नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं। उनकी यात्रा से पहले ही देश की राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा चुके हैं। पुतिन की सुरक्षा टीम पहले से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए है। उनकी यात्रा के दौरान कई जगहों का ट्रैफिक डाइवर्ट रहेगा। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाकी बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे। दुनिया में पुतिन की सुरक्षा सबसे ज्यादा पुख्ता मानी जाती है। जब वह किसी भी देश की यात्रा पर जाते हैं तो उनकी पर्सनल सिक्योरिटी से लेकर बख्तरबंद कार भी उनके साथ लैंड करती है। यहां हम आपको पुतिन की कार के बारे में बता रहे हैं जिस पर ड्रोन, बम और मिसाइल सब अटैक फेल हैं…
बुलेटप्रूफ है पुतिन की कार…मिसाइल अटैक को भी कर देती है असफल
इस कार के बारे में कहा जाता है कि अगर इस पर मिसाइल अटैक भी होता है तो अंदर बैठा शख्स जिंदा निकल सकता है। पुतिन की लिमोजिन कार का नाम ऑरस सीनेट है। यह रूसी लक्जरी सेडान है। इस कार को राष्ट्रपति पुतिन के लिए खास तरह से डिजाइन किया गया है। इस कार को रशियन रॉल्स रॉयस के नाम से भी जाना जाता है। कार के अंदर लग्जरी की कोई कमी नहीं है। यह कार पूरी तरह से बुलेटप्रूफ है। इसे किसी भी गोली से नहीं भेदा जा सकता है। कहा जाता है कि इस कार पर मिसाइल या ड्रोन अटैक का असर नहीं हो सकता है।

पानी में सबमरीन बन जाती है पुतिन की कार….
रूस के राष्ट्रपति पुतिन जिस कार में चलते हैं वो महज 6 से 9 सेकेंड में 100 किमी की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड करीब 160 किमी प्रति घंटा है। यह कार अगर पानी में गिर जाए तो ये डूबेगी नहीं, बल्कि एक सबमरीन की तरह काम करने लगेगी। अगर किसी कारण इस कार का टायर ब्लास्ट होता है तो ये रुकने की जगह तेजी से भागती ह। ऑरस सीनेट के 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन को हाइब्रिड सिस्टम के साथ जोड़ा गया है जिससे इसे ताकत मिलती है। यह कार केमिकल अटैक को भी झेल सकती है। इस कार में केमिकल अटैक से निपटने वाली टेक्नोलॉजी लगी है। इस कार में ऐसे कई एडवांस फीचर्स हैं जिनके खुलासे नहीं हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पुतिन की कार सबसे सुरक्षित है और इसमें पोर्टेबल टॉयलेट से लेकर हर तरह की सुविधाएं और सुरक्षा उपकरण लगे हुए हैं।











