लुधियाना में वाल्मीकि समाज ने नशों के खिलाफ आवाज उठाई तो गुस्साए नशा तस्करों ने उन पर हमला कर दिया। महानगर के ताजपुर रोड स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में कथित नशा तस्करों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 20 से 25 हमलावरों ने मंदिर पर पथराव किया, मंदिर परिसर में घुसकर शीशे तोड़ दिए और हथियारों के बल पर जमकर उत्पात मचाया। हमले में 20 वर्षीय गौरव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में चोट आई है और एक हाथ टूटने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद वाल्मीकि समाज और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में लोग थाना डिवीजन नंबर-7 के बाहर एकत्र हुए और धरना देकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मामले में एससी/एसटी एक्ट और धार्मिक स्थल की बेअदबी से संबंधित धाराएं जोडऩे के साथ सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
स्थानीय निवासी चंद्रपाल ने आरोप लगाया कि इलाके में कुछ लोग लंबे समय से कथित रूप से नशा बेच रहे थे। वाल्मीकि समाज, मोहल्ला सुधार समिति के पदाधिकारियों और बुजुर्गों ने उन्हें कई बार ऐसा करने से रोका और युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की थी। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते 6 जुलाई को आरोपी बड़ी संख्या में कॉलोनी में पहुंचे और हमला कर दिया। इस दौरान मंदिर को भी निशाना बनाया गया तथा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ भी मारपीट की गई।
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है और वे भी उसी मुहिम के तहत अपने क्षेत्र को नशामुक्त रखने का प्रयास कर रहे थे। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद शुरुआती स्तर पर आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते लोगों को थाने के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। पुलिस ने घायल गौरव की शिकायत पर 25 से 30 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले के जांच अधिकारी थाना डिवीजन नंबर-7 के थानेदार चरनजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।











