‘हम देखेंगे’ आखिर है क्या? फैज़ अहमद फैज़ की मशहूर नज़्म ‘हम देखेंगे’ एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में नंदिता नारायण द्वारा इस नज़्म के गायन के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। इस एक्सप्लेनर में जानिए—
• ‘हम देखेंगे’ का इतिहास
• फैज़ अहमद फैज़ ने यह नज़्म क्यों लिखी?
• ‘बस नाम रहेगा अल्लाह का’ पंक्ति पर विवाद क्यों होता है?
• CAA, शाहीन बाग, JNU और CJP जैसे आंदोलनों में यही नज़्म बार-बार क्यों सुनाई देती है?
• समर्थकों और आलोचकों के अलग-अलग तर्क क्या हैं?
• शरजील इमाम के लेख में क्या दावा किया गया?
यह वीडियो इस बहस के विभिन्न पक्षों, ऐतिहासिक संदर्भों और सार्वजनिक विमर्श में मौजूद प्रमुख तर्कों को समझने का प्रयास है। अगर वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें और Panchjanya Explainer को Subscribe करना न भूलें।

















