अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मनमाने तरीके से टैरिफ लगा रहे हैं। इससे उनका कनाडा के साथ व्यापार युद्ध चल रहा है। इस बीच दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी, जो कि बिना किसी नतीजे के पूरी तरह से खत्म हो गई है। इसके बाद दोनों देशों में टैरिफ लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी अपनी बात रखी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने लिखा, “कनाडा राज्य होने के फायदे चाहता है, बिना राज्य बने!!!” उन्होंने आगे कहा कि कनाडा ने सालों से अमेरिकी किसानों पर भारी टैरिफ लगाए हैं। अब और नहीं। यह टिप्पणी शुक्रवार की वार्ता टूटने के बाद आई। अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिए। ये शुक्रवार के बाद शनिवार से लागू हो गए। इनमें हॉकी स्टिक से लेकर मेडिकल उपकरण जैसी कई चीजें शामिल हैं। व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार इससे कुछ नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन बड़ा असर राजनीतिक स्तर पर पड़ने की उम्मीद है।
कनाडा की ओर से जवाब
मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका ने हमला किया है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, “जब कोई हमला करता है तो आप युद्ध में होते हैं, और हम पर हमला हुआ।” कार्नी ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की पेशकश स्वीकार नहीं की जा सकती और जो मांगा गया है वह नहीं दिया जाएगा।कार्नी ने डॉलर फॉर डॉलर जवाब देने की बात कही है। कनाडा की तरफ से स्टील, डेयरी, घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स पर नए टैरिफ 8 सितंबर से लागू होने वाले हैं।
दोनों पक्षों के आरोप
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर ने कहा कि कनाडा एक साल से जवाबी कदम उठा रहा था। इसलिए अमेरिका को कार्रवाई करनी पड़ी। उनका कहना है कि अमेरिकी मजदूरों और सप्लाई चेन की सुरक्षा जरूरी है।
कार्नी पिछले साल प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने ट्रंप के खिलाफ रुख अपनाकर चुनावी अभियान चलाया था। ट्रंप पहले भी कनाडा को 51वां राज्य बनाने की बात कर चुके हैं।
यूएसएमसीए पर असर
यह विवाद उत्तरी अमेरिकी व्यापार समझौते यूएसएमसीए को भी प्रभावित कर सकता है। यह समझौता तीनों देशों (अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको) के बीच करीब 2 ट्रिलियन डॉलर के व्यपार को नियंत्रित करता है। ट्रंप ने इस गर्मी में इसे रENEW करने से इनकार कर दिया था। कार्नी ने कहा कि वार्ता टूटने से यूएसएमसीए के लिए अच्छी खबर नहीं है। दोनों देशों ने एक-दूसरे को दोषी ठहराया है। अमेरिका का कहना है कि कनाडा के जवाबी कदमों ने मजबूर किया, जबकि कनाडा का दावा है कि अमेरिका ने गलत गणना कर टैरिफ बढ़ाए।












