ओडिशा

Fact Check: ओडिशा नवरंगपुर में किसान, महिलाएं और बच्चे परमाणु प्लांट के विरोध में सड़क पर उतरे, क्या है सच्चाई?

सोशल मीडिया पर ओडिशा के नबरंगपुर का वीडियो परमाणु ऊर्जा प्लांट विरोध बताकर वायरल हो रहा है। असल में यह जिला नारी महासंघ के नेतृत्व में शराबबंदी की रैली है।

Published by
कुलदीप सिंह

सोशल मीडिया पर ओडिशा के नबरंगपुर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि लोग परमाणु ऊर्जा प्लांट का विरोध कर रहे हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर प्रदर्शन करती दिख रही हैं।

कुछ लोग इस वीडियो के साथ लिख रहे हैं कि आदिवासी महिलाएं और किसान परमाणु प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि पूर्वजों की जमीन और आजीविका छिनने के डर से लोग सड़क पर उतरे हैं। कुछ पोस्ट में इसे ट्राइबल राइट्स और डेवलपमेंट का मुद्दा बताया जा रहा है।

असली बात क्या है

PIB फैक्ट चेक यूनिट ने साफ किया है कि यह वीडियो परमाणु प्लांट वाले विरोध का नहीं है। यह नबरंगपुर की महिलाओं के शराबबंदी वाले प्रदर्शन का है। 16 अक्टूबर 2026 को जिले की कई पंचायतों और ब्लॉकों से हजारों महिलाएं इकट्ठा हुईं। उन्होंने चमुड़ियागुड़ा चौक से रैली निकाली और कलेक्टर ऑफिस पहुंचीं। जिला नारी महासंघ के नेतृत्व में उन्होंने 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांगों में अवैध शराब की दुकानें बंद करने, अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई और पूरे जिले को शराब मुक्त घोषित करने की बात शामिल है।

महिलाओं का कहना है कि गांवों में सस्ती शराब की वजह से घरेलू झगड़े और हिंसा बढ़ रही है। वीडियो में भीड़ और बैनर दिख रहे हैं, लेकिन पीआईबी के अनुसार यह शराब बंदी की मांग वाला प्रदर्शन ही है।

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