशिद अल्वी

कांग्रेस ने फिर भारतीय सेना के शौर्य पर उठाए सवाल, ऑपरेशन सिंदूर और राम मंदिर के बहाने किया अपमान

Panchjanya Sushashan samvad Orisha udan 2.0

पाञ्चजन्य सुशासन संवाद ओडिशा की उड़ान 2.0: संघ ने देश को जड़ों से जोड़ा – डॉ. सुरेंद्र जैन

थिएटर में चप्पल उतारकर हनुमान अंश देखते हुए मुस्लिम शख्स

‘हनुमान अंश’ देखने थिएटर पहुंचे मुस्लिम बुजुर्ग, नंगे पैर देखी फिल्म; नीम करौली बाबा के प्रति दिखी श्रद्धा

upi payment

4 सितंबर को UPI रहेगा बंद! जानें क्या है वजह?

Load More

ताज़ा समाचार

श्री अमित दुबे जी (साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ)

Odisha Ki Udaan 2.0:‘डरेंगे तो फंसेंगे, लालच करेंगे तो लुटेंगे’, साइबर एक्सपर्ट अमित जी ने बताया फ्रॉड से बचने का मंत्र

दिल्ली में 11 सितंबर को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर, केंद्र सरकार ने जारी किया आदेश, जानिये क्या है मामला?

एयर वाइस मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत) और कांग्रेस नेता राशिद अल्वी

कांग्रेस ने फिर भारतीय सेना के शौर्य पर उठाए सवाल, ऑपरेशन सिंदूर और राम मंदिर के बहाने किया अपमान

Panchjanya Sushashan samvad Orisha udan 2.0

पाञ्चजन्य सुशासन संवाद ओडिशा की उड़ान 2.0: संघ ने देश को जड़ों से जोड़ा – डॉ. सुरेंद्र जैन

थिएटर में चप्पल उतारकर हनुमान अंश देखते हुए मुस्लिम शख्स

‘हनुमान अंश’ देखने थिएटर पहुंचे मुस्लिम बुजुर्ग, नंगे पैर देखी फिल्म; नीम करौली बाबा के प्रति दिखी श्रद्धा

upi payment

4 सितंबर को UPI रहेगा बंद! जानें क्या है वजह?

Tibet Earthquake: नेपाल में हुई भारी तबाही के हफ्ते बाद तिब्बत में बड़ा भूकंप…

IGNCA के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी जी

Odisha Ki Udaan 2.0: पाकिस्तान को अचानक क्यों याद आई इस्लाम से पहले की विरासत, डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने बताया कारण

panchjanya Sushashan Samvad Odisha ki udan

ओडिशा की उड़ान 2.0: प्रदीप जोशी बोले- सरसंघचालक जी का विरोध करने वालों को सता रहा ‘दुकान बंद’ होने का डर

Madhya Pradesh Weather: चित्रकूट में बाढ़ से भारी तबाही, जबलपुर में बढ़ा बरगी बांध का जलस्तर; सतना में बहे 2 युवक

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies