डोनाल्ड ट्रंप सोचते हैं कि अमेरिका की ताकत के दम पर वो मनमाने तरीके से दूसरे देशों पर रौब झाड़ सकते हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने भारत पर 100% टैरिफ थोप दिया था। लेकिन, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि भारत अमेरिका की कमजोर नस (ऊर्जा) को दबा देगा। इसका असर ये हुआ है कि अब ट्रंप ने रूस को लेकर भारत पर लगाए गए व्यापार शुल्कों और प्रतिबंधों को हटा दिया है। इसके साथ ही चीन को भी राहत दी गई है। ये कदम शुक्रवार देर रात जारी एक कार्यकारी आदेश के जरिए लिया गया।
ट्रंप का फैसला क्या है
ट्रंप ने भारत को ट्रेड शुल्कों में राहत देने की घोषणा की। चीन को भी इसी तरह की छूट दी गई। ये राहत उस कानून के तहत आने वाले प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू न करने की है, जिस पर उन्होंने बीते महीने साइन किया था। राष्ट्रपति ने कांग्रेस को एक प्रमाण-पत्र सौंपा है और इसे राष्ट्रहित में उठाया गया कदम बताया है।
ग्राहम एक्ट क्या कहता है
ये कानून दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम से जुड़ा है। इसके तहत अमेरिका रूस पर सख्त आर्थिक कदम उठाना चाहता था। कानून में प्रावधान है कि अगर कोई देश रूस से ज्यादा मात्रा में तेल खरीदे तो उसे आर्थिक प्रतिबंध झेलना पड़े। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर ये लागू होता। इनमें उन देशों को छूट मिलती जो अपनी कुल जरूरत का सिर्फ 15 फीसदी ही तेल आयात करते हैं। बाकी पर 100 से 500 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता था। रूस से तेल-गैस खरीदने वालों पर पूरे 100 फीसदी तक शुल्क लगने का प्रावधान था, जिससे व्यापार करने वाले देशों को आर्थिक नुकसान होता।
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भारत और चीन पर असर
चीन के बाद भारत रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। ट्रंप के इस फैसले से दोनों देशों को राहत मिलेगी। वो कानून के तहत प्रतिबंध लगाने वाले थे, लेकिन अब छूट दे दी गई है।
अमेरिका-रूस संबंधों का हाल
ये आदेश उस समय आया जब ट्रंप यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की आलोचना कर रहे थे और रूस के साथ नजदीकी बढ़ रही थी। कुछ दिनों से अमेरिका और रूस के बीच नजदीकी देखी जा रही है। ट्रंप रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्राध्यक्षों से युद्ध रोकने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने दोनों देशों पर दबाव भी डाला, लेकिन युद्ध रुका नहीं।
रोक कितने दिन तक
रूस से जुड़े टैरिफों को लागू करने पर ये रोक फिलहाल कुछ दिनों की हो सकती है। ट्रंप भविष्य में फायदा-नुकसान देखकर इसे लागू भी कर सकते हैं। इसलिए ये रोक लंबे समय तक रहेगी या नहीं, इस पर अभी साफ नहीं है। उनके ताजा निर्देश के मुताबिक स्थिति बदल सकती है।












