अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भारत के चुनाव सिस्टम की तारीफ की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह बात कही। ट्रम्प ने हाल ही में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से हुई बातचीत का जिक्र किया।
ट्रम्प की पोस्ट में क्या था
ट्रम्प ने लिखा कि इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनकी प्रशासन से पूछा था – अमेरिका में वैध फोटो आईडी के बिना चुनाव कैसे होते हैं? ट्रम्प ने भारत के पिछले आम चुनाव का जिक्र करते हुए बताया कि उसमें 64 करोड़ 60 लाख मतदाता थे। इनमें से एक फीसदी से भी कम ने डाक से वोट डाला। और हर मतदाता के पास वैध फोटो पहचान पत्र होना जरूरी था।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को भी सेव अमेरिका एक्ट पास करना चाहिए। उन्होंने लिखा – हमें अभी सेव अमेरिका एक्ट पास करना है।
सेव अमेरिका एक्ट की बात
व्हाइट हाउस के अनुसार यह बिल चाहता है कि संघीय चुनावों में सिर्फ अमेरिकी नागरिक ही वोट डाल सकें। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी चुनावों का फैसला सिर्फ अमेरिकी नागरिकों को ही करना चाहिए। यह बिल कांग्रेस में 29 जनवरी को पेश किया गया था।
बिल के मुताबिक वोटिंग के लिए रजिस्टर करते समय वैध पहचान पत्र और अमेरिकी नागरिकता का सबूत देना होगा। डाक से वोटिंग को सीमित करने का प्रस्ताव है। यह सिर्फ बीमारी, विकलांगता, सैन्य सेवा या यात्रा जैसी खास स्थितियों में ही हो सकेगी। राज्यों को गैर-नागरिकों को संघीय मतदाता सूची से हटाने को भी कहा गया है।
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अन्य देशों से तुलना
व्हाइट हाउस ने कहा कि भारत और ब्राजील में वोटर आईडी को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ा जाता है। जबकि अमेरिका में नागरिकता के लिए ज्यादातर खुद की घोषणा पर भरोसा किया जाता है। प्रशासन का कहना है कि अमेरिका में वोटर आईडेंटिफिकेशन के नियम दूसरे कई देशों के मुकाबले कमजोर हैं।
ट्रम्प बार-बार इस बिल का समर्थन कर रहे हैं। उनका तर्क है कि चुनावों को और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त वोटर आईडी और नागरिकता के नियम जरूरी हैं। ज्ञानेश कुमार से हुई बातचीत का हवाला देते हुए ट्रम्प ने भारत के सिस्टम को उदाहरण के तौर पर पेश किया।











