सोशल मीडिया से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी अब सड़क की राजनीति करने जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार (6 जून) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। इसके लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके अमेरिका से दिल्ली आए हैं। पार्टी ने बुधवार (3 जून) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने तीन प्रवक्ता घोषित किए। सौरभ दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका को इस पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता बनाया है।
प्रकाश राज, प्रशांत भूषण, सोनम वांगचुक, रौनक खत्री, विजय कुंभार समेत कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन किया। वहीं, आलोचकों ने इसे एक प्रायोजित ऑनलाइन पॉलिटिकल थिएटर करार दिया है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से एक पैकेज्ड डिजिटल कैंपेन है, जिसे विपक्षी दलों द्वारा राजनीतिक हित साधने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने इसके विरोध करने के तरीके पर सवाल उठाए और 6 जून का प्रदर्शन केवल सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किया जा रहा है।
मुस्लिम आईटी सेल, व्यंग्यकार और तनवीर जैसे कई मुस्लिम सोशल मीडिया हैंडल्स ने मुसलमानों को 6 जून के प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दी है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपनी शिक्षा और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास कौन हैं
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता घोषित किए गए सौरभ दास अपने बयानों और पत्रकारिता के दौरान झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने लेकर विवादों में रहे। पिछले साल 25 नवंबर को इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण विरोधी प्रदर्शनों में सौरभ दास शामिल थे। उन्होंने इस दौरान खूंखार नक्सली मदवी हिडमा के समर्थन में ‘तुम कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा’ का नारा लगाया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रावधान लागू करने के लिए पुलिस की आलोचना की।
2024 में दास ने वामपंथी प्रचार पत्रिका ‘द कारवां’ में पूर्व मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ एक लेख लिखा, जिसमें उन्होंने न्यायपालिका में पक्षपात को लेकर चिंता जताई। लेख में दास ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को मोदी सरकार का बेहद करीबी बताते हुए उनके द्वारा सुनाए गए महत्वपूर्ण फैसलों पर सवाल उठाए और राम जन्मभूमि एवं ज्ञानवापी से जुड़े फैसलों की आलोचना की। फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान सौरभ दास ने पोस्ट कर इस्लामवादियों द्वारा प्रायोजित हिंसा को ‘हिंदुत्व की रणनीति’ करार दिया।
2024–2025: दास ने बार-बार उमर खालिद की जेल की सजा का जिक्र किया, उसकी कानूनी कार्रवाई में देरी की आलोचना की और ऐसे मामलों में न्यायपालिका के कामकाज पर सवाल उठाए। इसी दौरान दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपी गुलफिशा फातिमा का समर्थन किया और उस पर लगे आरोपों को गलत बताया।
जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद दास ने लोगों से कहा कि वे दूसरी मस्जिदों के नीचे मंदिर होने का दावा न करें। जून 2024 में जब दिल्ली के उप-राज्यपाल ने कश्मीर से जुड़ी टिप्पणियों के लिए लेखिका अरुंधति रॉय पर UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी, तो दास ने इस कदम का विरोध किया और रॉय को भारत के बेहतरीन बुद्धिजीवियों में से एक बताया।
जी एन साईबाबा को प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से संबंधों के लिए वर्ष 2017 में गढ़चिरौली की सत्र अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन दास ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें एक साहसी व्यक्ति बताया था।
किन लोगों का समर्थन मिल रहा
