| दिंनाक: 02 Mar 2008 00:00:00 |
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जम्मू-कश्मीर की चिट्ठीविशेष संवाददाताजम्मू-कश्मीर विधानसभा में तीखी नोक झोंकशिक्षामंत्री पीरजादा से लिया इस्तीफाकांग्रेसी मंत्री पर 40 हजार रुपए घूस लेने का आरोपजम्मू-कश्मीर विधानसभा के अंदर और बाहर होने वाली घटनाओं के पश्चात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा शिक्षामंत्री पीरजादा मोहमद सईद को भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण त्यागपत्र देना पड़ा है, जिससे कांग्रेस की छवि पर और भी दाग लगे हैं।गत दिनों विधानसभा में कांग्रेस के एक युवा सदस्य शोएब नबी लोन ने अपने एक भाषण के बीच यह आरोप लगाया कि राज्य सचिवालय भ्रष्टाचार का एक बड़ा अड्डा बन चुका है और उसे स्वयं एक फाइल के निपटारे के लिए 40,000 रुपए की घूस एक मंत्री को देनी पड़ी है। विधायक के इस आरोप के बाद सदन में तूफान उठ खड़ा हुआ और विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया कि बताओ वह कौन मंत्री है? लोन ने कहा कि वे उस मंत्री का नाम मुख्यमंत्री श्री गुलाम नबी आजाद को इस शर्त पर बताएंगे अगर उन्हें यह विश्वास दिलाया जाए कि उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।लोन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता डा. गुलाम नबी लोन राज्य में मंत्री थे। उनकी एक षड्यंत्र के अंतर्गत हत्या करवा दी गई थी। उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने मुझे यानी शोएब लोन को भारी मतों के साथ जीत दिलवाकर विधानसभा में इसलिए भेजा था कि वे अपने पिता के हत्यारों को पकड़वाएंगे। मगर दो वर्ष बीत जाने के पश्चात भी दोषियों को को वे पकड़वा नहीं सके हैं। लोन ने अनुरोध किया कि उनके पिता की हत्या की जांच सी.बी.आई. से करवाई जाए।जब लोन ने यह आरोप लगाया, उस समय मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद सदन में नहीं राज्य के सतर्कता संगठन के एक वार्षिक समारोह में यह भाषण कर रहे थे कि यह वर्ष राज्य में चुनाव का है, उनका भष्ट्राचार के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा।दूसरे दिन जब मुख्यमंत्री सदन में आए तो विपक्ष के अनुरोध पर लोन ने मुख्यमंत्री के पास जाकर घूस लेने वाले मंत्री का नाम बताया और थोड़ी देर के बाद उन्होंने यह भी बताया कि उनके घर पर उनकी मां को फोन पर धमकी दी गई कि मंत्री के विरुद्ध घूस लेने की बात कहकर उनके बेटे ने अच्छा नहीं किया है। यह फोन करने वाला वही व्यक्ति था जिसके द्वारा मंत्री को घूस पहुंचाई गई थी। इसके कुछ ही समय पश्चात मुख्यमंत्री आजाद ने सदन को बताया कि फोन करने वाले कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सदन की कार्रवाई समाप्त होने के पश्चात एक स्थानीय टी.वी.चैनल के साथ बातचीत करते हुए लोन ने घूस लेने के आरोपी मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद का नाम लिया। दूसरे दिन प्रात: सदन की कार्रवाई शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि शिक्षामंत्री पीरजादा ने अपना त्यागपत्र दे दिया है, जिसे स्वीकृति के लिए राज्यपाल के पास भेज दिया गया है। कुछ समय पश्चात यह भी बताया गया कि राज्यपाल ने त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है और इस घटना की निष्पक्ष जांच होगी। पीरजादा मोहम्मद सईद ने बाद में पत्रकारों को बताया कि उनके विरुद्ध यह झूठा आरोप एक षड्यंत्र के अंतर्गत लगाया गया है।30