| दिंनाक: 09 Jun 2009 00:00:00 |
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समाज में वृद्धजनों की उपेक्षा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। जिन्होंने अपने स्नेह की छाया में संतति को पाल पोसकर सब प्रकार से समर्थ बनाया, आज बढ़ती वय में वही उनका हाथ थामने से कतराती है। वृद्धावस्था में उनकी देखभाल के लिए उ.प्र. के शहर हाथरस में श्री राधा बिहारी आश्रम का निर्माण कराया गया है। चंचल मीठी सुपारी के निर्माताओं द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस आश्रम का निर्माण कर अपनी सेवाभावना का परिचय दिया है। शुद्ध शाकाहारी भोजन और आवास के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा, व्यायाम, मनोरंजन के साथ, पुस्तकालय, मन्दिर, सत्संग आदि की व्यवस्था है। आश्रम का उद्देश्य अकेले रह जाने वाले वृद्धजनों को सामूहिक स्वच्छ वातावरण देकर उनकी योग्यता और भावनाओं को उजागर करने का अवसर देना है ताकि उनकी भावनाओं और विचारों से समाज लाभ उठा सके और वह भी अपने को असहाय और अकेला न समझें और अपना जीवन आनन्दपूर्वक समाज के साथ व्यतीत करें। आश्रम में इस समय चार बड़े सामूहिक कक्ष जिसमें प्रत्येक हाल में 12-12 पलंग तथा 16 कमरे तैयार हैं। आश्रम में श्री राधा बिहारी भगवान के मन्दिर का निर्माण कार्य चल रहा है, जो शीघ्र ही पूर्ण होने वाला है। आश्रम में ऊपरी मंजिल के लिए (लिफ्ट) चिकित्सालय, गऊशाला आदि के लिए समाज के उदारचेता बंधुओं से आश्रम के मंत्री श्री विनय वाष्र्णेय ने आग्रह किया है कि निर्माण कार्य में सहयोग कर वृद्धजनों का आशीर्वाद प्राप्त करें। द प्रतिनिधि13