अभिनेता प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 3 जून को पोस्ट कर युवा समर्थकों से ‘कॉकरोच मूवमेंट’ से जुड़ने की अपील की। फिलहाल मैं अभी एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में बहुत दूर हूं, लेकिन मैं वहां पहुंचने की पूरी कोशिश करूंगा। एक्स पर मिस्टर शर्मा के हैंडल से 4 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के पक्ष में पोस्ट किया गया। एक्स पर अर्पित शर्मा (आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य) के हैंडल @iArpitSpeaks से 3 जून 2026 को पोस्ट किया गया, ”कॉकरोच जनता पार्टी ने वो कर दिया जो इस देश में सरकार ने 12 साल में नहीं किया- प्रेस कॉन्फ्रेंस।”
एक्स पर सोनम वांगचुक के आधिकारिक अकाउंट से 4 जून को पोस्ट किया गया, ”फूलों की ताकत। 6 जून को प्यार, शांति और ‘फ्लावर पावर’ की परीक्षा होगी। प्रशांत भूषण ने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन किया और इसे असली Gen Z आंदोलन बताया। कांग्रेस के छात्र नेता रौनक खत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर ‘कॉकरोच आंदोलन’ को अपना समर्थन दिया है। रौनक खत्री DUSU अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान गेस्ट हाउस बुकिंग और कैटरिंग खर्चों से जुड़े लगभग 9-10 लाख रुपये के बकाया भुगतान को लेकर विवादों में भी हैं।
कौन कर रहे आंदोलन का विरोध
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर Megh Updates के हैंडल से 5 जून 2026 को पोस्ट किया कि उत्तर प्रदेश के मऊ सरकारी अस्पताल में CJP के एक सदस्य ने डॉक्टर के साथ मारपीट की। मारपीट करने वाले ने कहा, ”मैं कॉकरोच जनता पार्टी का सदस्य हूं। सरकार को गिराने में हमारी मदद करो।” जब डॉक्टर ने उसे यह सब करने से मना किया और कहा कि अस्पताल कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं है, तो उस व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मारा, उनकी शर्ट फाड़ दी और अस्पताल में तोड़-फोड़ की।
इन्कॉग्निटो के एक्स अकाउंट @Incognito_qfs पर 4 जून को पोस्ट कर आंदोलन की आलोचना की गई। पोस्ट में लिखा गया, पत्रकार: आप जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस से इजाजत क्यों नहीं लेते? कॉकरोच: क्या आपको लगता है कि वे हमें इजाजत देंगे? विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह पर प्रदर्शन करने के लिए इजाजत की क्या जरूरत है? मुझे यकीन है कि जिस दिन हम प्रदर्शन करने की योजना बनाएंगे, वे हमें उसी दिन इजाजत दे देंगे। पोस्ट के आखिर में लिखा गया है- ये कॉकरोच इतने बेवकूफ क्यों होते हैं?
केशव बेदी ने 2 जून 2026 को पोस्ट किया, ”कॉकरोच जनता पार्टी के नेता, जो संसद और कैबिनेट में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण चाहते हैं, उन्होंने पार्टी के लिए तीन प्रवक्ता नियुक्त किए, जिनमें से एक भी महिला नहीं है।”
अनु डागर ने एक्स पर 4 जून 2026 को पोस्ट किया, “ये गंदी नाली के cockroach दिल्ली को नेपाल और बांग्लादेश तो नहीं बना पाएंगे पर इनका गुड़गांव जरूर बनेगा”
CJP को ‘आप’ को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया
मोना पटेल ने एक्स पर दावा किया है कि CJP को ‘आप’ और समाजवादी पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने 5 जून 2026 को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, ”कॉकरोच पार्टी का पॉलिटिकल एजेंडा। यूपी में योगी आदित्यनाथ को हराना। पंजाब में AAP की जीत में मदद करना। CJP का यह आंदोलन देश हित के लिए नहीं है। इसे AAP ने शुरू किया और समाजवादी पार्टी ने इन पार्टियों को चुनाव जीताने में मदद करने के लिए इसका समर्थन किया।”
Tathvam-Asi ने 5 जून 2026 पोस्ट कर CJP की पहुंच पर सवाल उठाए। पोस्ट में लिखा, ”कॉकरोचों ने मशहूर Constitution Club में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस जगह पर कॉन्फ्रेंस के लिए किसी सांसद की सिफारिश जरूरी होती है। INDI अलायंस के सदस्य और RJD सांसद मनोज कुमार झा के सिफारिश पत्र ने उनकी मिलीभगत का पर्दाफाश कर दिया है।
विजेता दहिया ने ध्रुव राठी के वीडियो की स्क्रिप्ट लिखी
