सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही थी। इसमें दावा किया गया था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के किसी प्रतिनिधि के बीच बिजली सप्लाई को लेकर तीखी बहस हुई है। अमेरिका-कनाडा के बीच टैरिफ विवाद के बीच यह अफवाह फैली।
वायरल पोस्ट में क्या कहा गया?
एक्स पर एक यूजर ने पोस्ट किया कि ट्रंप और कनाडा के प्रतिनिधि के बीच झगड़ा हुआ। पोस्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा – “तुम ऐसा नहीं कर सकते! मिशिगन, न्यूयॉर्क और मिनेसोटा के 15 लाख अमेरिकी घरों की बिजली नहीं काट सकते।”
कनाडा की तरफ से जवाब आया – “आपने ही शुरू किया। कनाडाई कारों, स्टील और हमारे 2 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ लगा दिया। अब काफी हो गया।”
ट्रंप ने फिर कहा – “तुम्हें हमारा ज्यादा जरूरत है। अमेरिका की जरूरत तुम्हें ज्यादा है।” कनाडा ने जवाब दिया कि वे अमेरिका को हाई-ग्रेड निकल देते हैं और यूरेनियम रिफाइन करते हैं। बिना इसके फैक्ट्रियां और मिलिट्री कैसे चलेगी? ट्रंप ने जवाब में सिर्फ “यह बहुत गलत है” कहा।
असल में क्या हुआ?
ट्रंप ने ओन्टारियो के प्रीमियर डग फोर्ड को चेतावनी जरूर दी थी। टैरिफ विवाद बढ़ने पर कनाडा बिजली और जरूरी मिनरल्स की सप्लाई न काटे, ऐसा उन्होंने कहा था। लेकिन वायरल पोस्ट वाला कोई आमने-सामने का झगड़ा या बातचीत कहीं रिकॉर्ड नहीं है।
गूगल पर खोजने पर भी कोई भरोसेमंद खबर नहीं मिली। कोई मीटिंग या सोशल मीडिया पर ट्रंप का ऐसा पोस्ट नहीं दिखा। अगर सच होता तो बड़े अखबार और चैनल जरूर कवर करते। पोस्ट करने वाले अकाउंट के बायो में साफ लिखा है कि यह सैटायर और बढ़ा-चढ़ाकर बनाई गई कंटेंट है। यानी यह मजाकिया या फर्जी पोस्ट थी।
टैरिफ विवाद की बात
यह अफवाह जुलाई 20 के आसपास फैली जब ट्रंप ने कनाडा के ज्यादातर सामान पर 50% टैरिफ लगा दिया। व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट के मुताबिक वाइन से लेकर हॉकी स्टिक और सीमेंट तक कई चीजों पर यह टैक्स लगा। ट्रंप का कहना था कि कनाडा अमेरिकी कारों, शराब और डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ गलत व्यवहार कर रहा है। अमेरिका के व्यापारियों और मजदूरों को नुकसान हो रहा है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
पोस्ट में बिजली काटने की धमकी और ट्रंप के जवाब का पूरा संवाद फर्जी था। असल में सिर्फ टैरिफ का विवाद चल रहा था और ट्रंप ने एक चेतावनी दी थी, लेकिन वायरल वाला पूरा एक्सचेंज कभी नहीं हुआ।
















