
कल का पंचांग
17 अक्टूबर 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पूरे दिन और रात रहेगी। शनिवार होने के कारण इस दिन शनिदेव की पूजा और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, शनिवार वर्ष का 290वां दिन होगा। इस दिन मूल नक्षत्र सुबह 9 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। अतिगण्ड योग रात 11 बजकर 03 मिनट तक और गर करण शाम 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इस दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में बताया गया है। धार्मिक कार्यों या यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त देखना उचित रहेगा।
17 अक्टूबर को सूर्योदय के समय सूर्य कन्या राशि में, चंद्रमा धनु राशि में, मंगल और गुरु कर्क राशि में तथा बुध और शुक्र तुला राशि में रहेंगे। शनि मीन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित बताए गए हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन ग्रहों की स्थिति का संबंध जीवन के विभिन्न पहलुओं से जोड़ा जाता है। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।
दिए गए पंचांग के अनुसार, तुला लग्न सुबह 6:04 बजे, वृश्चिक लग्न सुबह 8:19 बजे और धनु लग्न सुबह 10:35 बजे शुरू होगा। मकर लग्न दोपहर 12:40 बजे, कुंभ दोपहर 2:26 बजे और मीन लग्न दोपहर 3:59 बजे आरंभ होगा। इसके बाद मेष लग्न शाम 5:29 बजे, वृषभ शाम 7:10 बजे, मिथुन रात 9:08 बजे और कर्क रात 11:21 बजे शुरू होगा।
शनिवार को शनिदेव की पूजा, जरूरतमंदों को दान और सेवा कार्य करने की परंपरा है। श्रद्धालु इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं। कुल मिलाकर, 17 अक्टूबर 2026 का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति की जानकारी देता है। किसी विशेष पूजा या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।