सैफ्रन चार्जर्स के हैंडल @SaffronChargers ने 3 जून 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्ट में लिखा गया, ”मिलिए विजेता दहिया से। वह कई सालों से ध्रुव राठी के साथ जुड़े हुए हैं। वह उनके लिए रिसर्च करते हैं और उनके वीडियो के लिए स्क्रिप्ट लिखते हैं। ध्रुव राठी के हिंदू-विरोधी प्रोपेगैंडा वीडियो के पीछे वही हैं। उन्होंने ही उस वीडियो के लिए रिसर्च की और स्क्रिप्ट लिखी, जिसमें ध्रुव राठी ने दावा किया था कि भगवान राम मांस खाते थे। जब एक पॉडकास्ट में विजेता दहिया से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उस वीडियो की स्क्रिप्ट उन्होंने ही लिखी थी।”
पोस्ट में आगे लिखा गया कि उन्होंने बेशर्मी से यह भी दावा किया कि भगवान राम मांस खाते थे। अब, विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी का प्रवक्ता बना दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। CJP के नाम पर विजेता दहिया, ध्रुव राठी और दूसरे वामपंथी लोग हिंदुओं और Gen Z को गुमराह करने के लिए प्रोपेगैंडा अभियान चला रहे हैं। कोई भी हिंदू कभी भी उनका समर्थन नहीं करेगा जो भगवान राम को मांस खाने वाला बताकर उनका अपमान करते हैं।
CJP विरोध-प्रदर्शन नहीं अटेंशन चाहती है
द प्रोफेसर हैंडल @makerz_king से 4 जून 2026 को पोस्ट किया गया, ”स्कैम का पर्दाफाश। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 6 जून के लिए एक प्लान है। अभिजीत एयरपोर्ट पर उतरेंगे, समर्थकों से उन्हें रिसीव करने को कहा जाएगा फिर पूरी भीड़ जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की इजाजत मांगने के लिए पुलिस स्टेशन तक मार्च करेगी। क्या यह एक्टिविज्म जैसा लगता है? मैं आपको बताता हूं कि असल में यह क्या है? जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की इजाजत लेना बहुत आसान है। कोई भी आम नागरिक घर बैठे, ऑनलाइन, कई दिन पहले ही ऐसा कर सकता है। न एयरपोर्ट जाने की जरूरत, न भीड़ की, न किसी ड्रामे की। तो फिर इस तरह से क्यों? क्योंकि वे असल में विरोध-प्रदर्शन नहीं करना चाहते।”
उन्होंने पार्टी के खिलाफ आगे लिखा कि वे एयरपोर्ट पर कैमरे चाहते हैं, दिल्ली से गुजरता हुआ एक बड़ा और शोर-शराबे वाला काफिला ताकि पुलिस उन्हें रोके या गिरफ्तार करे और जैसे ही ऐसा होगा, वे चिल्लाने लगेंगे कि भाजपा हमें दबा रही है। यह विरोध-प्रदर्शन नहीं है। यह कॉकरोच जनता पार्टी का लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया गया एक ड्रामा है। असली एक्टिविस्ट पहले इजाजत लेते हैं और बाद में विरोध-प्रदर्शन करते हैं। ये लोग पकड़े जाना चाहते हैं, क्योंकि असल मकसद यही है। आम आदमी के लिए एक सीधा सा सवाल: अगर उनका मकसद सही है, तो वे बाकी लोगों की तरह एक साधारण फॉर्म भरकर इजाजत क्यों नहीं ले सकते थे?
अंकुर सिंह ने 5 जून 2026 को पोस्ट किया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दिपके ने ‘रंग दे बसंती’ फिल्म का एक सीन शेयर किया था, जिसमें कुछ युवा क्रांति लाने के लिए देश के रक्षा मंत्री की हत्या कर देते हैं। आखिर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ क्या करने की योजना बना रही है?
विजय पटेल ने डेटा हटाने का खुलासा किया
ऑफिस ऑफ विजय पटेल के हैंडल @VijayGajeraO से 5 जून 2026 को पोस्ट में खुलासा किया गया कि विदेशी रईसों से फंड पाने वाले नक्सली कॉकरोच ने वेबसाइट से अपना डेटा हटाना शुरू कर दिया है, लेकिन वह इसे आर्काइव से कैसे हटाएंगे?
मुस्लिम हैंडल्स ने विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की
मुस्लिम आईटी सेल के हैंडल @Muslim_ITCell से 3 जून 2026 को पोस्ट किया गया, ”प्यारे भारतीय मुस्लिम युवाओं (GenZ), अभिजीत दिपके (कॉकरोच जनता पार्टी) विरोध प्रदर्शन का आह्वान कर रहे हैं, इसमें शामिल न हों। इसके आसपास भी न जाएं। एयरपोर्ट के पास भी न पहुंचें। इसके बारे में सोचें भी नहीं। कम से कम 10 किलोमीटर की दूरी बनाए रखें। यह आपके भविष्य को बर्बाद करने के लिए बिछाया गया एक जाल है। वे आपको मोहरे की तरह इस्तेमाल करेंगे, तस्वीरें खींचेंगे, सुर्खियां बटोरेंगे और गायब हो जाएंगे। वहीं आप जेल में सड़ेंगे और आपकी शिक्षा, करियर और जिंदगी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह हिंदुत्व की सरकार है, यानी बहुसंख्यकों की सरकार। बहुसंख्यकों को अपनी लड़ाई खुद लड़ने दें। आज आपकी लड़ाई सड़कों पर नहीं है। आपकी लड़ाई अस्तित्व बचाने, बेहतर बनने और भविष्य के लिए ताकत बनाने की है। बेवकूफ न बनें। उकसावे में न आएं। उनके हाथों का खिलौना न बनें। घर पर रहें। समझदारी दिखाएं। सुरक्षित रहें। अपने भविष्य की रक्षा वैसे ही करें जैसे आप अपनी जान की करते हैं, क्योंकि असल में आपका भविष्य ही आपकी जान है।”
