निचले असम के ग्वालपाड़ा में बच्चों समेत 12 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसने के आरोप में पकड़ा गया। इन सभी को ग्वालपाड़ा शहर के असम राज्य परिवहन निगम बस अड्डे केपास से पकड़ा गया। इनमे 3 बच्चों समेत कुल 12 बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं । ये सभी बांग्लादेश के सिलहट (पश्चिम चांदपुर) और मौलवी बाजार (बरलेखा हासिमपुर गांव) के रहने वाले हैं। असम के श्रीभूमि जिले से सबसे अधिक और लगातार घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्रवाई सामने आयी है जहाँ से पिछले महीनों में सैकड़ों लोगों को वापस भेजा गया है।
प्रवेश का मार्ग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन 12 लोगों का अवैध टोली 5 अक्टूबर को मेघालय के जाफलांग के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। इन सब को नौकरी का झांसा देकर एक दलाल द्वारा यहां लाया गया था।
स्थानीय लोगों की सतर्कता
अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से सरकार का काम बहुत आसान और तेज़ हो गया है। आस-पास के लोगों को शक हुआ और उन्होंने इन 12 लोगों की पुलिस को रिपोर्ट कर दी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सिलसिलेवार कार्रवाई
असम में सिक्योरिटी फोर्स और पुलिस गैर-कानूनी बांग्लादेशी इमिग्रेंट्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं, और हाल ही में कई बड़ी गिरफ्तारियां हुई हैं। इन गिरफ्तारियों और सरकार के सख्त रवैये का पहला फायदा यह है कि गैर-कानूनी बांग्लादेशी अब भारत में आने की हिम्मत नहीं कर रहे हैं, और जो लोग कांग्रेस सरकारों के दौरान यहां आए थे, वे अब जा रहे हैं।
कामाख्या रेलवे स्टेशन पर 57 संदिग्ध बांग्लादेशी पकड़े गए
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस ने गुवाहाटी के कामाख्या रेलवे स्टेशन पर 57 संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठिए को हिरासत में लिया है। ये लोग श्रीनगर और दिल्ली से होते हुए बांग्लादेश भागने की फिराक में थे। इनके पास से फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।
गुवाहाटी होटल छापेमारी
असम पुलिस ने गुवाहाटी में एक होटल पर छापा मारकर 4 महिलाओं और 5 बच्चों समेत 13 बांग्लादेशी घुसपैठिए को पकड़ा जो पहले श्रीनगर में अवैध रूप से रह रहे थे। इसके अलावा ट्रेन से भी 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावे असम पुलिस ने हाल ही में 26 अवैध घुसपैठियों को उनके देश वापस खदेड़ दिया है।
अवैध प्रवासन और मानव तस्करी का एक संगठित नेटवर्क
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार अवैध प्रवासन और मानव तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है जो प्रति व्यक्ति करीब 7,000 से 20,000 रुपये तक वसूलता है।
सुरक्षा उपाय
भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए ड्रोन, बढ़ी हुई निगरानी और बाढ़-चौकी के जरिए सख्ती बरती जा रही है। दित हो की पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा और मेघालय में भाजपा और एनडीए की सरकारों के गठन के बाद अवैध बांग्लादेशियो के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई किया जा रहा है। अवैध बांग्लादेशी बड़े पैमाने पर रात के अँधेरे में ही वापसी कर रहे है। सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई के भय से उनसबो के द्वारा ऐसा कदम उठाया जा रहा है। पूर्व में असम में तरुण गगोई नीत कांग्रेस पार्टी की सरकार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार और त्रिपुरा में वाम दलों की सरकारों के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर इन्हे राजनितिक और सामाजिक दृष्टिकोण से इन राज्यों के रास्ते देश के अलग अलग हिस्सों में बसाया गया जिससे की चुनावों में इनका लाभ लिया जा सके। कांग्रेस या इनके सहयोगी दल जिन सीटों पर चंद वोटो से लगातार हार रहे थे उन सीटों पर इन्हे मतदाता के तौर पर बसाकर राजनीतिक लाभ लिया जा रहा था।

















