वाशिंगटन / तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के बीच एक बेहद सनसनीखेज अंतरराष्ट्रीय खुलासा सामने आया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सबसे भरोसेमंद और करीबी सर्कल को एक सीक्रेट प्राइवेट मैसेज भेजकर हिलाकर रख दिया है।
तेहरान के एक उच्च पदस्थ अधिकारी की ओर से भेजे गए इस बेहद गोपनीय संदेश में ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर (Jared Kushner) और उनके अरबपति दोस्त स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) पर बंद कमरे में चल रही परमाणु व शांति वार्ता की खुफिया जानकारियां लीक करने और फाइनेंशियल मार्केट में भारी हेराफेरी कर अरबों डॉलर कमाने का चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही व्हाइट हाउस के भीतर खलबली मच गई है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भेजा गया खुफिया संदेश
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यह संवेदनशील प्राइवेट मैसेज सीधे अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) को भेजा है। इस संदेश में ईरान ने सीधे तौर पर मांग की है कि जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ को इस अत्यंत गोपनीय वार्ता से तुरंत दूर रखा जाए, क्योंकि दोनों इस शांति वार्ता की आड़ में एक बड़ा आर्थिक खेल खेल रहे हैं।
ईरान का गंभीर आरोप है कि ये दोनों प्रभावी व्यक्ति अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीक्रेट बातचीत की बेहद संवेदनशील कूटनीतिक जानकारियों का इस्तेमाल ‘इंसाइडर ट्रेडिंग’ (Insider Trading) और मार्केट मैनिपुलेशन के लिए कर रहे हैं।
9 बिलियन डॉलर की हेराफेरी और 50% हिस्सेदारी का दावा
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस खुफिया जानकारी के दम पर कुशनर और विटकॉफ ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से करीब 9 बिलियन डॉलर (यानी करीब 75,000 करोड़ रुपये) का मोटा मुनाफा कमाया है।
ईरान के संदेश और दस्तावेजों के मुख्य बिंदु:
- पक्के सबूतों का दावा: ईरान ने एक तीसरे बिचौलिए देश के माध्यम से अमेरिका को लिखित दस्तावेज सौंपे हैं, जिन्हें पैसों की इस कथित हेराफेरी का पुख्ता सबूत बताया जा रहा है।
- आधे मुनाफे की मांग: इस मामले में सबसे हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब ईरान ने इस 9 बिलियन डॉलर के कथित मुनाफे में से 50 फीसदी हिस्सेदारी, यानी 4.5 बिलियन डॉलर की मांग अमेरिकी प्रशासन के सामने रख दी।
- ऐतिहासिक दस्तावेज: ईरानी अधिकारी का कहना है कि यह मांग आधिकारिक रूप से अमेरिकी अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है और समय आने पर ये दस्तावेज इतिहास का हिस्सा बनेंगे।
इजरायल को खुफिया जानकारी लीक करने का आरोप
ईरान ने केवल वित्तीय हेराफेरी का ही आरोप नहीं मढ़ा है, बल्कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा भी उठाया है। ईरान का दावा है कि जेरेड कुशनर इस सीक्रेट वार्ता से जुड़ी पल-पल की खुफिया जानकारी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के साथ लगातार साझा कर रहे हैं।
“चूंकि ईरान और इजरायल के बीच बेहद आक्रामक दुश्मनी (छत्तीस का आंकड़ा) है, इसलिए तेहरान ने जेडी वेंस को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि कुशनर और विटकॉफ आगे भी इस द्विपक्षीय बातचीत का हिस्सा बने रहे, तो अमेरिका के साथ भविष्य में किसी भी प्रकार की शांति वार्ता पूरी तरह से नामुमकिन हो जाएगी।”
डिफेंसिव मोड में ट्रंप प्रशासन, आरोपों को बताया ‘चालबाजी’
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गंभीर खुलासे के बाद ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस तुरंत पूरी तरह से डिफेंसिव (रक्षात्मक) मोड में आ गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने ईरान के इन सभी दावों और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इस लीक रिपोर्ट पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि अमेरिका को ईरान की तरफ से ऐसा कोई भी सीक्रेट या प्राइवेट मैसेज कभी प्राप्त नहीं हुआ है। ट्रंप खेमे का कहना है कि यह अमेरिका के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और नवगठित प्रशासन के भीतर फूट डालने, भ्रम फैलाने और वैश्विक स्तर पर नया बवाल खड़ा करने की ईरान की एक सोची-समझी कूटनीतिक चालबाजी है।











