अमेरिका की सेना ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से 40 व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित पार करवाया। इन जहाजों में करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल था। यह युद्ध शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा ऐसा ऑपरेशन था। दो अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात का दावा किया है।
उसी दिन अमेरिकी बलों ने जलडमरूमध्य के आसपास ईरान के करीब 60 सैन्य ठिकानों पर हमला भी किया। साथ ही उन्होंने इन जहाजों पर ड्रोन हमलों का मुकाबला किया और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को बेअसर किया।
युद्ध से पहले और अब का फर्क
युद्ध शुरू होने से पहले, यानी करीब छह महीने पहले तक, होर्मुज से रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता था। युद्ध शुरू होने के बाद यह आवाजाही बहुत कम हो गई है। इससे दुनिया के ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं और कीमतें बढ़ी हैं। यह पूरा ऑपरेशन हवा, समुद्र और स्पेस से किया गया। इसका मकसद जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखना, व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा करना और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना था।
किन ठिकानों पर हमला हुआ
अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को निशाना बनाए गए ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां, माइन बिछाने वाले साधन और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थे। अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी भी जारी रखे हुए है। सेंट्रल कमांड को जलडमरूमध्य पर फोकस करने और ईरानी बंदरगाहों से तेल आने-जाने को रोकने का निर्देश दिया गया है।
व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा
व्यावसायिक शिपिंग के लिए खतरा बढ़ रहा है। सोमवार को एक सऊदी अरब के झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर जलडमरूमध्य पार करने की तैयारी में था जब उस पर हमला हुआ। जहाज में आग लग गई। दो फिलिपीनो चालक दल के सदस्य मारे गए। 14 अन्य बच गए।
ईरान ने खाड़ी के अमेरिकी सहयोगियों पर भी हमले बढ़ाए हैं। बहरीन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस ने बुधवार सुबह कई ईरानी हवाई हमलों को रोक लिया। ईरानी मीडिया ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबर दी।
पिछले दिनों की घटनाएं
यह बढ़ोतरी रविवार को हुए अमेरिकी हमलों के बाद आई। अमेरिका ने होर्मुज में एक द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनसे पानी में माइन बिछाने की तैयारी कर रहा था। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें रोक लिया गया।
ऊर्जा कंपनियों की चिंता
अमेरिकी सैन्य एस्कॉर्ट के बावजूद ऊर्जा कंपनियां अभी भी जलडमरूमध्य से जहाज भेजने को लेकर चिंतित हैं। ऊर्जा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ऑपरेशन फिलहाल पीछे रख दिए गए हैं। अब फोकस जलडमरूमध्य सुरक्षित रखने और ईरानी तेल के प्रवाह को रोकने पर है।
ईरानी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमले में कुहेस्तक में एक शादी वाले घर पर हमला हुआ। इसमें 4 लोग मारे गए और कम से कम 68 घायल हुए। अमेरिकी सेना ने कहा कि वह इस रिपोर्ट से अवगत है लेकिन वह कभी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।
कूटनीतिक प्रयास
मिस्र और कतर ने अमेरिका और ईरान से बातचीत पर लौटने की अपील की है। पाकिस्तान ने कहा कि वह मध्यस्थता के प्रयासों में जुड़ा हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका उन देशों पर दबाव डाल रहा है जो अभी भी ईरान के साथ कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरा सबको संदेश है कि दूर रहो।”
















