Archive तस्लीमा नसरीन ने सेकुलरिज्म की आड़ में कट्टरपंथ का पोषण करने वाली राजनीति पर गंभीर सवाल उठाया है। यह सवाल लोकतंत्र की रक्षा का है, और नारी के सम्मान की रक्षा का भी। सवाल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी है, और उदार भारतीय मूल्यों की उपासना का भी ।