विश्लेषण दिल्ली सल्तनत के जिस इल्तुतमिश को प्रगतिशील कहकर सराहते हैं कम्युनिस्ट, उसके मंदिर तोड़ने वाले रूप को छिपाते हैं
‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर: मायानगरी की चकाचौंध से परे, भारतीय सेना, गांव और किसानों के लिए धड़का दिल, निभाया राष्ट्रधर्म