‘Sarcastic’ ने मुसलमानों से प्रदर्शन से दूर रहने को कहा
एक्स पर Sarcastic नाम के हैंडल से 4 जून 2026 को पोस्ट किया गया, ”प्यारे मुसलमानों, कृपया ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की ओर से जंतर-मंतर पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से बचें। 2020 में चंद्रशेखर आजाद ने आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर जाफराबाद में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था और अपने मकसद को आगे बढ़ाने के लिए CAA विरोधी प्रदर्शन का इस्तेमाल किया था, जिनका नेतृत्व मुख्य रूप से मुसलमान कर रहे थे। जब मुस्लिम-विरोधी दंगे भड़के, तो वे मौके से गायब हो गए और हमारे समुदाय को अकेले ही अंजाम भुगतने के लिए छोड़ दिया गया। साथ ही, यह न भूलें कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों के बाद अक्सर मुसलमानों को ही गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। सावधान रहें, सोच-समझकर फैसला लें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।”
मुस्लिम समुदाय के सभी साथियों से जरूरी गुजारिश
एक्स हैंडल तनवीर ने 4 जून 2026 को मुसलमानों को आगाह करते हुए पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- मुस्लिम समुदाय के सभी साथियों से एक जरूरी गुजारिश। आने वाली 6 जून को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। हालात और इतिहास को देखते हुए आप सभी से पुरजोर अपील है कि इससे पूरी तरह दूरी बनाकर रखें। याद रखिए, ऐसे माहौल में अक्सर अशांति फैलती है और राजनीति का शिकार हमेशा हमारे समाज के बेकसूर नौजवानों को बनाया जाता है। इतिहास गवाह है कि भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोग तो सुरक्षित निकल जाते हैं, लेकिन कानूनी कार्रवाई, झूठे मुकदमों और सालों की जेल का दर्द सिर्फ आम और मासूम परिवारों को झेलना पड़ता है।”
तनवीर ने आगे लिखा कि कोर्ट-कचहरी के चक्करों में घर-बार, दुकान और पूरा करियर तबाह हो जाता है। कोई भी राजनीतिक दल या नेता मुसीबत के वक्त स्टैंड नहीं लेता। वक्त आने पर सब पल्ला झाड़ लेते हैं। भावुकता में बहने के बजाय समझदारी से काम लें। अपनी पूरी ऊर्जा अपने काम-धंधे, रोजगार और अपने बच्चों की तालीम को बेहतर बनाने में लगाएं।
इंटरनेशल मीडिया का समर्थन, तुर्की का सरकारी मीडिया भी?
एक्स हैंडल टीआरटी वर्ल्ड (@trtworld) ने 4 जून 2026 को एक लेख प्रकाशित किया, “अमेरिका में रहने वाले भारतीय छात्र की कॉकरोच जनता पार्टी उन लाखों लोगों की आवाज बन गई है, जो मोदी की भाजपा पार्टी के लिए पूरी तरह तैयार हैं।” TRT वर्ल्ड ने कॉकरोच जनता पार्टी के पक्ष में कई फेसबुक, इंस्टाग्राम पोस्ट और वीडियो शेयर किए हैं। दरअसल, भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (2025) के दौरान और उसके बाद तुर्की ने पाकिस्तान का जोरदार समर्थन किया था। वे अक्सर भारत-विरोधी खबरें चलाते हैं।
ब्लूमबर्ग ने मोदी विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा दिया
ब्लूमबर्ग के एक्स हैंडल पर 4 जून 2026 को एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें कई लेख, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट पब्लिश किए हैं। इनमें ऐसी हेडलाइंस शामिल हैं: “जो एक मजाक के तौर पर शुरू हुआ था, अब वह एक आंदोलन बन रहा है। वायरल कॉकरोच आंदोलन का नेता Gen-Z के विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने भारत आ रहा। कैसे कॉकरोच वाले तंज ने भारत के बेरोजगार युवाओं को एकजुट किया।”
वे इन बातों पर जोर देते हैं: करोड़ों फॉलोअर्स (जो भाजपा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स से भी ज्यादा हैं), बेरोजगारी को लेकर युवाओं की निराशा, NEET/परीक्षा घोटाले, पेपर लीक और मोदी के 12 साल के शासन में गवर्नेंस की नाकामी।

















